{"_id":"6935c61241fed1beb60a72ee","slug":"nepalese-elephants-trampled-sugarcane-and-wheat-crops-in-six-villages-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-159686-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: नेपाली हाथियों ने छह गांवों में रौंदी गन्ने और गेहूं की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: नेपाली हाथियों ने छह गांवों में रौंदी गन्ने और गेहूं की फसल
विज्ञापन
नेपाली हाथियों के निकलने से खराब हुई गेहूं की फसल। संवाद
- फोटो : अस्पताल में भर्ती बाथरूम में बेहोश हुई शिक्षिका । संवाद
खुटार (शाहजहांपुर)। नेपाली हाथियों ने शनिवार रात क्षेत्र के छह गांवों में लगभग सौ बीघा फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। सूचना पर वनकर्मियों ने मौके का निरीक्षण किया। किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा गया।
नेपाली हाथी काफी समय से लखीमपुर की महेशपुर रेंज में घूम रहे थे। महेशपुर रेंज के जंगल खुटार रेंज से सटे हुए हैं। शनिवार रात नेपाली हाथी खुटार रेंज के फत्तेपुर वन क्षेत्र में आ पहुंचे और यहां से गांवों रसवां कलां, गेहुआं, महेशपुर, अठकोना, रायपुर पटियात, कुंभिया माफी आदि के पास खेतों में गेहूं और गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया।
हाथियों ने काफी गन्ना खा लिया और काफी क्षेत्रफल में गन्ने, गेहूं की फसलों को रौंद डाला। रविवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो हाथियों के आने और फसल नष्ट करने की जानकारी मिली। इसके बाद मामले की सूचना वनकर्मियों को दी गई।
विज्ञापन
बताया जाता है कि हाथियों ने गांव गेहुआं में रामप्रकाश मिश्रा का चार एकड़ गेहूं, डेढ़ एकड़ गन्ना, गांव अठकोना में उस्मान का एक एकड़, कामता वर्मा का चार एकड़, अशोक वर्मा का एक एकड़ गेहूं, मनोज वर्मा और अवनीश वर्मा का एक एकड़ गन्ना, रिजवान, गुड्डू शर्मा, धनीराम का गेहूं और सरसों में काफी नुकसान पहुंचाया है।
हाथियों ने गांव महेशपुर में अशोक वर्मा के तीन एकड़ गेहूं, तेशेंदर वर्मा के एक-एक एकड़ गेहूं को भी रौंद डाला। वन दरोगा रोहित पांडे, वन रक्षक संतोष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन दरोगा ने बताया कि दो हाथियों के पगचिह्न मिले हैं। हाथी झुंड से अलग होकर गांवों की ओर आ गए हैं। पगमार्क ट्रेस करने से पता चला है कि हाथी जंगल में लौट गए हैं। टीम के साथ क्षेत्र में लगातार कांबिंग की जा रही है। किसानों की फसल को जो नुकसान पहुंचा है उसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
-- -
हाथियों के आने से किसान परेशान
किसानों ने बताया कि हाथी हर वर्ष दिसंबर से लेकर जनवरी तक जंगलों में रहकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। नलकूप को कोठरी और श्रमिकों के रहने का स्थान भी तोड़ देते हैं। वनकर्मी हर वर्ष नुकसान का मुआवजा दिलाने की बात कहते हैं, लेकिन नही दिया जाता।
--
दो हाथी देखे गए हैं। जानकारी मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया है। मुआयना कराया है। लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है।
-मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार रेंज
विज्ञापन
नेपाली हाथी काफी समय से लखीमपुर की महेशपुर रेंज में घूम रहे थे। महेशपुर रेंज के जंगल खुटार रेंज से सटे हुए हैं। शनिवार रात नेपाली हाथी खुटार रेंज के फत्तेपुर वन क्षेत्र में आ पहुंचे और यहां से गांवों रसवां कलां, गेहुआं, महेशपुर, अठकोना, रायपुर पटियात, कुंभिया माफी आदि के पास खेतों में गेहूं और गन्ने की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
हाथियों ने काफी गन्ना खा लिया और काफी क्षेत्रफल में गन्ने, गेहूं की फसलों को रौंद डाला। रविवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो हाथियों के आने और फसल नष्ट करने की जानकारी मिली। इसके बाद मामले की सूचना वनकर्मियों को दी गई।
विज्ञापन
बताया जाता है कि हाथियों ने गांव गेहुआं में रामप्रकाश मिश्रा का चार एकड़ गेहूं, डेढ़ एकड़ गन्ना, गांव अठकोना में उस्मान का एक एकड़, कामता वर्मा का चार एकड़, अशोक वर्मा का एक एकड़ गेहूं, मनोज वर्मा और अवनीश वर्मा का एक एकड़ गन्ना, रिजवान, गुड्डू शर्मा, धनीराम का गेहूं और सरसों में काफी नुकसान पहुंचाया है।
हाथियों ने गांव महेशपुर में अशोक वर्मा के तीन एकड़ गेहूं, तेशेंदर वर्मा के एक-एक एकड़ गेहूं को भी रौंद डाला। वन दरोगा रोहित पांडे, वन रक्षक संतोष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन दरोगा ने बताया कि दो हाथियों के पगचिह्न मिले हैं। हाथी झुंड से अलग होकर गांवों की ओर आ गए हैं। पगमार्क ट्रेस करने से पता चला है कि हाथी जंगल में लौट गए हैं। टीम के साथ क्षेत्र में लगातार कांबिंग की जा रही है। किसानों की फसल को जो नुकसान पहुंचा है उसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
हाथियों के आने से किसान परेशान
किसानों ने बताया कि हाथी हर वर्ष दिसंबर से लेकर जनवरी तक जंगलों में रहकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। नलकूप को कोठरी और श्रमिकों के रहने का स्थान भी तोड़ देते हैं। वनकर्मी हर वर्ष नुकसान का मुआवजा दिलाने की बात कहते हैं, लेकिन नही दिया जाता।
दो हाथी देखे गए हैं। जानकारी मिलने पर टीम को मौके पर भेजा गया है। मुआयना कराया है। लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है।
-मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार रेंज

नेपाली हाथियों के निकलने से खराब हुई गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : अस्पताल में भर्ती बाथरूम में बेहोश हुई शिक्षिका । संवाद

नेपाली हाथियों के निकलने से खराब हुई गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : अस्पताल में भर्ती बाथरूम में बेहोश हुई शिक्षिका । संवाद