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किताबों से नजदीकी बढ़ाएंगे बंदी, जेल की लाइब्रेरी होगी अपडेट
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शाहजहांपुर। जेल में विभिन्न आरोपों में बंद बंदियों का ज्ञान को बढ़ाने का प्रयास शुरू हुए हैं। इसके लिए जिला कारागार में लाइब्रेरी को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने लाइब्रेरी के लिए दो हजार किताबों को मंगाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जेल के अंदर स्टडी रूम भी बनाया जाएगा।
जेल में 511 बंदियों को रखने की क्षमता है। क्षमता से तीन गुना से अधिक करीब 1700 बंदी सजा काट रहे हैं। जेल में निरुद्ध बंदियों में 71 महिलाएं, 12 बच्चे भी शामिल हैं। जेल में निरुद्ध आधे बंदी शिक्षित बताए गए हैं। इसके मद्देनजर जेल अधीक्षक ने लाइब्रेरी को अपडेट करने का निर्णय लिया है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि कारागार की लाइब्रेरी काफी संकुचित है। उसमें पर्याप्त किताबें भी नहीं हैं। किताबों को पढ़ने के लिए जगह भी नहीं है। उन्होंने धार्मिक, उपन्यास, साहित्य, खेल और जीवनी आदि से संबंधित करीब दो हजार किताबों को मंगाने का निर्णय लिया। इसके अलावा जेल में एक स्टडी रूम भी तैयार किया जाएगा। जहां बंदी आराम से बैठकर पढ़ सकें।
बंदियों को सिखाया कंप्यूटर
जिला कारागार में बंदियों को कंप्यूटर से दक्ष बनाया जाएगा। उसके लिए बेसिक जानकारी बंदियों को दी जा रहीं हैं। पहले राउंड में 25 बंदियों को प्रशिक्षित किया गया। जल्द ही दूसरा बैच भी शुरू होने जा रहा है।
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जेल में बनेगा सांस्कृतिक हॉल
आए दिन जेल में होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए एक वैकल्पिक हॉल बनाने की तैयारी शुरू की गई। अभी तक सभी कार्यक्रम खुले में होते थे। बारिश और तेज धूप में जेल प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जेल प्रशासन ने हॉल बनवाने के लिए अधिकारियों से पैरवी शुरू कर दी है।
कारागार में परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा। बंदियों के अंदर से नकारात्मक चीजों को निकालकर सकारात्मकता की ओर ले जाने वाली किताबों को लाइब्रेरी में लाया जाएगा। कुर्सी और मेज का इंतजाम भी करेंगे, जिससे बंदी आराम से किताबें पढ़ सकें। - मिजाजी लाल, जेल अधीक्षक
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जेल में 511 बंदियों को रखने की क्षमता है। क्षमता से तीन गुना से अधिक करीब 1700 बंदी सजा काट रहे हैं। जेल में निरुद्ध बंदियों में 71 महिलाएं, 12 बच्चे भी शामिल हैं। जेल में निरुद्ध आधे बंदी शिक्षित बताए गए हैं। इसके मद्देनजर जेल अधीक्षक ने लाइब्रेरी को अपडेट करने का निर्णय लिया है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि कारागार की लाइब्रेरी काफी संकुचित है। उसमें पर्याप्त किताबें भी नहीं हैं। किताबों को पढ़ने के लिए जगह भी नहीं है। उन्होंने धार्मिक, उपन्यास, साहित्य, खेल और जीवनी आदि से संबंधित करीब दो हजार किताबों को मंगाने का निर्णय लिया। इसके अलावा जेल में एक स्टडी रूम भी तैयार किया जाएगा। जहां बंदी आराम से बैठकर पढ़ सकें।
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बंदियों को सिखाया कंप्यूटर
जिला कारागार में बंदियों को कंप्यूटर से दक्ष बनाया जाएगा। उसके लिए बेसिक जानकारी बंदियों को दी जा रहीं हैं। पहले राउंड में 25 बंदियों को प्रशिक्षित किया गया। जल्द ही दूसरा बैच भी शुरू होने जा रहा है।
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जेल में बनेगा सांस्कृतिक हॉल
आए दिन जेल में होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए एक वैकल्पिक हॉल बनाने की तैयारी शुरू की गई। अभी तक सभी कार्यक्रम खुले में होते थे। बारिश और तेज धूप में जेल प्रशासन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जेल प्रशासन ने हॉल बनवाने के लिए अधिकारियों से पैरवी शुरू कर दी है।
कारागार में परिवर्तन करने का प्रयास किया जा रहा। बंदियों के अंदर से नकारात्मक चीजों को निकालकर सकारात्मकता की ओर ले जाने वाली किताबों को लाइब्रेरी में लाया जाएगा। कुर्सी और मेज का इंतजाम भी करेंगे, जिससे बंदी आराम से किताबें पढ़ सकें। - मिजाजी लाल, जेल अधीक्षक