{"_id":"6041253f8ebc3e8ccc4c51d4","slug":"panchyat-chunav-shahjahanpur-news-bly439430827","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव : आरक्षण के विरोध में स्वर हुए तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव : आरक्षण के विरोध में स्वर हुए तेज
विज्ञापन
शाहजहांपुर में डीएम को ज्ञापन देने जाते जैतीपुर क्षेत्र के गांव अगरोली के लोग । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। जैतीपुर क्षेत्र में जिला पंचायत के वार्ड 24 और इसी क्षेत्र की ग्राम पंचायत अगरोली में प्रधान पद पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किए जाने के विरोध में संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति करते हुए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने इन्हीं सीटों पर गत चुनाव में की गई आरक्षण व्यवस्था की अनदेखी करके गलत तरीके से दोनों सीटें आरक्षित श्रेणी मेें शामिल कर दीं। बाद में ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत)/डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट और जिला पंचायत राज अधिकारियों को लिखित आपत्ति देकर दोषपूर्ण आरक्षण में सुधार किए जाने की मांग की।
-
राज्य निर्वाचन आयोग की सूची बनी आपत्ति का आधार
विकास खंड मदनापुर के गांव रसीदपुर निवासी विकास सिंह ने जिला पंचायत के वार्ड 24 (जैतीपुर तृतीय) के प्रस्तावित आरक्षण को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित सूची को अपनी आपत्ति का आधार बनाया है। आयोग की इस सूची को आपत्ति पत्र के साथ संलग्न करके उन्होंने कहा है कि वर्ष 2015 में भी यह वार्ड पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था। गत चुनाव से पहले हुए परिसीमन के आधार पर यह वार्ड सृजित किया गया जबकि उससे पहले जैतीपुर में जिला पंचायत के सिर्फ दो वार्ड थे। पिछले चुनाव में की गई आरक्षण व्यवस्था को अनदेखा करके इस ब्लॉक के वार्ड प्रथम व द्वितीय को अनारक्षित (सामान्य) महिला और वार्ड तृतीय को पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया जो कि शासनादेश का उल्लंघन है। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग की वर्ष 2015 की सूची के आधार पर जैतीपुर के संबंधित वार्डों के आरक्षण में संशोधन किया जाना चाहिए।
-
अगरोली सीट सामान्य महिला को देने की मांग
जैतीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अगरोली में प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रस्तावित किए जाने के विरोध में गांव के सुरेंद्र गुप्ता, सुरेश चंद्र अवस्थी, राममूर्ति, जय देव सिंह, सुनील सिंह, राघव पांडेय, रामकिशन गुप्ता, विमलेश सक्सेना, जितेेंद्र पाल सिंह आदि ने प्रदर्शन कर सामूहिक आपत्ति की। हालांकि, इस मामले मेें जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित आपत्ति केवल जयदेव सिंह की ओर से प्रस्तुत की गई है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि निर्वाचन आयोग से आरक्षण को लेकर जारी हुए दिशा निर्देशों के अनुसार प्रधान पद की यह सीट इस बार सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होनी चाहिए। आपत्तिकर्ता ने प्रस्तावित आरक्षण में नियमानुसार बदलाव करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा होने पर सामान्य श्रेणी की महिलाएं चुनाव के लिए नामांकन करा सकेंगी।
विज्ञापन
-
...तो विधानसभा और लोकसभा में गूंजेगा सफ्तयारा का आरक्षण
ददरौल ब्लॉक की सफ्त्यारा ग्राम पंचायत में प्रधान पद अनुसूचित जाति के बजाय सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित करने पर अधिकारियों को बीते दिन लिखित आपत्ति दे चुके गांव के जगपाल जाटव ने बृहस्पतिवार को दोबारा जिला पंचायत राज अधिकारी को आपत्ति पत्र देकर उसमें चेतावनी पूर्ण भाषा का प्रयोग किया है। उनका कहना है वर्ष 1995 से अब तक यह सीट अनुसूचित जाति के खाते में नहीं आई, जबकि गांव मेें अनुसूचित जाति के लोगों की खासी संख्या है। आपत्ति पत्र के अनुसार सफ्त्यारा मेें प्रधान पद वर्ष 1998 मेें पिछड़ा वर्ग, वर्ष 2000 मेें सामान्य वर्ग, वर्ष 2005 मेें सामान्य महिला, वर्ष 2010 मेें सामान्य वर्ग और वर्ष 2015 मेें पिछड़ा वर्ग के पास रहा। इस वर्ष यह सीट नियमत: अनुसूचित जाति को मिलनी चाहिए, लेकिन उसे सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया। आपत्ति पत्र में जगपाल ने कहा है कि मोदी और योगी सरकार सबका साथ-सबका विकास विकास का बात करती है, लेकिन दोषपूर्ण आरक्षण से गांव में कभी भी अनुसूचित जाति के लोग प्रधान पद पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। गांव का अनुसूचित जाति वर्ग केवल वोट देकर मन भर लेता है, इसलिए सीट का बदलना जरूरी है। अनुसूचित जाति को प्रधानी की सीट नहीं मिली तो यह प्रश्न लखनऊ विधानसभा और दिल्ली लोकसभा मेें उठाया जाएगा ताकि पूरे देश को पता चल सके कि अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव हो रहा है।
-
मतगणना स्थल नहीं बदलने पर धरने की चेतावनी
जैतीपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को आरक्षण प्रक्रिया शुरू होने के साथ कस्बे के लोगों ने मतगणना स्थल बदलवाने की मांग करनी शुरू कर दी है। यहां के पवन तोमर, सोमेश्वर प्रसाद, सोमपाल, देवेंद्र कुमार, गुड्डू सिंह, रामकृष्ण आदि ने खंड विकास अधिकारी को डीएम के नाम प्रार्थना पत्र देकर मतगणना स्थल बदले जाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मतगणना स्थल कस्बे के एक निजी इंटर कॉलेज में है और वहां कॉलेज भवन के मालिक का घर भी बना है। यही नहीं, एक धान मिल का रास्ता भी वहीं से निकला है, जिससे मतगणना में व्यवधान पड़ने की आशंका है। पत्र में कहा गया है कि नौ मार्च तक मतगणना स्थल नहीं बदले जाने की दशा में ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
-
राज्य निर्वाचन आयोग की सूची बनी आपत्ति का आधार
विकास खंड मदनापुर के गांव रसीदपुर निवासी विकास सिंह ने जिला पंचायत के वार्ड 24 (जैतीपुर तृतीय) के प्रस्तावित आरक्षण को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित सूची को अपनी आपत्ति का आधार बनाया है। आयोग की इस सूची को आपत्ति पत्र के साथ संलग्न करके उन्होंने कहा है कि वर्ष 2015 में भी यह वार्ड पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया था। गत चुनाव से पहले हुए परिसीमन के आधार पर यह वार्ड सृजित किया गया जबकि उससे पहले जैतीपुर में जिला पंचायत के सिर्फ दो वार्ड थे। पिछले चुनाव में की गई आरक्षण व्यवस्था को अनदेखा करके इस ब्लॉक के वार्ड प्रथम व द्वितीय को अनारक्षित (सामान्य) महिला और वार्ड तृतीय को पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया जो कि शासनादेश का उल्लंघन है। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग की वर्ष 2015 की सूची के आधार पर जैतीपुर के संबंधित वार्डों के आरक्षण में संशोधन किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
-
अगरोली सीट सामान्य महिला को देने की मांग
जैतीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अगरोली में प्रधान पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रस्तावित किए जाने के विरोध में गांव के सुरेंद्र गुप्ता, सुरेश चंद्र अवस्थी, राममूर्ति, जय देव सिंह, सुनील सिंह, राघव पांडेय, रामकिशन गुप्ता, विमलेश सक्सेना, जितेेंद्र पाल सिंह आदि ने प्रदर्शन कर सामूहिक आपत्ति की। हालांकि, इस मामले मेें जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित आपत्ति केवल जयदेव सिंह की ओर से प्रस्तुत की गई है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि निर्वाचन आयोग से आरक्षण को लेकर जारी हुए दिशा निर्देशों के अनुसार प्रधान पद की यह सीट इस बार सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होनी चाहिए। आपत्तिकर्ता ने प्रस्तावित आरक्षण में नियमानुसार बदलाव करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा होने पर सामान्य श्रेणी की महिलाएं चुनाव के लिए नामांकन करा सकेंगी।
विज्ञापन
-
...तो विधानसभा और लोकसभा में गूंजेगा सफ्तयारा का आरक्षण
ददरौल ब्लॉक की सफ्त्यारा ग्राम पंचायत में प्रधान पद अनुसूचित जाति के बजाय सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित करने पर अधिकारियों को बीते दिन लिखित आपत्ति दे चुके गांव के जगपाल जाटव ने बृहस्पतिवार को दोबारा जिला पंचायत राज अधिकारी को आपत्ति पत्र देकर उसमें चेतावनी पूर्ण भाषा का प्रयोग किया है। उनका कहना है वर्ष 1995 से अब तक यह सीट अनुसूचित जाति के खाते में नहीं आई, जबकि गांव मेें अनुसूचित जाति के लोगों की खासी संख्या है। आपत्ति पत्र के अनुसार सफ्त्यारा मेें प्रधान पद वर्ष 1998 मेें पिछड़ा वर्ग, वर्ष 2000 मेें सामान्य वर्ग, वर्ष 2005 मेें सामान्य महिला, वर्ष 2010 मेें सामान्य वर्ग और वर्ष 2015 मेें पिछड़ा वर्ग के पास रहा। इस वर्ष यह सीट नियमत: अनुसूचित जाति को मिलनी चाहिए, लेकिन उसे सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया। आपत्ति पत्र में जगपाल ने कहा है कि मोदी और योगी सरकार सबका साथ-सबका विकास विकास का बात करती है, लेकिन दोषपूर्ण आरक्षण से गांव में कभी भी अनुसूचित जाति के लोग प्रधान पद पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। गांव का अनुसूचित जाति वर्ग केवल वोट देकर मन भर लेता है, इसलिए सीट का बदलना जरूरी है। अनुसूचित जाति को प्रधानी की सीट नहीं मिली तो यह प्रश्न लखनऊ विधानसभा और दिल्ली लोकसभा मेें उठाया जाएगा ताकि पूरे देश को पता चल सके कि अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव हो रहा है।
-
मतगणना स्थल नहीं बदलने पर धरने की चेतावनी
जैतीपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को आरक्षण प्रक्रिया शुरू होने के साथ कस्बे के लोगों ने मतगणना स्थल बदलवाने की मांग करनी शुरू कर दी है। यहां के पवन तोमर, सोमेश्वर प्रसाद, सोमपाल, देवेंद्र कुमार, गुड्डू सिंह, रामकृष्ण आदि ने खंड विकास अधिकारी को डीएम के नाम प्रार्थना पत्र देकर मतगणना स्थल बदले जाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मतगणना स्थल कस्बे के एक निजी इंटर कॉलेज में है और वहां कॉलेज भवन के मालिक का घर भी बना है। यही नहीं, एक धान मिल का रास्ता भी वहीं से निकला है, जिससे मतगणना में व्यवधान पड़ने की आशंका है। पत्र में कहा गया है कि नौ मार्च तक मतगणना स्थल नहीं बदले जाने की दशा में ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। संवाद