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पीके की टीम ने कांग्रेस की पराजय के टटोले कारण
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 23 May 2016 12:09 AM IST
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बिहार के चुनाव में नीतीश कुमार का बेड़ा पार लगा चुके इलेक्शन मैनेजमेंट गुरू प्रशांत किशोर की टीम के तीन सदस्यों ने रविवार को यहां आकर कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों से अलग-अलग वार्ता की। इस दौरान पीके की टीम ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के कारण टटोलने के लिए पदाधिकारियों से कई सवाल किए और अगले साल होने वाले चुनाव में जीत की संभावनाओं पर वार्ताकी।
कई जनपदों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा संगठन की कलई खोलकर हंगामा करने को ध्यान में रखते हुए पीके की टीम में शामिल शुभम गुप्ता, आजाद कुमार और विश्वजीत कुमार ने अपना मिशन आम कार्यकर्ताओं से गोपनीय रखते हुए पदाधिकारियों से संपर्क साधा। शनिवार को यहां पहुंची टीम ने पहले चरण में जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा और शहर अध्यक्ष तसनीम अली खां से संपर्क साधा। दोनों पदाधिकारियों ने टीम के सदस्यों के मंशा के अनुरूप रविवार को कांग्रेस कार्यालय पर ब्लॉक अध्यक्षों समेत पार्टी के फ्रंटल संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों से भेंट वार्ता कराई। प्रशांत किशोर के प्रतिनिधियों ने सबसे पहले यही जानने की कोशिश की कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना आखिर क्यों करना पड़ा? पीके की टीम ने अगला सवाल किया कि जिले में कौन-कौन जातियां वर्तमान में किन राजनीतिक दलों के साथ जुड़ी हैं। उनके इस जुड़ाव की वजह क्या है। कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए यह भी पूछा कि पार्टी से किन जाति-बिरादरियों को किस आधार पर प्रयास करके जोड़ा जा सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के दुर्दिनों के लिए नेतृत्व स्तर पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा किए जाने और नरेंद्र मोदी के बड़बोलेपन से बने विपरीत माहौल को जिम्मेदार बताया गया। पीके टीम के सदस्यों की बैठक में सेवादल प्रमुख अश्विनी द्विवेदी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शारदा थापा, युवा कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित सिंह, शहर अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी, आरटीआई प्रकोष्ठ प्रमुख नीलम श्रीवास्तव, अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्ययक्ष अमर दीप, ब्लॉक अध्यक्ष पातीराम दीक्षित, गजेंद्र शर्मा, अभय दीक्षित, राहुल शर्मा, मो. नदीम, सुदेश शुक्ला आदि शामिल रहे।
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कई जनपदों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा संगठन की कलई खोलकर हंगामा करने को ध्यान में रखते हुए पीके की टीम में शामिल शुभम गुप्ता, आजाद कुमार और विश्वजीत कुमार ने अपना मिशन आम कार्यकर्ताओं से गोपनीय रखते हुए पदाधिकारियों से संपर्क साधा। शनिवार को यहां पहुंची टीम ने पहले चरण में जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा और शहर अध्यक्ष तसनीम अली खां से संपर्क साधा। दोनों पदाधिकारियों ने टीम के सदस्यों के मंशा के अनुरूप रविवार को कांग्रेस कार्यालय पर ब्लॉक अध्यक्षों समेत पार्टी के फ्रंटल संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों से भेंट वार्ता कराई। प्रशांत किशोर के प्रतिनिधियों ने सबसे पहले यही जानने की कोशिश की कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना आखिर क्यों करना पड़ा? पीके की टीम ने अगला सवाल किया कि जिले में कौन-कौन जातियां वर्तमान में किन राजनीतिक दलों के साथ जुड़ी हैं। उनके इस जुड़ाव की वजह क्या है। कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए यह भी पूछा कि पार्टी से किन जाति-बिरादरियों को किस आधार पर प्रयास करके जोड़ा जा सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के दुर्दिनों के लिए नेतृत्व स्तर पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा किए जाने और नरेंद्र मोदी के बड़बोलेपन से बने विपरीत माहौल को जिम्मेदार बताया गया। पीके टीम के सदस्यों की बैठक में सेवादल प्रमुख अश्विनी द्विवेदी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शारदा थापा, युवा कांग्रेस के लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित सिंह, शहर अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी, आरटीआई प्रकोष्ठ प्रमुख नीलम श्रीवास्तव, अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्ययक्ष अमर दीप, ब्लॉक अध्यक्ष पातीराम दीक्षित, गजेंद्र शर्मा, अभय दीक्षित, राहुल शर्मा, मो. नदीम, सुदेश शुक्ला आदि शामिल रहे।
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