फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   power suply

ओवरलोडिंग के चलते बढ़ी बिजली की मांग बढ़ी, जन्माष्टमी के लिए विशेष तैयारी

Mon, 30 Aug 2021 12:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Aug 2021 12:50 AM IST
विज्ञापन
power suply
शाहजहांपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घरों और मंदिरों में झांकियाें की बिजली से सजावट करने के दौरान हाईटेंशन लाइनों पर ओवरलोडिंग की समस्या बढ़ जाती है। आधी रात को बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए लाइनों की मरम्मत का काम पहले से जारी है। साथ ही त्योहार के दिन बिजली आपूर्ति में व्यवधान रोकने के लिए अधिशासी अभियंता ने सभी उपकेंद्रों पर विशेष टीमें गठित कर क्षेत्रीय अवर अभियंताओं को दिशा निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

शहर में करीब एक लाख उपभोक्ताओं को 33 केवी क्षमता के नौ बिजली उपकेंद्रों से जोड़ा गया है। उनके घरों और प्रतिष्ठानों तक बिजली पहुंचाने के लिए 80 किमी हाईटेंशन और 170 किमी लो-टेंशन लाइनें डाली गई हैं। शहर के मुख्य मार्गों के किनारे पहले से स्थापित तमाम लाइनें बदली जा चुकी हैं। इसी तरह 40 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई, लेकिन ओवरलोडिंग की बढ़ती दिक्कत अब तक कराए कामों पर सवाल खड़े कर रही है। इस बार भी बिजली की मांग और उसके सापेक्ष खपत 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है।
विज्ञापन

यही वजह है कि कभी लाइनें तो कभी ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से खराब हो रहे हैं। बिजली नेटवर्क की इन खराबियों के चलते शहरी क्षेत्र में रोजाना दो से तीन घंटे बत्ती गुल रहना आम बात हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो बमुश्किल छह-सात घंटे बिजली मिल रही है। अधिशासी अभियंता के निर्देश पर सभी सहायक अभियंता और प्रभारी अवर अभियंता सोमवार को मनाई जा रही जन्माष्टमी को ध्यान में रखकर अपने-अपने क्षेत्रों में ओवरलोडिंग वाली लाइनें चिह्नित कर गत सप्ताह से उनमें जरूरी सुधार कराने में जुटे हैं। अभियंताओं के अनुसार फीडरों की लंबी लाइनों को डबल सर्किट व्यवस्था के तहत छोटा करके उन्हें अन्य फीडरों से जोड़ने का काम कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दस मिलियन यूनिट बढ़ी मासिक बिजली खपत
बिजली वितरण खंड द्वितीय (शहरी डिवीजन) में बिजली की न्यूनतम मासिक खपत 14 से 15 मिलियन यूनिट तक होती है। फरवरी, मार्च के दिनों में बिजली की मांग कम रहती है। बाद में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, बिजली की मांग बढ़ने के साथ पावर नेटवर्क की खराबियां भी बढ़ने लगती हैं। सिर्फ जून माह में शहरी उपभोक्ताओं ने 24 मिलियन यूनिट बिजली जला डाली, जबकि बीते अप्रैल व मई माह में बिजली की खपत 17 से 20 मिलियन यूनिट तक सीमित रही। अभियंताओं का कहना है कि बारिश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह से उमस बढ़ने पर सितंबर माह तक बिजली खपत बढ़कर 28 मिलियन यूनिट तक होने का अनुमान है।

बिजली की खपत बढ़ने से लो-टेंशन लाइनों पर भार ज्यादा पड़ रहा है। इसीलिए जन्माष्टमी को ध्यान मेेें रखते हुए इन लाइनों को चिह्नित कर उन्हें बदलने के निर्देश दिए हैं। त्योहार के दिन बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए 33 केवी के सभी उपकेंद्रों पर तीन-तीन कर्मचारियों की विशेष टीमें बनाई गई हैं। अवर अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वह मध्य रात्रि तक टीमों के कर्मचारियों को उपकेंद्रों पर बनाए रखें।
- प्रशांत गुप्ता, अधिशासी अभियंता (शहर), पावर कारपोरेशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed