{"_id":"97b1cba4c62f1c4f159e6ecb7d4169d2","slug":"provincial-officials-he-went-in-front-of-the-leader-staff-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रांतीय पदाधिकारियों के सामने भिड़े कर्मचारी नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रांतीय पदाधिकारियों के सामने भिड़े कर्मचारी नेता
शाहजहांपुर
Updated Wed, 13 May 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिले में सक्रिय दोनों गुटों का भले ही विलय हो चुका हो, उनके दिल नहीं मिल पाए। नतीजा यह हुआ कि दोनों धड़ों के कर्मचारी नेता बुधवार को चुनाव प्रेक्षक बनकर आए प्रांतीय पदाधिकारियों के सामने भिड़ गए। इस झगड़े के बीच जीआईसी में परिषद का अधिवेशन सिर्फ रस्म अदायगी तक सीमित रहा, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के प्रतिनिधियों ने संगठन की जिला कार्यकारिणी का चुनाव 20 मई तक के लिए टाल दिया।
दरअसल, जिले में अभी तक परिषद के एक गुट की कमान अनिल दीक्षित तो दूसरे गुट की डॉ. अजय नागर संभालते रहे। हाल ही में प्रदेश स्तर पर परिषद के सभी धड़ों का विलय होने पर यहां के कर्मचारी नेताओं को भी अपनी एकता प्रदर्शित करने की सूझी। दोनों धड़ों ने बैठक करके अधिवेशन और द्विवार्षिक चुनाव के लिए बुधवार का दिन तय किया। यही नहीं, दोनों धड़ों के कर्मचारी नेताओं ने खुद को अधिवेशन का संयोजक भी प्रचारित किया।
इसी क्रम में बीते दिन अनिल दीक्षित ने अधिवेशन का कार्यक्रम घोषित कर दिया, लेकिन नागर गुट को विश्वास में नहीं लिया। फिर तो वही हुआ जो होना था। डॉ. नागर ने इसकी शिकायत एकीकृत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष से की। प्रांतीय अध्यक्ष ने विवाद निपटाने के लिए प्रतिनिधि के तौर पर वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष यदुवीर सिंह और प्रदेश मंत्री अतुल मिश्रा को यहां भेजा।
विज्ञापन
प्रांतीय नेताओं ने दोनों धड़ों के अधिवेशन संयोजकों से संपर्क साधा तो उनकी रार सतह पर आ गई। इस पर प्रदेश उपाध्यक्ष ने दोनों धड़ों को पहले आपस में बैठकर दिल मिलाने की सलाह देते हुए चुनाव की तिथि 20 मई मुकर्रर कर दी। उधर, अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में प्रदेश मंत्री मिश्रा ने भी इस बात पर जोर दिया कि एकीकृत हुए हैं तो सरकार को भी लगना चाहिए कि कर्मचारी एक प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं।
विज्ञापन
दरअसल, जिले में अभी तक परिषद के एक गुट की कमान अनिल दीक्षित तो दूसरे गुट की डॉ. अजय नागर संभालते रहे। हाल ही में प्रदेश स्तर पर परिषद के सभी धड़ों का विलय होने पर यहां के कर्मचारी नेताओं को भी अपनी एकता प्रदर्शित करने की सूझी। दोनों धड़ों ने बैठक करके अधिवेशन और द्विवार्षिक चुनाव के लिए बुधवार का दिन तय किया। यही नहीं, दोनों धड़ों के कर्मचारी नेताओं ने खुद को अधिवेशन का संयोजक भी प्रचारित किया।
विज्ञापन
इसी क्रम में बीते दिन अनिल दीक्षित ने अधिवेशन का कार्यक्रम घोषित कर दिया, लेकिन नागर गुट को विश्वास में नहीं लिया। फिर तो वही हुआ जो होना था। डॉ. नागर ने इसकी शिकायत एकीकृत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष से की। प्रांतीय अध्यक्ष ने विवाद निपटाने के लिए प्रतिनिधि के तौर पर वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष यदुवीर सिंह और प्रदेश मंत्री अतुल मिश्रा को यहां भेजा।
विज्ञापन
प्रांतीय नेताओं ने दोनों धड़ों के अधिवेशन संयोजकों से संपर्क साधा तो उनकी रार सतह पर आ गई। इस पर प्रदेश उपाध्यक्ष ने दोनों धड़ों को पहले आपस में बैठकर दिल मिलाने की सलाह देते हुए चुनाव की तिथि 20 मई मुकर्रर कर दी। उधर, अनिल दीक्षित की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में प्रदेश मंत्री मिश्रा ने भी इस बात पर जोर दिया कि एकीकृत हुए हैं तो सरकार को भी लगना चाहिए कि कर्मचारी एक प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं।