{"_id":"61be3bb5c26fcd03852621a2","slug":"political-shahjahanpur-140-vidhan-sabha-2022-katra-136-vidhan-sabha-2022-jalalabad-137-vidhan-sabha-2022-tilhar-138-vidhan-sabha-2022-powayan-139-vidhan-sabha-2022-dadraul-141-vidhan-sabha-2022-pm-modi-in-shahjahanpur-shahjahanpur-news-bly469710276","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा विश्वनाथ अउर भगवान परशुराम के चरनन मा हमारो प्रणाम...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा विश्वनाथ अउर भगवान परशुराम के चरनन मा हमारो प्रणाम...
विज्ञापन
शाहजहांपुर में शनिवार को रोजा मंडी के सामने स्थित रेलवे मैदान के जनसभा मंच से जनता का हाथ उठाकर अ?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बाबा विश्वनाथ अउर भगवान परशुराम के चरनन मा हमारो प्रणाम... शाहजहांपुर की स्थानीय बोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन की शुरुआत में ही उपस्थित लोगों को अपने से जोड़ लिया। लोगों ने तालियां बजाकर साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री सीधे उनके दिल में उतर गए हैं।
प्रधानमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने जय गंगा मइया... हर-हर महादेव का उद्घोष किया तो भीड़ भी सुर में सुर मिलाने लगी।
लोगों का उत्साह और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच नरेंद्र मोदी ने कहा कि काकोरी से क्रांति की अलख जगाउन वाले वीर शहीद क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां अउर रोशन सिंह का हम हाथ जोड़के नमन करई। उनके पांय छुअतई। जहुं इहां के लोगन के आशीर्वाद हई कि हमई ई मिट्टी हमई ई को माथो पर लगइवे का सौभाग्य मिलो। हिनई से ओजस्वी कवि दामोदर स्वरूप विद्रोही, राजबहादुर विकल अउर अग्निवेश शुक्ला ने वीर रस से क्रांति धारा बहाई हती। इत्तो ही नाई अनुशासन और वफादारी को संकल्प दिलाउन वाले स्काउट-गाइड के जनक पं. श्रीराम वाजपेयी की जन्मभूमि यई धरती हई। इन सब महापुरषन के पइन मा हमारो प्रणाम। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपना भाषण शुरू किया।
भारत का विकास ही क्रांतिकारियों को सच्ची कार्यांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद नगरी कहे जाने वाले शाहजहांपुर के अमर शहीदों को प्रणाम करते हुए कहा कि संयोग से कल (19 दिसंबर को) ही पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस भी है। अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने वाले तीनों सपूतों को 19 दिसंबर को फांसी दी गई थी। भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों का हम सभी पर बहुत बड़ा कर्ज है। ये कर्ज हम कभी चुका नहीं सकते, लेकिन देश के विकास के लिए दिन-रात मेहनत करके जिस भारत का हमारे स्वातंत्र्य सेनानियों ने सपना देखा था, उस भारत का निर्माण करके हम उन्हें सच्ची कार्यांजलि दे सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने जय गंगा मइया... हर-हर महादेव का उद्घोष किया तो भीड़ भी सुर में सुर मिलाने लगी।
लोगों का उत्साह और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच नरेंद्र मोदी ने कहा कि काकोरी से क्रांति की अलख जगाउन वाले वीर शहीद क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां अउर रोशन सिंह का हम हाथ जोड़के नमन करई। उनके पांय छुअतई। जहुं इहां के लोगन के आशीर्वाद हई कि हमई ई मिट्टी हमई ई को माथो पर लगइवे का सौभाग्य मिलो। हिनई से ओजस्वी कवि दामोदर स्वरूप विद्रोही, राजबहादुर विकल अउर अग्निवेश शुक्ला ने वीर रस से क्रांति धारा बहाई हती। इत्तो ही नाई अनुशासन और वफादारी को संकल्प दिलाउन वाले स्काउट-गाइड के जनक पं. श्रीराम वाजपेयी की जन्मभूमि यई धरती हई। इन सब महापुरषन के पइन मा हमारो प्रणाम। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपना भाषण शुरू किया।
विज्ञापन
भारत का विकास ही क्रांतिकारियों को सच्ची कार्यांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद नगरी कहे जाने वाले शाहजहांपुर के अमर शहीदों को प्रणाम करते हुए कहा कि संयोग से कल (19 दिसंबर को) ही पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस भी है। अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने वाले तीनों सपूतों को 19 दिसंबर को फांसी दी गई थी। भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों का हम सभी पर बहुत बड़ा कर्ज है। ये कर्ज हम कभी चुका नहीं सकते, लेकिन देश के विकास के लिए दिन-रात मेहनत करके जिस भारत का हमारे स्वातंत्र्य सेनानियों ने सपना देखा था, उस भारत का निर्माण करके हम उन्हें सच्ची कार्यांजलि दे सकते हैं।
विज्ञापन