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अंतरजनपदीय डकैतों के गैंग का पर्दाफाश, मुठभेड़ में चार गिरफ्तार
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पकड़े गए बदमाशों के पास से तमंचे, कारतूस, चाकू और लूटा गया करीब 15 लाख रुपये कीमत का सामान । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बुधवार रात दो बजे कटरा कब्रिस्तान के पास मुठभेड़ में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर अंतरजनपदीय डकैतों के गैंग का खुलासा किया है। पकड़े गए लोगों के पास से तीन तमंचे, 10 जिंदा कारतूस, दो बाइक, चाकू और करीब 15 लाख रुपये कीमत का सामान भी बरामद किया है। डकैतों ने निगोही में ईंट भट्ठा व्यवसायी और कांट में ट्रांसपोर्टर के घर डकैती की घटनाओं को भी कबूल किया है। मामले की जानकारी डीआईजी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में दी।
निगोही कस्बा निवासी ईंट भट्ठा व्यवसायी यासीन अली उर्फ काले के घर में 26 सितंबर की रात सीढ़ी के सहारे विंडो की ग्रिल तोड़कर बदमाशों ने धावा बोल दिया था। परिवार को बंधक बनाकर बदमाश यहां से नकदी सहित करीब 20 लाख का माल समेट कर भाग गए थे। इसके बाद बदमाशों ने थाना कांट क्षेत्र के गांव रावतपुर निवासी ट्रांसपोर्टर रौनक अली के घर धावा बोल दिया था। यहां से भी बदमाश परिवार को बंधक बनाकर करीब दस लाख रुपये का सामान लूट ले गए थे। दोनों घटनाओं का खुलासा करने के लिए एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने क्राइम ब्रांच समेत चार-चार टीमें लगाई थीं। सूचना पर बुधवार रात करीब दो बजे मीरानपुर कटरा, जैतीपुर, खुदागंज और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम कटरा कब्रिस्तान के पास पहुंची, तभी वहां मौजूद बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए थाना निगोही क्षेत्र के गांव परसौना खलीलपुर के मौजा गौटिया निवासी दानवीर, शहर के थाना सदर बाजार कोतवाली के मोहल्ला महमंद जलालनगर निवासी कल्लू उर्फ धर्मवीर, पीलीभीत के थाना दिउरिया कलां के महमदपुर निवासी नन्हेंपाल उर्फ रीतिराम, सदर कोतवाली के मोहल्ला बीवीजई हद्दफ पक्का तालाब निवासी अकबर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि गैंग लीडर समेत पांच बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ बरेली, हरदोई, तिलहर, शहर की चौक कोतवाली, फरीदपुर, कांट, शाहाबाद थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एक ही तरह से घटनाओं को देते थे अंजाम
डीआईजी राजेश पांडेय ने बताया कि डकैतों का यह गैंग अगस्त माह में तब प्रकाश में आया, जब फरीदपुर में एक परिवार में डाका डाला गया। यह लोग मकान का ताला तोड़ कर उसमें दाखिल नहीं होते थे, बल्कि सीढ़ी लगाकर मकान में दाखिल होते थे। इसके अलावा यह लोग घटना को अंजाम देने के बाद रसोई घर में खाने-पीने का जो भी सामान मिलता था, उसे खा लेते थे। इसके बाद सामान समेट कर भाग जाते थे। इनके गैंग में नौ से 12 लोग शामिल हैं।
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घर में घुसने पर खुद को बताते थे पुलिस वाले
डीआईजी के मुताबिक जिस घर में यह लोग घुसते थे, उस परिवार के एक सदस्य को जगाकर उसे स्थानीय थाना पुलिस का नाम लेकर बताते थे कि वह लोग पुलिस वाले हैं और इस क्षेत्र से कुछ लोग लड़की को भगाकर ले गए हैं, इसलिए घर की तलाशी लेनी है। इसके बाद परिवार को एक कमरे में बंधक बनाकर लूटपाट शुरू कर देते थे। ज्यादातर यह लोग उन घरों को चिन्हित करते थे, जो एकांत में हो या फिर रोड से पांच-छह सौ मीटर की दूरी पर जो दिखने में अच्छा हो। घटना से एक दो दिन पहले बाइकों से मकान रैकी करते थे और रात में घरों मेें सीढ़ी लगाकर घटना को अंजाम देते थे।
हाथों में दस्ताने पहनकर करते थे लूटपाट
डीआईजी ने बताया कि डकैतों के इस गैंग के सदस्य घटना को अंजाम देते समय हाथों में दस्ताने पहने रहते थे, ताकि घर की किसी भी वस्तु अंगुलियों के निशान न पड़ जाएं। गोदरेज का लॉक तोड़ने के लिए पेंचकस और ताला तोड़ने के लिए लोहे की मोटी रॉड का इस्तेमाल करते थे।
विद्युत कर्मचारी बन देते थे पुलिस को चकमा
डीआईजी राजेेश कुमार पांडेय ने बताया कि चौपहिया वाहन के ऊपर यह लोग सीढ़ी बांध लेते थे। एक सदस्य के पास रिंच, प्लास, पेंचकस आदि सामान रहता था। यदि कभी किसी पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान रोक लिया तो बताते थे वह लोग आगे बिजली खराब हो गई है, उसे ठीक करने जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि कई घटनाओं में इन बदमाशों द्वारा मकान में घुसने के लिए सीढ़ी के इस्तेमाल का ज्यादा प्रयोग सामने आया। इसके बाद वायरलेस से बरेली रेंज के थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया कि यदि गाड़ी के ऊपर सीढ़ी लेकर कोई जा रहा है तो उसे पूरी जांच पड़ताल के बाद ही जानें दें।
