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शादी अनुदान: तीन माह में सिर्फ दस फीसदी आवेदनों का हो सका सत्यापन
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शाहजहांपुर। तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा उन तमाम गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने बेटी के हाथ पीले करने के लिए शादी अनुदान योजना में आवेदन किया है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को एकमुश्त 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है।
शादी अनुदान योजना के लिए गत एक अप्रैल से अभी तक आठ हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। बताया जाता है कि नगर क्षेत्र के आवेदनों का सत्यापन एसडीएम को करना है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन खंड विकास अधिकारियों को अपने स्तर से सत्यापित कराने हैं। यही नहीं, सत्यापित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर से भी उदासीन बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ब्लॉक स्तर पर करीब नौ सौ आवेदनों का सत्यापन हो चुका है, लेकिन उनकी हार्ड कॉपी नहीं मिलने से पात्र पाए गए लाभार्थियों को सूचीबद्ध कर उन्हें विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का काम भी अटका हुआ है।
अधिकारियों की इस कार्य में ढिलाई का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि भावलखेड़ा ब्लॉक को शादी अनुदान के लिए करीब 2100 आवेदन मिले, लेकिन उनमें से केवल 318 का सत्यापन हो सका। इसी तरह विकास खंड तिलहर में 1113, बंडा में 873, ददरौल में 787, पुुवायां में 513, खुदागंज में 368 और निगोही ब्लॉक कार्यालय में 467 आवेदन सत्यापन के लिए दो माह पहले भेजे गए, लेकिन अभी तक यह काम लंबित है।
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सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को आवेदन इस आशय से उपलब्ध कराए गए कि वह एक सप्ताह में उनका निस्तारण कराकर हार्ड कॉपी समाज कल्याण कार्यालय भिजवाएं। इसके लिए उन्हें शासनादेश का संदर्भ भी दिया गया। इसके बावजूद आवेदनों का सत्यापन लंबित होने से उनसे संबंधित आवेदक बार-बार जिला मुख्यालय पर आकर परेशान हो रहे हैं। इसे देखते सभी एसडीएम और बीडीओ को परिपत्र जारी कर सभी आवेदन सत्यापित कर एक सप्ताह में उपलब्ध कराने को कहा गया है। -राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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शादी अनुदान योजना के लिए गत एक अप्रैल से अभी तक आठ हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। बताया जाता है कि नगर क्षेत्र के आवेदनों का सत्यापन एसडीएम को करना है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के आवेदन खंड विकास अधिकारियों को अपने स्तर से सत्यापित कराने हैं। यही नहीं, सत्यापित आवेदनों की हार्ड कॉपी भी समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर से भी उदासीन बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ब्लॉक स्तर पर करीब नौ सौ आवेदनों का सत्यापन हो चुका है, लेकिन उनकी हार्ड कॉपी नहीं मिलने से पात्र पाए गए लाभार्थियों को सूचीबद्ध कर उन्हें विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का काम भी अटका हुआ है।
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अधिकारियों की इस कार्य में ढिलाई का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि भावलखेड़ा ब्लॉक को शादी अनुदान के लिए करीब 2100 आवेदन मिले, लेकिन उनमें से केवल 318 का सत्यापन हो सका। इसी तरह विकास खंड तिलहर में 1113, बंडा में 873, ददरौल में 787, पुुवायां में 513, खुदागंज में 368 और निगोही ब्लॉक कार्यालय में 467 आवेदन सत्यापन के लिए दो माह पहले भेजे गए, लेकिन अभी तक यह काम लंबित है।
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सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को आवेदन इस आशय से उपलब्ध कराए गए कि वह एक सप्ताह में उनका निस्तारण कराकर हार्ड कॉपी समाज कल्याण कार्यालय भिजवाएं। इसके लिए उन्हें शासनादेश का संदर्भ भी दिया गया। इसके बावजूद आवेदनों का सत्यापन लंबित होने से उनसे संबंधित आवेदक बार-बार जिला मुख्यालय पर आकर परेशान हो रहे हैं। इसे देखते सभी एसडीएम और बीडीओ को परिपत्र जारी कर सभी आवेदन सत्यापित कर एक सप्ताह में उपलब्ध कराने को कहा गया है। -राजेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी