डाक कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर पर किया प्रदर्शन
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आल इंडिया पोस्टल इंपलाइज ग्रुप सी यूनियन, पोस्टमैन एंड ग्रुप डी यूनियन के केंद्रीय आह्वान पर जिले के डाक कर्मचारियों ने बुधवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल कर प्रधान डाकघर के गेट पर केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों ने रिक्त पदों को भरे जाने, न्यू पेंशन स्कीम वापस लिए जाने, पांच दिवसीय कार्यकारी सप्ताह लागू करने, निजीकरण एवं ठेकेदारी प्रथा पर रोक आदि लंबित मांगों का उल्लेख करके सरकार को निशाने पर लिया। रोजाना की तरह ग्रुप सी और डी के कर्मचारी सुबह दस बजे डाकघरों में पहुंचे, लेकिन अपने-अपने पटल का कामकाज संभालने के बजाय प्रधान डाकघर के गेट पर इकट्ठा हुए। वहां अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। इस अवसर पर हुई गेट मीटिंग में ग्रुप सी के कार्यवाहक अध्यक्ष रामभरत ने कहा कि डाक सहायकों, पोस्टमैन और जीडीएस संवर्ग के रिक्त पद नहीं भरे जाने से कर्मचारियों पर कार्य बोझ असहनीय होने लगा है। ग्रुप सी के मंडलीय सचिव सुरेंद्र सिंह चौहान ने न्यू पेंशन स्कीम तत्काल वापस लिए जाने पर जोर दिया। ग्रामीण डाकसेवक यूनियन के संयोजक वीरेश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग के ढाई लाख ग्रामीण डाक कर्मचारियों को विभागीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए। पोस्टमैन यूनियन के मंडलीय सचिव आशाराम ने विभाग में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने की मांग की। राघवेंद्र प्रताप सिंह ने नए कर्मचरियों को अंतिम वेतन भुगतान की 50 फीसदी पेंशन गारंटी मांगी। हड़ताल और गेट मीटिंग में विभिन्न यूनियनों से जुुड़े बृह्मा सिंह, अमित कुमार, राकेश कुमार सक्सेना, अजय कुमार सिंह, शैलेंद्र कुमार, अमित कुमार आदि ने आरएमएस, पोस्टमास्टर, पोस्टल एकाउंट आदि श्रेणियों में कैडर री स्ट्रक्चर लागू करने, ऑपरेटिव स्टाफ के लिए पांच दिवसीय सप्ताह लागू किए जाने, ग्रामीण डाक सेवकों का महंगाई के सापेक्ष वेतन पुनरीक्षित करने, जीडीएस कमेटी की रिपोर्ट लागू किए जाने आदि मांगोें पर अपनी आवाज बुलंद की।