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देवी भक्तों ने की माता कात्यायनी की आराधना

Sat, 05 Oct 2019 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2019 02:21 AM IST
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शाहजहांपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक माह में बीते पेराई सत्र का भुगतान करने के आदेश के बावजूद जिले में बजाज ग्रुप की मकसूदापुर और सहकारी क्षेत्र की तिलहर एवं पुवायां चिनी मिल गन्ना किसानों का 140.29 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। हालांकि, निगोही की डालमिया मिल हाईकोर्ट के आदेश से पहले ही किसानों का बकाया गन्ना मूल्य चुकता कर चुकी है। गत सप्ताह रोजा स्थित अवध शुगर वर्क्स ने भी संपूर्ण भुगतान कर दिया, लेकिन शेष तीनों चीनी मिलों ने भुगतान की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई, जिससे किसानों को अगले माह से शुरू हो रहे नए पेराई सत्र तक बकाया रकम मिलने की उम्मीद नहीं है। सर्वाधिक 128.29 करोड़ रुपये मकसूदापुर मिल पर बकाया होने के कारण प्रशासन ने वहां का चीनी स्टॉक अपनी निगरानी मेें ले रखा है, लेकिन वह देनदारी चुकता करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
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पेराई सत्र 2018-19 में मकसूदापुर मिल ने 277.56 करोड़ रुपये का 86.25 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा, लेकिन मिल प्रबंधन पेराई सत्र 2017-18 के बकाया भुगतान में उलझा रहा और गत पेराई सत्र मेें केवल 149.27 करोड़ का भुगतान कर सका। जुलाई में एमएलसी अमित यादव रिंकू ने विधान परिषद में चीनी मिलों पर किसानों के बकाया का मुद्दा उठाते हुए सरकार से नया पेराई सत्र आरंभ होने से पहले संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की तो निवर्तमान डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर डीसीओ ने मिलों को बकाया भुगतान एक माह में करने के लिए नोटिस जारी किए। जिस पर अमल करते हुए निगोही और रोजा मिल ने संपूर्ण भुगतान कर दिया। इसके बाद सितंबर में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चीनी मिलों को एक माह में किसानों को बकाया भुगताने करने के आदेश दिए, इसके बाद भी जिले की पुवायां, तिलहर और मकसूदापुर चिनी मिलें किसानों का 140.29 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं।
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गन्ना विकास विभाग और चीनी उद्योग से जुड़े अधिकारी भी मानते हैं कि सहकारी क्षेत्र की दोनों मिलें हाईकोर्ट के आदेशानुसार एक माह में संपूर्ण भुगतान करने की स्थिति में हैं, लेकिन मकसूदापुर मिल की वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि अपने संसाधनों से संपूर्ण बकाया चुका सके।
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गन्ना खरीद (लाख क्विंटल), देय मूल्य, भुगतान और अवशेष बकाया (करोड़ रुपये)

चीनी मिल गन्ना खरीद देय मूल्य भुगतान बकाया अवशेष
0 डालमियां मिल, निगोही 129.71 418.41 418.41 शून्य
0 बजाज मिल, मकसूदापुर 86.25 277.56 149.27 128.29
0 अवध शुगर मिल, रोजा 71.45 229.52 210.10 शून्य
0 सहकारी मिल, तिलहर 33.37 107.25 97.33 9.92
0 सहकारी मिल, पुवायां 34.24 111.11 108.42 2.69

योग 355.02 1143.85 983.53 140.90
मकसूदापुर मिल अपने वित्तीय संसाधनों से बकाया चुकता करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन वहां के प्रबंधन ने ग्रुप के कारपोरेट ऑफिस से रकम लेकर किसानों की देनदारी नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले चुकाने का वायदा किया है। बजाज ग्रुप की करीब 15 चीनी मिलें हैं और यह सभी पेराई सत्र शुरू होने पर वित्तीय आवश्यकता के लिए आपस मेें लेनदेन करती हैं। पिछले साल मकसूदापुर मिल प्रबंधन ने कारपोरेट आफिस से 20 करोड़ रुपये लेकर किसानों की पिछली देनदारी चुकता की थी। नियत अवधि तक संपूर्ण भुगतान नहीं होने पर मिलों की बकाया संबंधी आख्या शासन के माध्यम से हाईकोर्ट भेज दी जाएगी। - डॉ. खुशी राम, जिला गन्ना अधिकारी
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