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पैंटून पुल बनने के बाद भी कम नहीं हो रहीं दुश्वारियां
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कोलाघाट के कच्चे रेतीले रास्ते मे बाहन फंसने से लगा जाम। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कोलाघाट में पैंटून पुल बनने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं हैं। कोलाघाट के कच्चे रेतीले रास्ते में लोहे के पटले नहीं डाले जाने से यात्रियों के वाहन फंस रहे हैं। यात्री धक्के मारकर वाहन निकालने को मजबूर हैं।
कलान-मिर्जापुर क्षेत्र को मुख्यालय से जोड़ने वाला कोलाघाट का पक्का पुल 29 नवंबर को टूट गया था। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए शासन ने कोलाघाट में रामगंगा नदी पर अस्थाई पैंटून पुल बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। शासन के निर्देश पर पैंटून पुल तो बनकर तैयार हो गया है। फिर भी लोगों की यातायात संबंधी दुश्वारियां कम नहीं हुईं हैं। कोलाघाट के कच्चे रेतीले रास्ते में यात्रियों के वाहन फंसने से दिन में कई बार जाम लग रहा है। यात्री वाहनों से उतरकर धक्का लगाकर निकाल रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने पैंटून पुल तो बना दिया है। किंतु कच्चे रास्ते में लोहे के पटले डालने की जरूरत नहीं समझी गई है। रेतीले रास्ते पर जो पटले और घास-फूस डाली गई है, वह भी वाहनों के निकलने से दब गए है। कोलाघाट से निकलने वाले नारायण देव पाठक, करुणाशंकर वाजपेयी, पुष्पेंद्र सिंह, अधर कुमार पाठक, विवेक कुमार आदि ने डीएम से मांग की है कि जबतक कोलाघाट में टूटे हुए पक्के पुल की मरम्मत नहीं हो जाती है तब तक इस कच्चे रेतीले रास्ते पर लोहे के पटले डालकर वन वे ट्रैफिक की व्यवस्था की जाए। रास्ते की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा श्रमिकों को स्थाई रूप से तैनात किया जाए।
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कलान-मिर्जापुर क्षेत्र को मुख्यालय से जोड़ने वाला कोलाघाट का पक्का पुल 29 नवंबर को टूट गया था। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए शासन ने कोलाघाट में रामगंगा नदी पर अस्थाई पैंटून पुल बनाने की स्वीकृति प्रदान की थी। शासन के निर्देश पर पैंटून पुल तो बनकर तैयार हो गया है। फिर भी लोगों की यातायात संबंधी दुश्वारियां कम नहीं हुईं हैं। कोलाघाट के कच्चे रेतीले रास्ते में यात्रियों के वाहन फंसने से दिन में कई बार जाम लग रहा है। यात्री वाहनों से उतरकर धक्का लगाकर निकाल रहे हैं।
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यात्रियों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने पैंटून पुल तो बना दिया है। किंतु कच्चे रास्ते में लोहे के पटले डालने की जरूरत नहीं समझी गई है। रेतीले रास्ते पर जो पटले और घास-फूस डाली गई है, वह भी वाहनों के निकलने से दब गए है। कोलाघाट से निकलने वाले नारायण देव पाठक, करुणाशंकर वाजपेयी, पुष्पेंद्र सिंह, अधर कुमार पाठक, विवेक कुमार आदि ने डीएम से मांग की है कि जबतक कोलाघाट में टूटे हुए पक्के पुल की मरम्मत नहीं हो जाती है तब तक इस कच्चे रेतीले रास्ते पर लोहे के पटले डालकर वन वे ट्रैफिक की व्यवस्था की जाए। रास्ते की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा श्रमिकों को स्थाई रूप से तैनात किया जाए।
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