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Shahjahanpur News: नाटक को प्रभावी बनाने के लिए संगीत का प्रशिक्षण
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कृभको नगर में नाट्य कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करते प्रतिभागी। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग, उ.प्र.) व एमएलआर थिएटर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नाद प्रवाह के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला बृहस्पतिवार को भी जारी रही। इस दौरान नाटक को प्रभावी बनाने के लिए संगीत का प्रशिक्षण दिया।
कृभको नगर के आनंदम हॉल में प्रतिभागियों को एसएस विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कविता भटनागर ने नाट्य संगीत का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लेक्चर डिमांस्ट्रेशन शैली के माध्यम से सरगम, अलंकार, पलटा और रागों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों और युवा प्रतिभागियों को नाटक में संगीत की उपयोगिता और सही उपयोग कर प्रस्तुति को प्रभावी बनाने के विषय में बताया।
संगीत कक्षा में धर्मवीर सिंह ने संगत कर सहयोग दिया। कार्यशाला प्रशिक्षक आलोक सक्सेना ने डॉ. कविता भटनागर का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय तकनीक, भाव भंगिमाओं, वॉइस एवं स्पीच, मंच अनुशासन से संबंधित प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में अजीत सिंह, विभोर ठाकुर, सौमित्र शुक्ला, मिहिर राणा, अंजुल मिश्रा, विवेक यादव, प्रियंका तायल, ज्योति देव, अरुंधति देव, प्रवेश दिवाकर ज्योति का सहयोग रहा।
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कृभको नगर के आनंदम हॉल में प्रतिभागियों को एसएस विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कविता भटनागर ने नाट्य संगीत का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने लेक्चर डिमांस्ट्रेशन शैली के माध्यम से सरगम, अलंकार, पलटा और रागों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बच्चों और युवा प्रतिभागियों को नाटक में संगीत की उपयोगिता और सही उपयोग कर प्रस्तुति को प्रभावी बनाने के विषय में बताया।
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संगीत कक्षा में धर्मवीर सिंह ने संगत कर सहयोग दिया। कार्यशाला प्रशिक्षक आलोक सक्सेना ने डॉ. कविता भटनागर का स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागियों को अभिनय तकनीक, भाव भंगिमाओं, वॉइस एवं स्पीच, मंच अनुशासन से संबंधित प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में अजीत सिंह, विभोर ठाकुर, सौमित्र शुक्ला, मिहिर राणा, अंजुल मिश्रा, विवेक यादव, प्रियंका तायल, ज्योति देव, अरुंधति देव, प्रवेश दिवाकर ज्योति का सहयोग रहा।
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