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एआरटीओ दफ्तर पर व्यापारियों को प्रदर्शन
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ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नाम पर धनउगाही का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच से जुड़े व्यापारियों ने एआरटीओ कार्यालय पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने एआरटीओ का घेराव कर उन्हें परिवहन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
व्यापार मंच के बरेली मंडल प्रभारी रईस अहमद और युवा विंग के जिलाध्यक्ष अजय यादव के नेतृत्व में व्यापारी सोमवार दोपहर 12:30 बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। वहां गेट पर पहले से ही पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था। इसके बावजूद भी व्यापारियों ने एआटीओ कार्यालय में भ्रष्टचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारियों के बढ़ते दबाव की वजह से एआरटीओ प्रशासन अपने कार्यालय से बाहर निकल आए तो व्यापारियों ने उनका घेराव कर लिया और ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर धनउगाही करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ऑनलाइन की गई प्रक्रिया के अलावा यदि कोई रुपया लेता है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश महासचिव विश्वेश्वर नाथ हांडा ने कहा कि विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी। इस दौरान व्यापारियों ने परिवहन आयुक्त को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र एआरटीओ को सौंपा। दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि लर्निंग, परमानेंट लाइसेंस बनाने के लिए मूल प्रपत्र दिखाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है इसके बाद भी मूल प्रपत्र देखते हैं और स्क्रूटनी के नाम पर 50 रुपये की वसूली की जाती है और घंटों लाइन में लगाया जाता है, जबकि दलालों का काम आसानी से हो जाता है। इसके अलावा अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए भी अलग-अलग तरह से रुपये लिए जाते हैं। प्रदर्शनकारियों में शरत चंद्र शुक्ला, लालू पुजारी, वरुण मुद्गल, सुनील साहनी, राकेश चौधरी, विकास शुक्ला, फरमान खान, सुमित महाजन आदि शामिल थे।
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व्यापार मंच के बरेली मंडल प्रभारी रईस अहमद और युवा विंग के जिलाध्यक्ष अजय यादव के नेतृत्व में व्यापारी सोमवार दोपहर 12:30 बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। वहां गेट पर पहले से ही पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया था। इसके बावजूद भी व्यापारियों ने एआटीओ कार्यालय में भ्रष्टचार का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारियों के बढ़ते दबाव की वजह से एआरटीओ प्रशासन अपने कार्यालय से बाहर निकल आए तो व्यापारियों ने उनका घेराव कर लिया और ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर धनउगाही करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से ऑनलाइन की गई प्रक्रिया के अलावा यदि कोई रुपया लेता है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश महासचिव विश्वेश्वर नाथ हांडा ने कहा कि विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी। इस दौरान व्यापारियों ने परिवहन आयुक्त को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र एआरटीओ को सौंपा। दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि लर्निंग, परमानेंट लाइसेंस बनाने के लिए मूल प्रपत्र दिखाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है इसके बाद भी मूल प्रपत्र देखते हैं और स्क्रूटनी के नाम पर 50 रुपये की वसूली की जाती है और घंटों लाइन में लगाया जाता है, जबकि दलालों का काम आसानी से हो जाता है। इसके अलावा अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए भी अलग-अलग तरह से रुपये लिए जाते हैं। प्रदर्शनकारियों में शरत चंद्र शुक्ला, लालू पुजारी, वरुण मुद्गल, सुनील साहनी, राकेश चौधरी, विकास शुक्ला, फरमान खान, सुमित महाजन आदि शामिल थे।
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