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युवाओं की राजनीतिक समझ लाेकतांत्रिक व्यवस्था को बना रही सशक्त : मिथिलेश
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शाहजहांपुर में एसएस लॉ कॉलेज में युवा संसद प्रतियोगिता में उपस्थित छात्र। स्रोत: कॉलेज
शाहजहांपुर। राज्यसभा सांसद मिथिलेश कुमार ने युवाओं को राष्ट्र का भविष्य करार देते हुए कहा कि युवाओं की राजनीतिक समझ और जागरूकता भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बना रही है। उन्होंने नई शिक्षा नीति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा गोबर आधारित जैविक खाद की महत्ता जैसे विषयों पर जोर दिया।
शनिवार को वह स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में युवा संसद प्रतियोगिता में बोल रहे थे। सांसद ने प्रतिभागियों को संसदीय प्रणाली की गहन जानकारी देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडे ने युवाओं के पक्ष-विपक्ष के तर्कों की सराहना की।
कहा कि युवा संसद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को कानून और प्रणाली की जितनी जानकारी है। उतनी कुछ वास्तविक सांसदों को भी प्राप्त नहीं होती। कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि राष्ट्रहित सदैव व्यक्तिगत हित से ऊपर होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कर्तव्य-निष्ठा, अनुशासन, ऊर्जा के सकारात्मक उपयोग और राष्ट्र कल्याण के लिए समर्पित रहने का संदेश दिया।
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प्राचार्य जयशंकर ओझा ने युवा संसद की सार्थकता, लोकतांत्रिक संवाद की संस्कृति व विद्यार्थी जीवन में संसदीय प्रक्रियाओं की समझ की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ.अवनीश मिश्रा ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र भेंट किए। प्रदीप सिंह ने क्लाइंट काउंसलिंग संहिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मृदुल शुक्ला, रंजना खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को वह स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में युवा संसद प्रतियोगिता में बोल रहे थे। सांसद ने प्रतिभागियों को संसदीय प्रणाली की गहन जानकारी देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडे ने युवाओं के पक्ष-विपक्ष के तर्कों की सराहना की।
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कहा कि युवा संसद प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को कानून और प्रणाली की जितनी जानकारी है। उतनी कुछ वास्तविक सांसदों को भी प्राप्त नहीं होती। कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि राष्ट्रहित सदैव व्यक्तिगत हित से ऊपर होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कर्तव्य-निष्ठा, अनुशासन, ऊर्जा के सकारात्मक उपयोग और राष्ट्र कल्याण के लिए समर्पित रहने का संदेश दिया।
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प्राचार्य जयशंकर ओझा ने युवा संसद की सार्थकता, लोकतांत्रिक संवाद की संस्कृति व विद्यार्थी जीवन में संसदीय प्रक्रियाओं की समझ की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ.अवनीश मिश्रा ने मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र भेंट किए। प्रदीप सिंह ने क्लाइंट काउंसलिंग संहिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मृदुल शुक्ला, रंजना खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।