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अब इमली रोड के बहुरेंगे दिन
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 06 May 2015 11:10 PM IST
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मार्निंग वॉक के लिए कैंट एरिया में घूमने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। अब छावनी को शहर से जोड़ने वाली सड़कों के भी दिन जल्द ही बहुरेंगे। एमईएस के अभियंताओं ने बुधवार से ऐसी सड़कों पर बजरी कोलतार से पिचिंग वर्क शुरू करा दिया।
शहर को कैंट इलाके से जोड़ने के लिए कई एप्रोच रोड हैं। इसमें इमली रोड के नाम से मशहूर रेलवे फ्लाईओवर तिराहा से वीर अब्दुल हमीद चौक मार्ग सर्वाधिक इस्तेमाल होता है। चूंकि, यह रोड सीधे शहर को फैक्ट्री के रामलीला ग्राउंड से जोड़ता है। कई स्कूल-कालेज, ओसीएफ हॉस्पिटल भी इसी रोड के नजदीक है। इसलिए इमली रोड आवागमन की दृष्टि से बेहद व्यस्त रहता है। रामलीला मेला के दौरान इमली रोड पर अपार भीड़ रहती है। यातायात के सघन दबाव के चलते करीब दस साल पहले बने इस रोड पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए थे।
एमईएस ने इस तरह शुरू किया काम
एमईएस के नियमानुसार किसी भी रोड के पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत के लिए बजट आगणन तैयार करना होता है। चूंकि, कैंट के इमली रोड समेत कई मार्ग एमईएस के अधीन आते हैं। इसलिए छावनी परिषद के पदाधिकारी और अधिकारी इस ओर से उदासीन बने रहे। हाल ही में हुए कैंट बोर्ड के चुनाव में उपाध्यक्ष बने अवधेश दीक्षित पर क्षेत्र के मतदाताओं ने मार्ग सही कराने का दबाव बनाया तो उन्होंने अपने स्तर से प्रयास तेज किए।
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सीडब्ल्यूई ने पिचिंग वर्क को दी परमीशन
कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बरेली जाकर रक्षा संपदा कार्यालय और अन्य सक्षम अधिकारियों से संपर्क साधा। आखिर में सीडब्ल्यूई से सभी मार्गों के पिचिंग वर्क की परमीशन हासिल कर ली। अनुमति मिलते ही एमईएस के सहायक अभियंता शेखर शिंदे और अवर अभियंता माधवन ने इमली रोड पर सर्वे करके बुधवार से गड्ढों को बजरी-कोलतार से भराने का काम शुरू करा दिया।
जलभराव रोकने को उठेगा सड़क का तल
कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष अवधेश दीक्षित का कहना है कि इमली रोड पर हमीद चौक से लेकर डाकखाना तिराहा तक जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से बारिश का सारा पानी रोड पर भरता है। इसी कमी को दूर करने के लिए इमली रोड को दोनों ओर बने फुटपाथों की ऊंचाई तक बनाने का प्रस्ताव एमईएस को भेजा जाएगा। हालांकि, तिराहे पर दो पुलिया बनी हैं, लेकिन वह दोनों ओर मिट्टी से पट चुकी हैं।
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शहर को कैंट इलाके से जोड़ने के लिए कई एप्रोच रोड हैं। इसमें इमली रोड के नाम से मशहूर रेलवे फ्लाईओवर तिराहा से वीर अब्दुल हमीद चौक मार्ग सर्वाधिक इस्तेमाल होता है। चूंकि, यह रोड सीधे शहर को फैक्ट्री के रामलीला ग्राउंड से जोड़ता है। कई स्कूल-कालेज, ओसीएफ हॉस्पिटल भी इसी रोड के नजदीक है। इसलिए इमली रोड आवागमन की दृष्टि से बेहद व्यस्त रहता है। रामलीला मेला के दौरान इमली रोड पर अपार भीड़ रहती है। यातायात के सघन दबाव के चलते करीब दस साल पहले बने इस रोड पर जगह-जगह जानलेवा गड्ढे हो गए थे।
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एमईएस ने इस तरह शुरू किया काम
एमईएस के नियमानुसार किसी भी रोड के पुनर्निर्माण अथवा मरम्मत के लिए बजट आगणन तैयार करना होता है। चूंकि, कैंट के इमली रोड समेत कई मार्ग एमईएस के अधीन आते हैं। इसलिए छावनी परिषद के पदाधिकारी और अधिकारी इस ओर से उदासीन बने रहे। हाल ही में हुए कैंट बोर्ड के चुनाव में उपाध्यक्ष बने अवधेश दीक्षित पर क्षेत्र के मतदाताओं ने मार्ग सही कराने का दबाव बनाया तो उन्होंने अपने स्तर से प्रयास तेज किए।
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सीडब्ल्यूई ने पिचिंग वर्क को दी परमीशन
कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष ने बरेली जाकर रक्षा संपदा कार्यालय और अन्य सक्षम अधिकारियों से संपर्क साधा। आखिर में सीडब्ल्यूई से सभी मार्गों के पिचिंग वर्क की परमीशन हासिल कर ली। अनुमति मिलते ही एमईएस के सहायक अभियंता शेखर शिंदे और अवर अभियंता माधवन ने इमली रोड पर सर्वे करके बुधवार से गड्ढों को बजरी-कोलतार से भराने का काम शुरू करा दिया।
जलभराव रोकने को उठेगा सड़क का तल
कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष अवधेश दीक्षित का कहना है कि इमली रोड पर हमीद चौक से लेकर डाकखाना तिराहा तक जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से बारिश का सारा पानी रोड पर भरता है। इसी कमी को दूर करने के लिए इमली रोड को दोनों ओर बने फुटपाथों की ऊंचाई तक बनाने का प्रस्ताव एमईएस को भेजा जाएगा। हालांकि, तिराहे पर दो पुलिया बनी हैं, लेकिन वह दोनों ओर मिट्टी से पट चुकी हैं।