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Shahjahanpur News: नौ करोड़ खर्च, फिर भी शहर में अंधेरा
Sun, 27 Apr 2025 01:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 27 Apr 2025 01:18 AM IST
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शाहजहांपुर। महानगर क्षेत्र की सड़कों पर लगीं स्ट्रीट लाइटों पर नाै करोड़ रुपये हर साल खर्च होने के बाद भी अंधेरा छाया हुआ है। इसमें प्रत्येक माह 35 लाख रुपये का तो बिजली बिल नगर निगम जमा करता है। स्थिति ये है कि कुछ जगह को छोड़ दें तो अधिकतर जगह पथ प्रकाश व्यवस्था ठप पड़ी है। शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नगर निगम ने एक निजी कंपनी से सितंबर, 2017 में शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने के लिए सात वर्ष का अनुबंध किया गया था। शर्त ये थी कि ऊर्जा बचत का 90 प्रतिशत भुगतान कंपनी को किया जाएगा। इसके तहत कंपनी को ऊर्जा बचत के नाम पर प्रतिमाह नगर निगम की ओर से 32 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बदले में कंपनी स्ट्रीट लाइट देखभाल करती है।
वहीं, प्रतिमाह नगर निगम क्षेत्र में जलने वालीं स्ट्रीट लाइटों का करीब 35 लाख रुपये विद्युत निगम को बिल का भुगतान किया जाता है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, फिर से पुरानी कार्यदायी संस्था को देखरेख का जिम्मा मिल गया है, जबकि संबंधित संस्था के बारे में शिकायत मिली थी। कमेटी गठित कर इसकी जांच कराई गई, लेकिन बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नगर निगम प्रशासन के वर्ष 2024-25 के आय-व्यय बजट के मुताबिक पथ प्रकाश व्यवस्था पर लगभग नौ करोड़ खर्च होते हैं।
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शहर में स्ट्रीट लाइट की स्थिति
- 16,366 पूरे नगर निगम क्षेत्र में लगीं।
- 250 सोलर लाइट यूपी नेडा की तरफ से लगाई गईं।
- 1100 लाइट नगर निगम की ओर से डिवाइडर पर लगाई गईं।
- 130 हाईमास्ट लाइट नगर निगम क्षेत्र में लगीं।
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एक दिन में आती हैं 40 से 50 शिकायतें
स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या को लेकर एक दिन में 40 से 50 व एक माह में करीब 1500 लोग नगर निगम में शिकायत दर्ज कराते हैं। इसमें पार्षदों के माध्यम से लोग हेल्पलाइन नंबर पर भी अपनी बात रखते हैं या फिर नगर निगम कार्यालय में आकर प्रार्थनापत्र देते हैं। जनसुनवाई में भी एक या दो शिकायों हर सप्ताह आती हैं।
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नगर निगम क्षेत्र में जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट खराब होती हैं। उसका 48 घंटे में निस्तारण कराया जाता है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रों का भ्रमण कर लाइट व्यवस्था को सुचारु कराएं।
- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त
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नगर निगम ने एक निजी कंपनी से सितंबर, 2017 में शहर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुधारने के लिए सात वर्ष का अनुबंध किया गया था। शर्त ये थी कि ऊर्जा बचत का 90 प्रतिशत भुगतान कंपनी को किया जाएगा। इसके तहत कंपनी को ऊर्जा बचत के नाम पर प्रतिमाह नगर निगम की ओर से 32 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बदले में कंपनी स्ट्रीट लाइट देखभाल करती है।
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वहीं, प्रतिमाह नगर निगम क्षेत्र में जलने वालीं स्ट्रीट लाइटों का करीब 35 लाख रुपये विद्युत निगम को बिल का भुगतान किया जाता है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, फिर से पुरानी कार्यदायी संस्था को देखरेख का जिम्मा मिल गया है, जबकि संबंधित संस्था के बारे में शिकायत मिली थी। कमेटी गठित कर इसकी जांच कराई गई, लेकिन बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। नगर निगम प्रशासन के वर्ष 2024-25 के आय-व्यय बजट के मुताबिक पथ प्रकाश व्यवस्था पर लगभग नौ करोड़ खर्च होते हैं।
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शहर में स्ट्रीट लाइट की स्थिति
- 16,366 पूरे नगर निगम क्षेत्र में लगीं।
- 250 सोलर लाइट यूपी नेडा की तरफ से लगाई गईं।
- 1100 लाइट नगर निगम की ओर से डिवाइडर पर लगाई गईं।
- 130 हाईमास्ट लाइट नगर निगम क्षेत्र में लगीं।
एक दिन में आती हैं 40 से 50 शिकायतें
स्ट्रीट लाइट खराब होने की समस्या को लेकर एक दिन में 40 से 50 व एक माह में करीब 1500 लोग नगर निगम में शिकायत दर्ज कराते हैं। इसमें पार्षदों के माध्यम से लोग हेल्पलाइन नंबर पर भी अपनी बात रखते हैं या फिर नगर निगम कार्यालय में आकर प्रार्थनापत्र देते हैं। जनसुनवाई में भी एक या दो शिकायों हर सप्ताह आती हैं।
नगर निगम क्षेत्र में जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट खराब होती हैं। उसका 48 घंटे में निस्तारण कराया जाता है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रों का भ्रमण कर लाइट व्यवस्था को सुचारु कराएं।
- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त