खुलासे पर पुलिस टीम को मिला इनाम
डीआईजी ने घटना के खुलासे में एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम की सराहना की और कटरा थाने में तैनात सिपाही राहुल और अमरदीप को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया।
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निगोही कस्बा निवासी ईंट भट्ठा व्यवसायी यासीन अली उर्फ काले के घर में 26 सितंबर की रात सीढ़ी के सहारे विंडो की ग्रिल तोड़कर बदमाशों ने धावा बोल दिया था। परिवार को बंधक बनाकर बदमाश यहां से नकदी सहित करीब 20 लाख का माल समेट कर भाग गए थे। इसके बाद बदमाशों ने थाना कांट क्षेत्र के गांव रावतपुर निवासी ट्रांसपोर्टर रौनक अली के घर धावा बोल दिया था। यहां से भी बदमाश परिवार को बंधक बनाकर करीब दस लाख रुपये का सामान लूट ले गए थे। दोनों घटनाओं का खुलासा करने के लिए एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने क्राइम ब्रांच समेत चार-चार टीमें लगाई थीं। सूचना पर बुधवार रात करीब दो बजे मीरानपुर कटरा, जैतीपुर, खुदागंज और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम कटरा कब्रिस्तान के पास पहुंची, तभी वहां मौजूद बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए थाना निगोही क्षेत्र के गांव परसौना खलीलपुर के मौजा गौटिया निवासी दानवीर, शहर के थाना सदर बाजार कोतवाली के मोहल्ला महमंद जलालनगर निवासी कल्लू उर्फ धर्मवीर, पीलीभीत के थाना दिउरिया कलां के महमदपुर निवासी नन्हेंपाल उर्फ रीतिराम, सदर कोतवाली के मोहल्ला बीवीजई हद्दफ पक्का तालाब निवासी अकबर को गिरफ्तार कर लिया। जबकि गैंग लीडर समेत पांच बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ बरेली, हरदोई, तिलहर, शहर की चौक कोतवाली, फरीदपुर, कांट, शाहाबाद थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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एक ही तरह से घटनाओं को देते थे अंजाम
डीआईजी राजेश पांडेय ने बताया कि डकैतों का यह गैंग अगस्त माह में तब प्रकाश में आया, जब फरीदपुर में एक परिवार में डाका डाला गया। यह लोग मकान का ताला तोड़ कर उसमें दाखिल नहीं होते थे, बल्कि सीढ़ी लगाकर मकान में दाखिल होते थे। इसके अलावा यह लोग घटना को अंजाम देने के बाद रसोई घर में खाने-पीने का जो भी सामान मिलता था, उसे खा लेते थे। इसके बाद सामान समेट कर भाग जाते थे। इनके गैंग में नौ से 12 लोग शामिल हैं।
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घर में घुसने पर खुद को बताते थे पुलिस वाले
डीआईजी के मुताबिक जिस घर में यह लोग घुसते थे, उस परिवार के एक सदस्य को जगाकर उसे स्थानीय थाना पुलिस का नाम लेकर बताते थे कि वह लोग पुलिस वाले हैं और इस क्षेत्र से कुछ लोग लड़की को भगाकर ले गए हैं, इसलिए घर की तलाशी लेनी है। इसके बाद परिवार को एक कमरे में बंधक बनाकर लूटपाट शुरू कर देते थे। ज्यादातर यह लोग उन घरों को चिन्हित करते थे, जो एकांत में हो या फिर रोड से पांच-छह सौ मीटर की दूरी पर जो दिखने में अच्छा हो। घटना से एक दो दिन पहले बाइकों से मकान रैकी करते थे और रात में घरों मेें सीढ़ी लगाकर घटना को अंजाम देते थे।
हाथों में दस्ताने पहनकर करते थे लूटपाट
डीआईजी ने बताया कि डकैतों के इस गैंग के सदस्य घटना को अंजाम देते समय हाथों में दस्ताने पहने रहते थे, ताकि घर की किसी भी वस्तु अंगुलियों के निशान न पड़ जाएं। गोदरेज का लॉक तोड़ने के लिए पेंचकस और ताला तोड़ने के लिए लोहे की मोटी रॉड का इस्तेमाल करते थे।
विद्युत कर्मचारी बन देते थे पुलिस को चकमा
डीआईजी राजेेश कुमार पांडेय ने बताया कि चौपहिया वाहन के ऊपर यह लोग सीढ़ी बांध लेते थे। एक सदस्य के पास रिंच, प्लास, पेंचकस आदि सामान रहता था। यदि कभी किसी पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान रोक लिया तो बताते थे वह लोग आगे बिजली खराब हो गई है, उसे ठीक करने जा रहे हैं। डीआईजी ने बताया कि कई घटनाओं में इन बदमाशों द्वारा मकान में घुसने के लिए सीढ़ी के इस्तेमाल का ज्यादा प्रयोग सामने आया। इसके बाद वायरलेस से बरेली रेंज के थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया कि यदि गाड़ी के ऊपर सीढ़ी लेकर कोई जा रहा है तो उसे पूरी जांच पड़ताल के बाद ही जानें दें।
खुलासे पर पुलिस टीम को मिला इनाम
डीआईजी ने घटना के खुलासे में एएसपी ग्रामीण अपर्णा गौतम की सराहना की और कटरा थाने में तैनात सिपाही राहुल और अमरदीप को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया।

अंतरजनपदीय डकैतों के गैंग के पकड़े गए चार बदमाशों के बारे में जानकारी देते डीआईजी राजेश पाड़ेय । - फोटो : SHAHJAHANPUR