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सिर ढकने को घर की दरकार, कब तक झोंपड़ी में रहें सरकार
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अपने झोंपड़ीनुमा के घर के सामने खड़े गांव कल्याणपुर भारतीय निवासी महेश कुमार। संवाद
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां (शाहजहांपुर)। ‘आपकी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं यह दावा किताबी है’ मशहूर कवि अदम गोंडवी की कविता की ये पंक्तियां गांवों की हकीकत और सरकार के दावों को आईना दिखाने के लिए काफी मुफीद हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुछ दिन पूर्व तमाम लोगों को सरकारी घर की चाबियां सौंपी र्गईं, लेकिन अभी भी तमाम ऐसे जरूरतमंद लोग सिर ढकने के लिए आवासों के लिए तरस रहे हैं। कोई झोंपड़ी में रहने को मजबूर है तो कोई तिरपाल तानकर गुजर कर रहा है।
पुवायां तहसील के कई गांवों में पात्र आवास योजना के लिए भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने आवेदन कर रखे हैं, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। लोग समाधान दिवस सहित अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। लोगों को समस्या का निदान करने का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है।
दो बीघा जमीन, आवास के लिए काट रहे चक्कर
खुटार ब्लाक के गांव नरौठा देवीदास निवासी रामबहादुर के पास दो बीघा जमीन है। रामबहादुर मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। उनकी एक पुत्री शादी लायक है, लेकिन बेटी के हाथ पीले करने के लिए रुपये एकत्र करना तो दूर परिवार का भरण पोषण ही मुश्किल हो रहा है। रामबहादुर के अनुसार कई बार मांग करने के बाद भी उन्हें आवास का लाभ नहीं मिला है, जिससे परिवार झोंपड़ी में रहने को विवश है। प्रधान ऋषि कुमार का कहना है कि पात्रों को योजना का लाभ दिलाने का काम चल रहा है। जो रह गए हैं, उन्हें भी लाभ दिलाया जाएगा।
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तिरपाल तानकर रह रहा महेश का परिवार
बंडा ब्लाक की गांवसभा किशनपुर पड़री के मजरा कल्याणपुर भारतीय निवासी महेश कुमार पन्नी की तिरपाल तानकर रहने को विवश हैं। उनके पास जमीन नहीं है। महेश मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। महेश के अनुसार कई बार प्रधान और ब्लॉक के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सरकारी आवास का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रधान तेजराम ने बताया महेश का नाम आवास सूची में पहले से नाम नहीं था। इस कारण आवास नहीं बन सका। अब उनका नाम सूची में आ गया है। जल्द ही उनको आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
पात्र होने के बाद भी राधेश्याम को नहीं मिला घर
बंडा ब्लाक की गांवसभा ग्राम पंचायत मुड़िया कुर्मियात निवासी राधेश्याम भी तिरपाल तान कर रहे हैं। उनके पास एक बीघा से भी कम जमीन है, जिस कारण मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। कई बार मांग करने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। प्रधान अभिनव सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में बहुत से लोग ऐसे हैं जो कि पन्नी और छप्पर में रह रहे है। सूची जल्द से जल्द बनवाकर भिजवाई जाएगी और लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
झोंपड़ी में रह रहा अमन का परिवार
खुटार ब्लाक के गांव इटौआ निवासी अमन कुमार का परिवार पिछले 20 साल से झोंपड़ी में रह रहा है। तमाम बार मांग करने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। प्रधान कन्हैया लाल वर्मा ने बताया कि पहले के प्रधान ने क्या किया उसकी जानकारी नहीं है। अभी पंचायत में आठ आवास बन रहें हैं। अन्य पात्रों को भी आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
आवास योजना का लाभ पाने के लिए शहरी और देहात क्षेत्र के आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। जो पात्र लाभ से वंचित है, वह आवदेन कर सकते हैं। आवेदन के बाद जांच कर योजना का लाभ दिलाया जाता है। कोई पात्र वंचित है तो शिकायत कर सकता है। जांच कराई जाएगी।
सतीश चंद्रा, एसडीएम पुवायां।
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पुवायां तहसील के कई गांवों में पात्र आवास योजना के लिए भटक रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने आवेदन कर रखे हैं, लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका है। लोग समाधान दिवस सहित अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। लोगों को समस्या का निदान करने का आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है।
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दो बीघा जमीन, आवास के लिए काट रहे चक्कर
खुटार ब्लाक के गांव नरौठा देवीदास निवासी रामबहादुर के पास दो बीघा जमीन है। रामबहादुर मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। उनकी एक पुत्री शादी लायक है, लेकिन बेटी के हाथ पीले करने के लिए रुपये एकत्र करना तो दूर परिवार का भरण पोषण ही मुश्किल हो रहा है। रामबहादुर के अनुसार कई बार मांग करने के बाद भी उन्हें आवास का लाभ नहीं मिला है, जिससे परिवार झोंपड़ी में रहने को विवश है। प्रधान ऋषि कुमार का कहना है कि पात्रों को योजना का लाभ दिलाने का काम चल रहा है। जो रह गए हैं, उन्हें भी लाभ दिलाया जाएगा।
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तिरपाल तानकर रह रहा महेश का परिवार
बंडा ब्लाक की गांवसभा किशनपुर पड़री के मजरा कल्याणपुर भारतीय निवासी महेश कुमार पन्नी की तिरपाल तानकर रहने को विवश हैं। उनके पास जमीन नहीं है। महेश मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। महेश के अनुसार कई बार प्रधान और ब्लॉक के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें सरकारी आवास का लाभ नहीं मिल पाया है। प्रधान तेजराम ने बताया महेश का नाम आवास सूची में पहले से नाम नहीं था। इस कारण आवास नहीं बन सका। अब उनका नाम सूची में आ गया है। जल्द ही उनको आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
पात्र होने के बाद भी राधेश्याम को नहीं मिला घर
बंडा ब्लाक की गांवसभा ग्राम पंचायत मुड़िया कुर्मियात निवासी राधेश्याम भी तिरपाल तान कर रहे हैं। उनके पास एक बीघा से भी कम जमीन है, जिस कारण मजदूरी कर परिवार की गुजर करते हैं। कई बार मांग करने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। प्रधान अभिनव सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में बहुत से लोग ऐसे हैं जो कि पन्नी और छप्पर में रह रहे है। सूची जल्द से जल्द बनवाकर भिजवाई जाएगी और लोगों को आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
झोंपड़ी में रह रहा अमन का परिवार
खुटार ब्लाक के गांव इटौआ निवासी अमन कुमार का परिवार पिछले 20 साल से झोंपड़ी में रह रहा है। तमाम बार मांग करने के बाद भी आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। प्रधान कन्हैया लाल वर्मा ने बताया कि पहले के प्रधान ने क्या किया उसकी जानकारी नहीं है। अभी पंचायत में आठ आवास बन रहें हैं। अन्य पात्रों को भी आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
आवास योजना का लाभ पाने के लिए शहरी और देहात क्षेत्र के आवेदन ऑनलाइन किए जाते हैं। जो पात्र लाभ से वंचित है, वह आवदेन कर सकते हैं। आवेदन के बाद जांच कर योजना का लाभ दिलाया जाता है। कोई पात्र वंचित है तो शिकायत कर सकता है। जांच कराई जाएगी।
सतीश चंद्रा, एसडीएम पुवायां।