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Shahjahanpur News: नर्स डॉक्टर बन करती थी इलाज, अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं

Fri, 19 May 2023 12:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2023 12:05 AM IST
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Nurse used to treat as a doctor, not even registration of the hospital
कांट (शाहजहांपुर) कुर्रियाकलां रोड पर स्थित नर्सिंग होम में उसकी संचालिका रुचि सक्सेना की मौत हत्या या आत्महत्या के बीच भले ही उलझी हो, लेकिन इसकी जांच में अस्पताल संचालन की हकीकत जरूर सामने आ गई। इसमें स्वास्थ्य महकमे के कामकाज की पोल भी खुल गई। पुलिस के मुताबिक, दरअसल पुवायां के गांव कहमारा निवासी रुचि ने नर्सिंग का कोर्स किया था। शादी के बाद उसने शहर के एक अस्पताल में बतौर नर्स नौकरी भी की थी। बाद में उसने कुर्रियाकलां रोड पर नर्सिंग होम खोल लिया था और डॉक्टर के तौर पर मरीजों का इलाज करती थी।
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जांच में सामने आया कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण के चल रहा था। महिला रुचि और उसके पार्टनर सोनू वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करने के लिए फाइल दी थी। इसमें कई डॉक्टरों के नाम भी अंकित किए थे। अपर शोध अधिकारी डॉ.एसके सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया। डॉ. सिंह के अनुसार, उन्हें आवेदकों के अलावा कोई डॉक्टर नहीं मिला था। इसके चलते पंजीकरण की फाइल स्वीकृत नहीं हो सकी थी। पांच महीने से मेन रोड पर अस्पताल चलता रहा, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी खबर तक नहीं लग सकी। इसी तरह जिले अन्य क्षेत्रों में भी धड़ल्ले से अस्पताल और पैथोलॉजी लैब चलती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को पता नहीं चलता। जब कोई केस बिगड़ता है तब जानकारी होती है कि अस्पताल अपंजीकृत है।
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ऐसे हुई थी सोनू व महिला की पहचान

महिला रुचि की शादी चार साल पहले हरदोई में हुई थी, लेकिन वह शहर के अस्पताल में नर्स का काम करती थी। पुलिस के अनुसार, उस समय सोनू गाजियाबाद में नौकरी करता था। जिस अस्पताल में रुचि नौकरी करती थी, उसका संचालक सोनू का दोस्त है। सोनू अस्पताल के पास में रहता था। इस बीच निगोही में एक शादी में उनकी मुलाकात हुई तो जान-पहचान बढ़ गई। बातचीत शुरू हो गई। सोनू ने रुपया लगाकर रुचि को अस्पताल खुलवा दिया था। वह महिला डॉक्टर बनकर कार्य करने लगी और अस्पताल संचालन में हाथ बंटाती थी।
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पति की फोन पर हुई थी बात, तब एसी लेने शहर आई थी

मृतका के पति मुलायम सक्सेना ने बताया कि अस्पताल खोलने के दौरान रुचि और सोनू के बीच तय हुआ था कि दोनों के घरों से अस्पताल में कोई नहीं आएगा। इसलिए वह नहीं आता था। बुधवार को उसने फोन कर पत्नी से लोकेशन पूछी थी। तब अस्पताल के लिए एसी लेने शहर आने की बात कही थी। पति ने मौसी के घर होकर जाने की बात कही तो उसने मना कर दिया था। बताते हैं कि सोनू और रेनू रात करीब 12 बजे कहीं से आए थे। इसके बाद सोनू अपने घर चला गया था।

जाम लगाने का प्रयास, पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई

दोपहर करीब एक बजे परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। स्ट्रेचर पर शव को रखकर परिजन सड़क पर ले आए। वे डीएम और एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के नहीं आने तक परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए न ले जाने देने पर अड़ गए। सीओ सदर अमित चौरसिया भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। स्ट्रेचर को लेकर छीनाझपटी और जमकर नोकझोंक हुई।

-महिला के पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। शोषण जैसा कोई मामला नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने से मौत होने की बात सामने आई है।

अमित चौरसिया, सीओ सदर
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