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कोरोना के बढ़ते संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग से शुरू की पूल टेस्टिंग
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शाहजहांपुर। तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर शासन और प्रशासन दोनों खासे चिंतित हैं। सामुदायिक संक्रमण की आशंका के तहत शासन के निर्देश पर शनिवार से स्वास्थ्य विभाग ने स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों की पूल टेस्टिंग मेडिकल मोबाइल यूनिट के जरिये शुरू कर दी गई है। पूल टेस्टिंग के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की ओर से कैलेंडर जारी किया गया है। उसी के हिसाब से जिले के अलग-अलग जगहों पर चिन्ह्ति लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। शनिवार को शहर में दस मलिन बस्तियों को चिह्नित कर लोगों की जांच की गई।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी गौतम ने बताया कि जांच कराने का उद्देश्य कोरोना संक्रमण का पता लगाना है। इस समय पूरे देश में कोरोना का संक्रमण चल रहा है और उसी के बचाव व रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए है। उसी के तहत प्रमुख सचिव चिकित्सा जांच के लिए कलेंडर जारी किया है। जांच की तारीखे निर्धारित कर दी गई है। 13 जून को अर्वन मलिन एरिया में जांच का दिन निर्धारित किया गया। उसी के तहत मेडिकल मोबाइल यूनट के द्वारा स्लम एरिया में जाकर चिह्नित लोगों की जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि शहर में दस मलिन बस्तियों को चिन्ह्ति किया गया। जांच करने पर अगर किसी में संक्रमण दिखता है, तो उसको कोविड-19 अस्पताल भेजा जाएगा। जहां उसका इलाज हो सके। बोले अभी तक देश में उतनी संख्या में जांच नहीं हो पा रही थी जितनी जरूरत दी, जिस पर सरकार ध्यान दे रही है और चिकित्सा स्वास्थ्य ने कलेंडर जारी किया गया।
आठ अलग हाई रिस्क कैटेगरी की पहचान के बाद जिला स्तरीय जांचों में आई तेजी
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोविड-19 बीमारी की जांच के लिए शासन ने आठ अलग-अलग हाई रिस्क कैटेगरी की पहचान के बाद जिला स्तर पर जांचो में तेजी लाई गई है। नगरीय क्षेत्र में दस स्लम बस्तियों में रहने वाले 10-10 लोगों के सैंपल लिए गए। पूल टेस्टिंग के जरिये स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण का पता लगाएगा। कोरोना टेस्टिंग का यह कार्यक्रम हाई रिस्क वाले अलग-अलग आठ कैटेगरी के लिए लगातार 19 जून तक चलेगा।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी गौतम ने बताया कि जांच कराने का उद्देश्य कोरोना संक्रमण का पता लगाना है। इस समय पूरे देश में कोरोना का संक्रमण चल रहा है और उसी के बचाव व रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए है। उसी के तहत प्रमुख सचिव चिकित्सा जांच के लिए कलेंडर जारी किया है। जांच की तारीखे निर्धारित कर दी गई है। 13 जून को अर्वन मलिन एरिया में जांच का दिन निर्धारित किया गया। उसी के तहत मेडिकल मोबाइल यूनट के द्वारा स्लम एरिया में जाकर चिह्नित लोगों की जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि शहर में दस मलिन बस्तियों को चिन्ह्ति किया गया। जांच करने पर अगर किसी में संक्रमण दिखता है, तो उसको कोविड-19 अस्पताल भेजा जाएगा। जहां उसका इलाज हो सके। बोले अभी तक देश में उतनी संख्या में जांच नहीं हो पा रही थी जितनी जरूरत दी, जिस पर सरकार ध्यान दे रही है और चिकित्सा स्वास्थ्य ने कलेंडर जारी किया गया।
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आठ अलग हाई रिस्क कैटेगरी की पहचान के बाद जिला स्तरीय जांचों में आई तेजी
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कोविड-19 बीमारी की जांच के लिए शासन ने आठ अलग-अलग हाई रिस्क कैटेगरी की पहचान के बाद जिला स्तर पर जांचो में तेजी लाई गई है। नगरीय क्षेत्र में दस स्लम बस्तियों में रहने वाले 10-10 लोगों के सैंपल लिए गए। पूल टेस्टिंग के जरिये स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण का पता लगाएगा। कोरोना टेस्टिंग का यह कार्यक्रम हाई रिस्क वाले अलग-अलग आठ कैटेगरी के लिए लगातार 19 जून तक चलेगा।
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