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प्राचार्य ने महिला आयोग की सदस्य का फोन नहीं उठाया, तड़पती रही गर्भवती
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शाहजहांपुर। मदनापुर क्षेत्र के गांव बरीखास निवासी मनमोहन शर्मा की पत्नी स्वाति देवी बुधवार को पूरी रात प्रसव पीड़ा से तड़पती रही और राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन नहीं किया। पीड़ित ने राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल को अपनी पूरी बात बताई। सिफारिश करने के लिए बंसल ने प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार को फोन लगाया पर उन्होंने उनकी कॉल भी रिसीव नहीं की।
बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड का निरीक्षण किया था। उन्हें बेड नंबर दस पर स्वाति शर्मा मिलीं थीं। उसने बताया था कि नौ महीने पूरे हो चुके हैं। डॉक्टर उसका ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। जिस पर बंसल ने तुरंत ही ऑपरेशन के लिए कहा था। उन्होंने स्वाति का नंबर भी नोट कर लिया था। उस समय अधिकारियों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को देने का वादा किया था। लेकिन, शाम होते ही अस्पताल स्टाफ अपने पुराने ढर्रे पर आ गया। स्वाति के पति मनमोहन शर्मा ने बताया कि बुधवार रात उसकी पत्नी पूरी रात दर्द से तड़पती रही।
वह डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर ने बच्चा तिरछा होने की बात कहते हुए नार्मल डिलीवरी होने के लिए आश्वस्त किया। डॉक्टर ने कहा कि इंजेक्शन लगाकर सामान्य प्रसव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पूरी रात स्वाति दर्द से तड़पती रही। बृहस्पतिवार को उसने सुनीता बंसल को फोन कर बताया कि आपके कहने के बाद भी डॉक्टर पत्नी का ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। बंसल ने भी तुरंत ही प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार को फोन किया। प्राचार्य ने इंजेक्शन लगाकर सामान्य प्रसव कराने की बात कही। इसके बाद बंसल द्वारा कई बार प्राचार्य को फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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दर्द से चीख रही पत्नी को कोई देखने नहीं आया
महिला वार्ड में स्वाति का बेहतर इलाज न होने पर मनमोहन शर्मा ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में देरी की वजह से बच्चे की हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर में रखा गया। आरोप है कि पत्नी पूरी रात दर्द से चीखती रही, पर कोई स्वास्थ्यकर्मी देखने तक नहीं आया। ऑपरेशन कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग भी की गई।
राज्य महिला आयोग की सदस्य का फोन आया था। उन्हें हमने वापस फोन भी किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद जूम मीटिंग होने के कारण व्यस्त हो गया था। गर्भवती महिला की नार्मल डिलीवरी के प्रयास किए गए थे। स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप निराधार हैं। -डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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बुधवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड का निरीक्षण किया था। उन्हें बेड नंबर दस पर स्वाति शर्मा मिलीं थीं। उसने बताया था कि नौ महीने पूरे हो चुके हैं। डॉक्टर उसका ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। जिस पर बंसल ने तुरंत ही ऑपरेशन के लिए कहा था। उन्होंने स्वाति का नंबर भी नोट कर लिया था। उस समय अधिकारियों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को देने का वादा किया था। लेकिन, शाम होते ही अस्पताल स्टाफ अपने पुराने ढर्रे पर आ गया। स्वाति के पति मनमोहन शर्मा ने बताया कि बुधवार रात उसकी पत्नी पूरी रात दर्द से तड़पती रही।
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वह डॉक्टर के पास गया। डॉक्टर ने बच्चा तिरछा होने की बात कहते हुए नार्मल डिलीवरी होने के लिए आश्वस्त किया। डॉक्टर ने कहा कि इंजेक्शन लगाकर सामान्य प्रसव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पूरी रात स्वाति दर्द से तड़पती रही। बृहस्पतिवार को उसने सुनीता बंसल को फोन कर बताया कि आपके कहने के बाद भी डॉक्टर पत्नी का ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। बंसल ने भी तुरंत ही प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार को फोन किया। प्राचार्य ने इंजेक्शन लगाकर सामान्य प्रसव कराने की बात कही। इसके बाद बंसल द्वारा कई बार प्राचार्य को फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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दर्द से चीख रही पत्नी को कोई देखने नहीं आया
महिला वार्ड में स्वाति का बेहतर इलाज न होने पर मनमोहन शर्मा ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में देरी की वजह से बच्चे की हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर में रखा गया। आरोप है कि पत्नी पूरी रात दर्द से चीखती रही, पर कोई स्वास्थ्यकर्मी देखने तक नहीं आया। ऑपरेशन कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग भी की गई।
राज्य महिला आयोग की सदस्य का फोन आया था। उन्हें हमने वापस फोन भी किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद जूम मीटिंग होने के कारण व्यस्त हो गया था। गर्भवती महिला की नार्मल डिलीवरी के प्रयास किए गए थे। स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप निराधार हैं। -डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज