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जिला अस्पताल में कूड़े के बीच फेंक दी पीपीई किट, संक्रमण का खतरा

Wed, 17 Jun 2020 02:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2020 02:01 AM IST
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PPE kit thrown between garbage in district hospital, risk of infection
शाहजहांपुर। कोरोना महामारी के चलते देश में दो महीने लॉकडाउन रहा। फिर शर्तों के साथ छूट दी गई। मगर कोरोना संक्रमण फैलता ही जा रहा है। शाहजहांपुर जिले की बात करें तो अब तक 71 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। 50 से अधिक इलाके हॉटस्पॉट घोषित किए गए हैं। बावजूद इसके लोग लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। लोगों के साथ साथ सिस्टम भी लापरवाह बना है। इसकी बानगी जिला अस्पताल में देखने को मिली, जहां कोरोना संक्रमितों का इलाज और देखरेख करने के दौरान पहनी जाने वाली कई पीपीई किटें और मास्क परिसर में कूड़े के ढेर में फेंक दिए गए। इसकी जानकारी जब अस्पताल प्रशासन को हुई तो उन्होंने उसे वहां से उठवाया। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
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कोरोना संक्रमितों को रखने के लिए जिले में तीन कोविड 19 अस्पताल बनाए गए हैं।
ददरौल में लेवल-वन का कोविड अस्पताल है। इसके अलावा दो लेवल-टू के कोविड 19 अस्पताल बनाए गए हैं। जिला चिकित्सालय परिसर में कोविड अस्पताल महिला चिकित्सालय की नई बिल्डिंग में बनाया गया है। जिला अस्पताल परिसर में मुख्य औषधि भंडार के सामने और ट्रामा सेंटर के पीछे डलावघर है, जहां अस्पताल का कूड़ा कचरा पड़ा है। मंगलवार को इस डलावघर पर कूड़े के बीच चार-पांच पीपीई किट पड़ी देखी गईं। यूज किए हुए कई मास्क भी पड़े थे। वहीं कुछ दूरी पर डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ के आवास बने हैं, जिनका रास्ता डलावघर के नजदीक से होकर जाता है। जिला अस्पताल में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिनके तीमारदार इधर-उधर घूमते रहते हैं। पीपीई किट पर लोगों की नजर पड़ी तो वे दहशत में आ गए। इसकी सूचना मिलते ही ईएमओ ने कूड़े में पड़ी पीपीई किट उठवाया।
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मेडिकल वेस्ट की तरह नष्ट की जाती है पीपीई किट
कोरोना संक्रमित का इलाज करने वाले डॉक्टर और देखरेख करने वाले स्वास्थ्य कर्मी संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट पहनते हैं। पीपीई किट केवल एक बार इस्तेमाल होती है। इस्तेमाल की गई पीपीई किट को पैक करके उस पर तारीख व समय दर्ज करके टैग लगा दिया जाता है। इसके बाद निजी कंपनी के कर्मचारी उसे ले जाते हैं। वायो मेडिकल वेस्ट की तरह पीपीई किट का निस्तारण किया जाता है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमपी गंगवार के मुताबिक यह पीपीई किट कहां से आई है। हो सकता है किसी पब्लिक के व्यक्ति नहीं स्कोर मेडिकल कॉलेज के अंदर पहना हो और इस्तेमाल करने के उपरांत यहां लाकर फेंक दिया।
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कूड़ेदान में पीपीई किट किसने फेंकी इसका अभी पता नहीं चला है। मगर इसका पता लगने पर ईएमओ ने हटवा दिया है। मामले में क्लीनिंग कंपनी के मैनेजर और 108 एंबुलेंस के मैनेजर को नोटिस दिया गया है। कोविड के नोडल अधिकारी डॉक्टर सिन्हा को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ एमपी गंगवार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा। ऐसी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। मामले में जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ अभय सिन्हा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, शाहजहांपुर
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