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Shahjahanpur News: इंग्लैंड की रमनदीप कैदी नंबर 207 का नया पता बैरक नंबर 13
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शाहजहांपुर। इंग्लैंड की चकाचौंध दुनिया में जिंदगी गुजारने वाली रमनदीप कौर का जिला कारागार में नया ठिकाना बैरक नंबर 13 है। उसकी नई पहचान बंदी नंबर 207 है। वह आम बंदियाें के साथ महिला बैरक में रखी गई है। फांसी की सजा से दंडित होने के चलते जेल प्रशासन उसकी निगरानी कर रहा है। इसी तरह उसका प्रेमी मिट्ठू बैरक नंबर आठ में रखा गया है।
बंडा के बसंतापुर स्थित फार्म हाउस में एक सितंबर 2016 को हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। दो सितंबर की सुबह सुखजीत सिंह की पत्नी रमनदीप के शोर से परिजन की आंख खुली। सुखजीत का रक्तरंजित शव पड़ा था। पुलिस की जांच में पत्नी रमनदीप व उसके प्रेमी मिट्ठू पर दोष सिद्ध हुआ।
इस मामले में कोर्ट ने रमनदीप को फांसी व मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई। जिला कारागार में दोनों को भेजा गया। जहां पर बैरक नंबर 13 में रमनदीप को रखा गया। उसका बंदी नंबर 207 है। जबकि उसके प्रेमी मिट्ठू की पहचान बंदी नंबर 208 के रूप में है। वह बैरक नंबर आठ में है।
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जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि रमनदीप की निगरानी की जा रही है। फांसी की सजा पाने के बाद भी वह विचलित नहीं है और कोर्ट में अपील करने की बात कह रही है।
बरेली जेल में शिफ्ट नहीं होगी रमनदीन
फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद शुरुआत में उसे बरेली जेल में भेजे जाने की चर्चा थी। जेल अधीक्षक ने स्पष्ट कर दिया कि उसे बरेली जेल में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि वह यहीं पर रहेगी।
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बंडा के बसंतापुर स्थित फार्म हाउस में एक सितंबर 2016 को हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। दो सितंबर की सुबह सुखजीत सिंह की पत्नी रमनदीप के शोर से परिजन की आंख खुली। सुखजीत का रक्तरंजित शव पड़ा था। पुलिस की जांच में पत्नी रमनदीप व उसके प्रेमी मिट्ठू पर दोष सिद्ध हुआ।
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इस मामले में कोर्ट ने रमनदीप को फांसी व मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई। जिला कारागार में दोनों को भेजा गया। जहां पर बैरक नंबर 13 में रमनदीप को रखा गया। उसका बंदी नंबर 207 है। जबकि उसके प्रेमी मिट्ठू की पहचान बंदी नंबर 208 के रूप में है। वह बैरक नंबर आठ में है।
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जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि रमनदीप की निगरानी की जा रही है। फांसी की सजा पाने के बाद भी वह विचलित नहीं है और कोर्ट में अपील करने की बात कह रही है।
बरेली जेल में शिफ्ट नहीं होगी रमनदीन
फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद शुरुआत में उसे बरेली जेल में भेजे जाने की चर्चा थी। जेल अधीक्षक ने स्पष्ट कर दिया कि उसे बरेली जेल में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि वह यहीं पर रहेगी।