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बिजली अभियंताओं, कर्मचारियों ने किया कार्य बहिषकार
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शाहजहांपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी संघर्ष स?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रांतीय आह्वान पर जनपद में विभिन्न वितरण खंडों में नियुक्त अधिशासी, सहायक और अवर अभियंताओं के अलावा टीजी-2 संवर्ग के नियमित कर्मचारियों ने विद्युत संशोधन विधेयक-2020 वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को कार्य बहिष्कार कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तीन घंटे तक विरोध सभा की। इस मौके पर समिति के पदाधिकारियों ने गत वर्ष पारित विधेयक को सरकार समेत कर्मचारियों के लिए नुकसानदेह बताते हुए उसे तत्काल वापस लिए जाने की मांग की। साथ ही अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को इसी आशय का ज्ञापन भेजा।
दोपहर 12 से अपराह्न तीन बजे तक चली विरोध सभा में केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति का विरोध करने के साथ अभियंताओं और कर्मचारियों ने बहिष्कार के लिए अन्य प्रमुख समस्याओं को आधार बनाया। खास यह रहा कि उत्पादन, पारेषण और सिस्टम ऑपरेशन में पाली में कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारी सांकेतिक कार्य बहिष्कार से अलग रहे। संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष एक्सईएन प्रशान्त गुप्ता की अध्यक्षता में हुई विरोध सभा में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण को लाए जा रही निविदा व्यवस्था को निरस्त करने, सभी राज्यों में निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस लेने, सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत करने, पुरानी पेंशन योजना वर्ष 2000 से दोबारा लागू करने, रिक्त हुए नियमित पदों पर भर्तियां करने आदि मांगें प्रमुखता से उठीं।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजे गए ज्ञापन में भी इन्हीं मांगों का उल्लेख किया गया। विरोध सभा में कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता विपुल कुमार जैन, अतुल कुमार, विनोद सिंह राणा, आरके सिंह, तेजराम, प्रदीप राय, केश कुमार, कृष्ण कुमार पटेल, मयंक गोस्वामी, नरेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, मो. फाजिल, जगत सक्सेना, मनीष प्रजापति, शिव सरन प्रसाद, हरिओम, राजीव उपाध्याय आदि शामिल रहे ।
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संविदा कर्मचारियों ने बाद में किया प्रदर्शन
संघर्ष समिति की विरोध सभा के बाद अपराह्न तीन बजे से विद्युत संविदा मजदूर संगठन से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन कर किया। इस मौके पर संगठन की मध्यांचल इकाई के अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने, लाइनों और सब सटेशनों पर काम करने वाले संविदा स्टाफ को प्रति माह 200 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा देने, दुर्घटना में मृतक संविदा कर्मचारियों के परिवार को अनुग्रह राशि पांच से बढ़ाकर 20 लाख रुपये दिए जाने, संविदा कर्मचारियों की कार्य अवधि 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने आदि मांगें प्रमुखता से उठाईं। प्रदर्शन में संगठन के मंउल अध्यक्ष अशोक कुमार पाल, अवनीश कुमार, मुनीश पाल, ब्रजेश गुप्ता, रंजीत सिंह यादव, मोहसिन हसन, सत्य कुमार आर्य, संजय कश्यप, शिवराम राठौर, ईश्वर चंद्र, मो. तारिक खां, अर्जुन लाल, मनोज श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
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दोपहर 12 से अपराह्न तीन बजे तक चली विरोध सभा में केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति का विरोध करने के साथ अभियंताओं और कर्मचारियों ने बहिष्कार के लिए अन्य प्रमुख समस्याओं को आधार बनाया। खास यह रहा कि उत्पादन, पारेषण और सिस्टम ऑपरेशन में पाली में कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारी सांकेतिक कार्य बहिष्कार से अलग रहे। संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष एक्सईएन प्रशान्त गुप्ता की अध्यक्षता में हुई विरोध सभा में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2020 एवं विद्युत वितरण के निजीकरण को लाए जा रही निविदा व्यवस्था को निरस्त करने, सभी राज्यों में निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल वापस लेने, सभी ऊर्जा निगमों को एकीकृत करने, पुरानी पेंशन योजना वर्ष 2000 से दोबारा लागू करने, रिक्त हुए नियमित पदों पर भर्तियां करने आदि मांगें प्रमुखता से उठीं।
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अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजे गए ज्ञापन में भी इन्हीं मांगों का उल्लेख किया गया। विरोध सभा में कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता विपुल कुमार जैन, अतुल कुमार, विनोद सिंह राणा, आरके सिंह, तेजराम, प्रदीप राय, केश कुमार, कृष्ण कुमार पटेल, मयंक गोस्वामी, नरेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, मो. फाजिल, जगत सक्सेना, मनीष प्रजापति, शिव सरन प्रसाद, हरिओम, राजीव उपाध्याय आदि शामिल रहे ।
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संविदा कर्मचारियों ने बाद में किया प्रदर्शन
संघर्ष समिति की विरोध सभा के बाद अपराह्न तीन बजे से विद्युत संविदा मजदूर संगठन से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन कर किया। इस मौके पर संगठन की मध्यांचल इकाई के अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना ने संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने, लाइनों और सब सटेशनों पर काम करने वाले संविदा स्टाफ को प्रति माह 200 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा देने, दुर्घटना में मृतक संविदा कर्मचारियों के परिवार को अनुग्रह राशि पांच से बढ़ाकर 20 लाख रुपये दिए जाने, संविदा कर्मचारियों की कार्य अवधि 55 से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने आदि मांगें प्रमुखता से उठाईं। प्रदर्शन में संगठन के मंउल अध्यक्ष अशोक कुमार पाल, अवनीश कुमार, मुनीश पाल, ब्रजेश गुप्ता, रंजीत सिंह यादव, मोहसिन हसन, सत्य कुमार आर्य, संजय कश्यप, शिवराम राठौर, ईश्वर चंद्र, मो. तारिक खां, अर्जुन लाल, मनोज श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।