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Shahjahanpur News: प्रशासनिक कार्य में उलझे हड्डी रोग विशेषज्ञ...दिव्यांगों को करना पड़ा लंबा इंतजार
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पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद
शाहजहांपुर। प्रत्येक सोमवार को पुराने जिला अस्पताल में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जुटने वाले दिव्यांगों को हड्डी रोग विशेषज्ञ का लंबा इंतजार करना पड़ा। सीएमएस का चार्ज होने के साथ ही अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के चलते उनके देरी से आने पर दिव्यांगों को गर्मी में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग के पास एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सरोज कुमार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीएमएस का चार्ज दे दिया गया है। उनके पास जिम्मेदारी बढ़ने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ की मांग के लिए डीजी कार्यालय में पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक नई तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मेडिकल परीक्षण की जिम्मेदारी डॉ.सरोज कुमार को ही उठानी पड़ रही है।
सोमवार को सुबह आठ बजे से पुराने जिला अस्पताल में सौ से ज्यादा दिव्यांग पहुंचे। ईएनटी समेत दो डॉक्टर पहुंच गए, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं आ सके। इसके चलते दिव्यांगों को काफी दिक्कत हुई। परिसर में पड़ी सारी कुर्सियां भरने पर दिव्यांगों को पेड़ों के नीचे बैठकर इंतजार करना पड़ा। कुछ ने मजबूरी में सीढि़याें पर डेरा जमाया। यहां पर दिव्यांगों के लिए पानी तक के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
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पेड़ के नीचे एकमात्र नल लगा है। उसके आसपास भी काफी गंदगी थी। दिन में 1.43 बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ पहुंचे, तब दिव्यांगों का परीक्षण कर प्रमाणपत्र बनाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यहां पर सौ से ज्यादा दिव्यांगों के प्रमाणपत्र प्रत्येक सोमवार को बन जाते हैं।
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बेटे मिथलेश का प्रमाणपत्र बनवाने आए हैं। सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। अब तक नहीं आने से काम शुरू नहीं हो सका है। परेशानी उठानी पड़ रही है।
-वसंती देवी, गांव रेहरा मीरानपुर कटरा
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दो जगह से पैर टूटा है इसलिए दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने सुबह आठ बजे आ गए थे। दो बजे डॉक्टर के आने की जानकारी दी गई है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
-महेंद्र पाल, जलालाबाद
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पत्नी नाजमा का प्रमाणपत्र बनवाना है। अधिक दूर से आने के चलते सुबह नौ बजे आ गए थे, जिससे पहले नंबर लग जाए। पिछले सोमवार को भी डॉक्टर के नहीं आने से लौटना पड़ा था।
-मोहम्मद तालिब, खुदागंज
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हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास सीएमएस का चार्ज होने के कारण उन्हें प्रशासनिक कार्य भी देखने होते हैं। डीएम के पोस्टमाॅर्टम हाउस के निरीक्षण के चलते वह वहां भी चले गए थे इसलिए मेडिकल बोर्ड में आने में देरी हो गई।
-डॉ. मोहम्मद आसिफ, डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग के पास एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सरोज कुमार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीएमएस का चार्ज दे दिया गया है। उनके पास जिम्मेदारी बढ़ने पर हड्डी रोग विशेषज्ञ की मांग के लिए डीजी कार्यालय में पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक नई तैनाती नहीं हुई है। ऐसे में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मेडिकल परीक्षण की जिम्मेदारी डॉ.सरोज कुमार को ही उठानी पड़ रही है।
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सोमवार को सुबह आठ बजे से पुराने जिला अस्पताल में सौ से ज्यादा दिव्यांग पहुंचे। ईएनटी समेत दो डॉक्टर पहुंच गए, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं आ सके। इसके चलते दिव्यांगों को काफी दिक्कत हुई। परिसर में पड़ी सारी कुर्सियां भरने पर दिव्यांगों को पेड़ों के नीचे बैठकर इंतजार करना पड़ा। कुछ ने मजबूरी में सीढि़याें पर डेरा जमाया। यहां पर दिव्यांगों के लिए पानी तक के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
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पेड़ के नीचे एकमात्र नल लगा है। उसके आसपास भी काफी गंदगी थी। दिन में 1.43 बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ पहुंचे, तब दिव्यांगों का परीक्षण कर प्रमाणपत्र बनाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यहां पर सौ से ज्यादा दिव्यांगों के प्रमाणपत्र प्रत्येक सोमवार को बन जाते हैं।
बेटे मिथलेश का प्रमाणपत्र बनवाने आए हैं। सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। अब तक नहीं आने से काम शुरू नहीं हो सका है। परेशानी उठानी पड़ रही है।
-वसंती देवी, गांव रेहरा मीरानपुर कटरा
दो जगह से पैर टूटा है इसलिए दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने सुबह आठ बजे आ गए थे। दो बजे डॉक्टर के आने की जानकारी दी गई है। लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
-महेंद्र पाल, जलालाबाद
पत्नी नाजमा का प्रमाणपत्र बनवाना है। अधिक दूर से आने के चलते सुबह नौ बजे आ गए थे, जिससे पहले नंबर लग जाए। पिछले सोमवार को भी डॉक्टर के नहीं आने से लौटना पड़ा था।
-मोहम्मद तालिब, खुदागंज
हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास सीएमएस का चार्ज होने के कारण उन्हें प्रशासनिक कार्य भी देखने होते हैं। डीएम के पोस्टमाॅर्टम हाउस के निरीक्षण के चलते वह वहां भी चले गए थे इसलिए मेडिकल बोर्ड में आने में देरी हो गई।
-डॉ. मोहम्मद आसिफ, डिप्टी सीएमओ, नोडल अधिकारी

पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद

पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद

पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद

पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद

पुराने जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने को इंतजार करते दिव्यांग। संवाद