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ओडीओपी : अब गुड़ नहीं, खाद्य प्रसंस्करण की इकाइयों पर मिलेगा अनुदान
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शाहजहांपुर। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यमों व समूह श्रेणी घटकों के निर्देशों में संशोधन कर दिया गया है। इसके तहत अभी तक एक जिला-एक उत्पाद में शामिल गुड़ की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण की सभी इकाईयों पर अनुदान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। कोशिश है कि अधिक लोगों को लाभ देकर उद्यमी बनाया जा सके।
जिले में गन्ना उत्पादन अधिक होने से ओडीओपी में गुड़ को शामिल गया था। गुड़ व उससे निर्मित उत्पादों को लेकर अनुदान देने के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन अधिक आवेदन नहीं आने के बाद योजना में बदलाव कर दिया गया। विभाग के निदेशक ने गुड़ व उससे निर्मित उत्पादों पर लाभ देने के निर्णय में संशोधन कर दिया। विभाग ने खाद्य प्रसंस्करण की कोई भी इकाई जैसे-दलिया मशीन, आटा मिल, चिप्स, अचार, मुरब्बा, दूध, मेंथा ऑयल आदि लगाने पर लाभ देने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत आवेदक को 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। किसान आवेदन कर अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं।
यहां करें आवेदन
- खाद्य प्रसंस्करण के लिए लाभ प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आवेदक विकास भवन स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय में अपने प्रमाणपत्र दे सकते हैं।
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- पहले ओडीओपी में सिर्फ गुड़ को शामिल किया गया था। निदेशक ने संशोधन करते हुए खाद्य प्रसंस्करण की सभी इकाईयों पर लाभ देने के लिए निर्देश जारी किए हैं। किसान आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।- राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में गन्ना उत्पादन अधिक होने से ओडीओपी में गुड़ को शामिल गया था। गुड़ व उससे निर्मित उत्पादों को लेकर अनुदान देने के लिए आवेदन मांगे गए थे लेकिन अधिक आवेदन नहीं आने के बाद योजना में बदलाव कर दिया गया। विभाग के निदेशक ने गुड़ व उससे निर्मित उत्पादों पर लाभ देने के निर्णय में संशोधन कर दिया। विभाग ने खाद्य प्रसंस्करण की कोई भी इकाई जैसे-दलिया मशीन, आटा मिल, चिप्स, अचार, मुरब्बा, दूध, मेंथा ऑयल आदि लगाने पर लाभ देने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत आवेदक को 35 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। किसान आवेदन कर अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं।
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यहां करें आवेदन
- खाद्य प्रसंस्करण के लिए लाभ प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आवेदक विकास भवन स्थित उद्यान विभाग के कार्यालय में अपने प्रमाणपत्र दे सकते हैं।
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- पहले ओडीओपी में सिर्फ गुड़ को शामिल किया गया था। निदेशक ने संशोधन करते हुए खाद्य प्रसंस्करण की सभी इकाईयों पर लाभ देने के लिए निर्देश जारी किए हैं। किसान आवेदन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।- राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी