{"_id":"6199433e2bf92073f33d531b","slug":"political-shahjahanpur-140-vidhan-sabha-2022-katra-136-vidhan-sabha-2022-jalalabad-137-vidhan-sabha-2022-tilhar-138-vidhan-sabha-2022-powayan-139-vidhan-sabha-2022-dadraul-141-vidhan-sabha-2022-shahjahanpur-news-bly466781288","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपाः परखी जा रही दावेदारों की परख और छवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपाः परखी जा रही दावेदारों की परख और छवि
विज्ञापन
भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी की तैयारी अब अंतिम चरण पर पहुंच गई है। वर्तमान विधायकों के काम और जनता के बीच उनकी छवि को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। जनता के बीच कमजोर पकड़ वाले विधायकों का टिकट कटना तय है। हालांकि पार्टी अभी सिर्फ जलालाबाद सीट से टिकट के लिए आवेदन ले रही है। वर्तमान विधायक का टिकट कटने की स्थिति में ही वहां से नए प्रत्याशी पर विचार किया जाएगा।
2012 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ नगर सीट पर भाजपा विधायक सुरेश कुमार खन्ना ने जीत हासिल की थी। शेष तीन सीटों पर सपा और दो सीटों पर बसपा ने परचम लहराया था। 2017 के चुनाव में मोदी मैजिक के सहारे भाजपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। केवल जलालाबाद सीट पर सपा के प्रत्याशी शरदवीर सिंह से भाजपा के मनोज कश्यप को हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता जलालाबाद सीट पर मजबूत प्रत्याशी खड़ा कर इसे भी अपनी झोली में डालना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जलालाबाद में जनसभा को संबोधित करेंगे। कोशिश यह है कि इस सीट पर कोई कोरकसर न बाकी रह जाए। इस सीट पर टिकट के लिए अब तक पार्टी को 20 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आवेदनों पर विचार-विमर्श कर हाईकमान निर्णय लेगा। भाजपा की पांच सीटों पर वर्तमान विधायक होने के चलते फिलहाल कोई आवेदन नहीं लिए जाएंगे। मगर इन विधायकों का टिकट पक्का है, ऐसा भी नहीं है।
विज्ञापन
नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के समक्ष कोई दावेदार नजर नहीं आ रहा। उनका टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है। इसके अलावा पुवायां से चेतराम, तिलहर से रोशनलाल वर्मा, कटरा से वीर विक्रम सिंह प्रिंस, ददरौल से मानवेंद्र सिंह अगला विधानसभा चुनाव भाजपा से लड़ेंगे या नहीं, इसका निर्णय हाईकमान लेगा। इसके लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से सर्वे कराया जा रहा है।
भाजपा के बड़े नेताओं की टीम विधानसभा वार सर्वे कर रही है। हाल में ही हुए एक सर्वे में विधायक द्वारा अब तक क्षेत्र में कराए गए कार्य, जनता के बीच उनकी छवि, सक्रियता के साथ ही उनका दूसरे राजनीतिक दलों के साथ संबंधों का फीडबैक लिया गया है। जातीय और धार्मिक आधार पर समीकरण देखे जा रहे हैं। विधायक का टिकट कटने पर बेहतर संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है, इस पर भी सर्वे किया गया है।
विपक्षी पार्टी की सक्रियता पर नजर
सर्वे में विपक्षी पार्टी विधानसभा क्षेत्र में जिन नेताओं को टिकट दे रही है, उसकी सक्रियता और जनता में पकड़ को मापा जा रहा है। विपक्षी दल द्वारा संभावित उम्मीदवार तय होने पर कोशिश की जाएगी कि उससे भारी प्रत्याशी भाजपा की ओर से उतारा जाए। साथ ही दूसरे दलों के असंतुष्ट नेताओं पर भी नजर है।
जिन सीटों पर हमारे विधायक हैं, वहां से आवेदन नहीं लिए जा रहे। सिर्फ जलालाबाद सीट से आवेदन लिए गए हैं। अब तक 20 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। कोशिश रहेगी कि इस विधानसभा चुनाव में पार्टी सभी सीटें जीते।
हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन
2012 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ नगर सीट पर भाजपा विधायक सुरेश कुमार खन्ना ने जीत हासिल की थी। शेष तीन सीटों पर सपा और दो सीटों पर बसपा ने परचम लहराया था। 2017 के चुनाव में मोदी मैजिक के सहारे भाजपा ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। केवल जलालाबाद सीट पर सपा के प्रत्याशी शरदवीर सिंह से भाजपा के मनोज कश्यप को हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता जलालाबाद सीट पर मजबूत प्रत्याशी खड़ा कर इसे भी अपनी झोली में डालना है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जलालाबाद में जनसभा को संबोधित करेंगे। कोशिश यह है कि इस सीट पर कोई कोरकसर न बाकी रह जाए। इस सीट पर टिकट के लिए अब तक पार्टी को 20 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आवेदनों पर विचार-विमर्श कर हाईकमान निर्णय लेगा। भाजपा की पांच सीटों पर वर्तमान विधायक होने के चलते फिलहाल कोई आवेदन नहीं लिए जाएंगे। मगर इन विधायकों का टिकट पक्का है, ऐसा भी नहीं है।
विज्ञापन
नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के समक्ष कोई दावेदार नजर नहीं आ रहा। उनका टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है। इसके अलावा पुवायां से चेतराम, तिलहर से रोशनलाल वर्मा, कटरा से वीर विक्रम सिंह प्रिंस, ददरौल से मानवेंद्र सिंह अगला विधानसभा चुनाव भाजपा से लड़ेंगे या नहीं, इसका निर्णय हाईकमान लेगा। इसके लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से सर्वे कराया जा रहा है।
भाजपा के बड़े नेताओं की टीम विधानसभा वार सर्वे कर रही है। हाल में ही हुए एक सर्वे में विधायक द्वारा अब तक क्षेत्र में कराए गए कार्य, जनता के बीच उनकी छवि, सक्रियता के साथ ही उनका दूसरे राजनीतिक दलों के साथ संबंधों का फीडबैक लिया गया है। जातीय और धार्मिक आधार पर समीकरण देखे जा रहे हैं। विधायक का टिकट कटने पर बेहतर संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है, इस पर भी सर्वे किया गया है।
विपक्षी पार्टी की सक्रियता पर नजर
सर्वे में विपक्षी पार्टी विधानसभा क्षेत्र में जिन नेताओं को टिकट दे रही है, उसकी सक्रियता और जनता में पकड़ को मापा जा रहा है। विपक्षी दल द्वारा संभावित उम्मीदवार तय होने पर कोशिश की जाएगी कि उससे भारी प्रत्याशी भाजपा की ओर से उतारा जाए। साथ ही दूसरे दलों के असंतुष्ट नेताओं पर भी नजर है।
जिन सीटों पर हमारे विधायक हैं, वहां से आवेदन नहीं लिए जा रहे। सिर्फ जलालाबाद सीट से आवेदन लिए गए हैं। अब तक 20 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। कोशिश रहेगी कि इस विधानसभा चुनाव में पार्टी सभी सीटें जीते।
हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा