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मॉडल प्रदर्शनी में नहीं पहुंचे आधे कॉलेज
शाहजहांपुर।
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:01 AM IST
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इंस्पायर अवार्ड योजना के अंतर्गत बुधवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में अपेक्षानुरूप छात्र-छात्राओं के शामिल न होने पर डीआईओएस ने खासी नाराजगी जताई और प्रधानाचार्याें समेत बीएसए को से भी बच्चों को भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को चयनित विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित कराएं।
बता दें कि प्रदर्शनी में शैक्षिक सत्र 2012-13 के बेसिक शिक्षा विभाग के उन विद्यार्थियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए थे, जो किन्हीं कारणवश उस वर्ष प्रदर्शनी में शामिल नहीं हो सके थे। वंचित छात्र-छात्राओं में किसी ने भी प्रतिभाग नहीं किया, जबकि भारत सरकार की ओर से चयनित छात्र-छात्राओं को मॉडल निर्माण के लिए अग्रिम राशि के रूप में पांच-पांच हजार रुपये दिए जा चुके हैं। डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि बृहस्पतिवार को वंचित विद्यार्थियों की सहभागिता नहीं कराई गई तो संबंधित प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय इंटर कॉलेज में लगी प्रदर्शनी में माध्यमिक के कुल 79 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जबकि चयनित छात्रों की संख्या 179 थी, इस तरह संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने सौ बच्चों को इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में शामिल कराना जरूरी नहीं समझा। उद्घाटन अवसर पर डीआईओएस कमलाकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए है, न कि शिक्षकों और अभिभावकों को पैसे देकर उनका दुरुपयोग करना है।
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पहले दिन मॉडलों का मूल्यांकन गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक डॉ. प्रताप सिंह और डॉ. जेके तिवारी तथा जीएफ कॉलेज के डॉ. मोहम्मद आसिफ ने किया। ज्ञानेश वाजपेयी के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में प्रेम शंकर सक्सेना, संजय शंकर मिश्र, ओम प्रकाश, दीपक दीक्षित, प्रमोद कुमार आदि का योगदान रहा।
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बता दें कि प्रदर्शनी में शैक्षिक सत्र 2012-13 के बेसिक शिक्षा विभाग के उन विद्यार्थियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए थे, जो किन्हीं कारणवश उस वर्ष प्रदर्शनी में शामिल नहीं हो सके थे। वंचित छात्र-छात्राओं में किसी ने भी प्रतिभाग नहीं किया, जबकि भारत सरकार की ओर से चयनित छात्र-छात्राओं को मॉडल निर्माण के लिए अग्रिम राशि के रूप में पांच-पांच हजार रुपये दिए जा चुके हैं। डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि यदि बृहस्पतिवार को वंचित विद्यार्थियों की सहभागिता नहीं कराई गई तो संबंधित प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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राजकीय इंटर कॉलेज में लगी प्रदर्शनी में माध्यमिक के कुल 79 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जबकि चयनित छात्रों की संख्या 179 थी, इस तरह संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने सौ बच्चों को इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में शामिल कराना जरूरी नहीं समझा। उद्घाटन अवसर पर डीआईओएस कमलाकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति अभिरुचि पैदा करने के लिए है, न कि शिक्षकों और अभिभावकों को पैसे देकर उनका दुरुपयोग करना है।
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पहले दिन मॉडलों का मूल्यांकन गन्ना शोध परिषद के वैज्ञानिक डॉ. प्रताप सिंह और डॉ. जेके तिवारी तथा जीएफ कॉलेज के डॉ. मोहम्मद आसिफ ने किया। ज्ञानेश वाजपेयी के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्रधानाचार्य टीआर वर्मा ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में प्रेम शंकर सक्सेना, संजय शंकर मिश्र, ओम प्रकाश, दीपक दीक्षित, प्रमोद कुमार आदि का योगदान रहा।