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दिलावलपुर में दिखा चीता, घरों में दुबके लोग
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:14 PM IST
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दिलावलपुर में दिखा चीता, घरों में दुबके लोग
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निगोही क्षेत्र के गांव दिलावलपुर के जंगल में शुक्रवार देर शाम चीता के आ जाने से इस गांव समेत आसपास में लोग भयभीत हो गए हैं। अपने-अपने घरों में दुबक गए हैं। ग्रामीणों ने रात को उसके सामने तेज रोशनी जलाई तो वह खेतों में घुस गया और उसके बाद पूरी रात लोगों ने जागते हुए बिताई। सूचना पाकर तिलहर और पुवायां वन विभाग की टीम रेंजरों के साथ पहुंची। टीम ने उसकी काफी तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।
क्षेत्र के गांव दिलावलपुर निवासी प्रभातसिंह साइकिल से शुक्रवार शाम खेत से अपने घर वापस आ रहे थे। वह गांव दिलावलपुर से 300 मीटर पहले सुरेश सिंह के खेत के निकट पुलिया पर पहुंचे ही थे कि पुलिया पर बैठे चीते को देख कर सन्न रह गये। भय से मार्ग के किनारे से अपने गांव जैसे -तैसे पहुंचे। इसी बीच इसी गांव के सौरभ सिंह बाइक से यहां से गुजरे। उन्होंने भी पुलिया पर बैठे चीते को देखा तो भय से बमुश्किल घूमकर गांव पहुंचे। चीते के पुलिया पर बैठे होने की खबर पूरे गांव में फैली तो हिम्मत जुटा कर ट्रैक्टरों पर सवार होकर ग्रामीण पुलिया के पास पहुंचे और ट्रैक्टरों की हेडलाइट जला दीं। भीड़ देख चीता धान के खेत से होता हुआ गन्ने के खेतों में चला गया। रात भर सारा गांव भय से जागता रहा। रात में ही ग्रामीणों ने वन विभाग को गांव दिलावलपुर में चीते के आ जाने की शिकायत की।
शिकायत पर तिलहर रेंज के रेंजर अनुज कुमार, वन दरोगा बलराम सिंह और पुवायां रेंज के रेंजर हशीब बेग, वन दरोगा थानेश्वर दयाल अपनी - अपनी टीमों के साथ शनिवार सुबह सात बजे ही दिलावलपुर पहुंचे। उन्होंने चीते के पैरों के निशान देखे और वहां खेत-खलिहान एवं जंगल में चीते को तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच में बैठ कर समझाया कि खेतों में अकेले न जाएं एवं फायर न करें या चीते को जान से न मारें। गांव वालों से साफ कहा कि सात लोगों को निवाला बनाये जाने पर ही चीते को मारे जाने का प्राविधान है। ग्रामीण बेहद भयभीत है। लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया और जानवरों के लिए चारा लाने की भारी समस्या है।
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गांव दिलावलपुर में चीता आने की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। यहां जंगल नहीं है। चीता चला गया होगा। यहां कैमरा लगा कर चीते की चहल कदमी की जांच शुरू की जा रही और यदि यहां चीता है तो शीघ्र पकड़ा जाएगा। -- हशीब बेग, रेंजर, पुवायां ।
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क्षेत्र के गांव दिलावलपुर निवासी प्रभातसिंह साइकिल से शुक्रवार शाम खेत से अपने घर वापस आ रहे थे। वह गांव दिलावलपुर से 300 मीटर पहले सुरेश सिंह के खेत के निकट पुलिया पर पहुंचे ही थे कि पुलिया पर बैठे चीते को देख कर सन्न रह गये। भय से मार्ग के किनारे से अपने गांव जैसे -तैसे पहुंचे। इसी बीच इसी गांव के सौरभ सिंह बाइक से यहां से गुजरे। उन्होंने भी पुलिया पर बैठे चीते को देखा तो भय से बमुश्किल घूमकर गांव पहुंचे। चीते के पुलिया पर बैठे होने की खबर पूरे गांव में फैली तो हिम्मत जुटा कर ट्रैक्टरों पर सवार होकर ग्रामीण पुलिया के पास पहुंचे और ट्रैक्टरों की हेडलाइट जला दीं। भीड़ देख चीता धान के खेत से होता हुआ गन्ने के खेतों में चला गया। रात भर सारा गांव भय से जागता रहा। रात में ही ग्रामीणों ने वन विभाग को गांव दिलावलपुर में चीते के आ जाने की शिकायत की।
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शिकायत पर तिलहर रेंज के रेंजर अनुज कुमार, वन दरोगा बलराम सिंह और पुवायां रेंज के रेंजर हशीब बेग, वन दरोगा थानेश्वर दयाल अपनी - अपनी टीमों के साथ शनिवार सुबह सात बजे ही दिलावलपुर पहुंचे। उन्होंने चीते के पैरों के निशान देखे और वहां खेत-खलिहान एवं जंगल में चीते को तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच में बैठ कर समझाया कि खेतों में अकेले न जाएं एवं फायर न करें या चीते को जान से न मारें। गांव वालों से साफ कहा कि सात लोगों को निवाला बनाये जाने पर ही चीते को मारे जाने का प्राविधान है। ग्रामीण बेहद भयभीत है। लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया और जानवरों के लिए चारा लाने की भारी समस्या है।
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गांव दिलावलपुर में चीता आने की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। यहां जंगल नहीं है। चीता चला गया होगा। यहां कैमरा लगा कर चीते की चहल कदमी की जांच शुरू की जा रही और यदि यहां चीता है तो शीघ्र पकड़ा जाएगा। -- हशीब बेग, रेंजर, पुवायां ।