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‘रज्जू भैया के जन्मस्थान को स्मारक और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने पर विचार हो’
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शाहजहांपुर के सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन परिसर में प्रो.राजेंद्र सिंह रज्जू भैया के जन्मशती प?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघ चालक प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया की जन्मशती पर सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन में श्रद्धार्पण समारोह मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ब्रज प्रांत के सह कार्यवाह एवं कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि रज्जू भैया के जन्मस्थान को स्मारक और शोध केंद्र के रूप में विकसित करने पर विचार कर आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रज्जू भइया भारत की धरोहर थे। उन्होंने धर्म के प्रति आस्था रखते हुए मानव जीवन को जीने की कला सिखाई और नवीन भारत के लिए युवा पीढ़ी तैयार की।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अपनी स्मृतियों को साझा किया। कहा कि यदि रज्जू भैया की स्मृति में शाहजहांपुर सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन को शोध संस्थान के रूप में विकसित किए जाने का कोई प्रयास किया जाता है, तो उनका पूरा सहयोग रहेगा। यहां बता दें रज्जू भइया का जन्म शाहजहांपुर में हुआ था।
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स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी का विकास कर सकते हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को संकल्पित हैं तो अगर उन्हें जनपद वासियों का सहयोग मिला तो रज्जू भैया की इस जन्मस्थली का विकास भी उसी तर्ज पर किया जाएगा।
सुसंस्कृति संस्था के संयोजक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि प्रो. राजेंद्र सिंह केवल आदर्श शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि राष्ट्र निर्माता भी थे। उन्होंने जिस भारत का स्वप्न देखा था, वह साकार हो रहा है।
समारोह का शुभारंभ यज्ञ, सुंदरकांड पाठ और दीप प्रज्ज्वल्लन से हुआ। समारोह से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने बाबा विश्वनाथ मंदिर से निरीक्षण भवन तक बाइक रैली निकाली। गोष्ठी का संचालन सुरेश चंद्र मिश्र तथा डॉ. अनुराग अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया गया।
इस मौके पर पं. राजाराम मिश्रा, डॉ. बीएल आर्या, विभाग संघचालक ओम प्रकाश गंगवार, डॉ. आलोक कुमार सिंह, डॉ. विकास खुराना, बलबीर सिंह, हरिप्रकाश वर्मा, अरुण गुप्ता, डा. सोमशेखर दीक्षित, डीपीएस राठौर, धर्मेंद्र कुमार, कृष्णपाल सिंह, एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, वीके सिंह, विजय दिवाकर, अरविंद सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि रज्जू भइया भारत की धरोहर थे। उन्होंने धर्म के प्रति आस्था रखते हुए मानव जीवन को जीने की कला सिखाई और नवीन भारत के लिए युवा पीढ़ी तैयार की।
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डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अपनी स्मृतियों को साझा किया। कहा कि यदि रज्जू भैया की स्मृति में शाहजहांपुर सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन को शोध संस्थान के रूप में विकसित किए जाने का कोई प्रयास किया जाता है, तो उनका पूरा सहयोग रहेगा। यहां बता दें रज्जू भइया का जन्म शाहजहांपुर में हुआ था।
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स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी का विकास कर सकते हैं और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को संकल्पित हैं तो अगर उन्हें जनपद वासियों का सहयोग मिला तो रज्जू भैया की इस जन्मस्थली का विकास भी उसी तर्ज पर किया जाएगा।
सुसंस्कृति संस्था के संयोजक डॉ. वीके सिंह ने कहा कि प्रो. राजेंद्र सिंह केवल आदर्श शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि राष्ट्र निर्माता भी थे। उन्होंने जिस भारत का स्वप्न देखा था, वह साकार हो रहा है।
समारोह का शुभारंभ यज्ञ, सुंदरकांड पाठ और दीप प्रज्ज्वल्लन से हुआ। समारोह से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने बाबा विश्वनाथ मंदिर से निरीक्षण भवन तक बाइक रैली निकाली। गोष्ठी का संचालन सुरेश चंद्र मिश्र तथा डॉ. अनुराग अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया गया।
इस मौके पर पं. राजाराम मिश्रा, डॉ. बीएल आर्या, विभाग संघचालक ओम प्रकाश गंगवार, डॉ. आलोक कुमार सिंह, डॉ. विकास खुराना, बलबीर सिंह, हरिप्रकाश वर्मा, अरुण गुप्ता, डा. सोमशेखर दीक्षित, डीपीएस राठौर, धर्मेंद्र कुमार, कृष्णपाल सिंह, एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, वीके सिंह, विजय दिवाकर, अरविंद सिंह, ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।