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नारायण के हत्यारोपी हिस्ट्रीशीटर बच्चू और बब्बू गिरफ्तार
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शाहजहांपुर। नारायण कश्यप की हत्या के आरोपी व हिस्ट्रीशीटर बच्चू और बब्बू को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित था। पूछताछ के दौरान बच्चू ने बताया कि करीब 18 साल पहले उसके भाई और पिता की हत्या का गई थी। उसी का बदला लेने के लिए नारायण को मौत के घाट उतारा गया। बृहस्पतिवार को दोनों हत्यारोपी जेल भेज दिए गए।
आठ सितंबर की रात सवा आठ बजे रोजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला लोधीपुर निवासी नारायण कश्यप की चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मदजई स्थित कमला नर्सिंग होम के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या करने का आरोप मोहम्मदजई मोहल्ले के रहने वाले अक्षय सक्सेना उर्फ बच्चू और उसके साथी बब्बू पर है। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद आरोपियों की पहचान भी हो गई थी। घटना के बाद दोनों आरोपी शहर से बाहर भाग गए थे। उनके मोबाइल बंद थे। इस चर्चित हत्याकांड के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे थे। एसपी एस आनंद ने दस सितंबर को दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। बुधवार की रात दोनों आरोपी चौक कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास गोल चक्कर के पास मौजूद थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
लोगों के तंज ने कुरेदे जख्म
अक्षय उर्फ बच्चू ने बताया कि वर्ष 2001 में उसके पिता ब्रह्मस्वरूप की नारायण कश्यप के साथियों ने हत्या कर दी थी। उस समय बच्चू कक्षा आठ में पढ़ता था। 2003 में नारायण ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्चू के भाई अंशुमन की हत्या कर दी थी। इससे बच्चू की पढ़ाई छूट गई। इस मामले में नारायण के जेल चला गया था। बच्चू के मुताबिक उसके भाई की हत्या में कुछ अन्य लोगों के नाम भी नारायण के बयानों में सामने आए थे। हालांकि बाद में नारायण जमानत पर छूट गया। मगर नारायण कभी उसके सामने नहीं पड़ता था। पिछले दिनों नारायण ने मछली बाजार का ठेका ले लिया था और बच्चू के मोहल्ले में आकर बैठने लगा था। उसे देखकर लोग बच्चू पर तंज कसते थे कि तेरे बाप और भाई की हत्या करने के बाद भी नारायण जिंदा क्यों है। इसलिए उसने नारायण को ठिकाने लगाने का मन बना लिया था।
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वारदात से पहले बच्चू ने कई दिन नारायण की रेकी की। नारायण रोजाना मछली बाजार से वसूली के बाद रात आठ से सवा आठ बजे तक लौटता था। बच्चू कमला नर्सिंग होम के सामने गली में गौरव की दुकान से सिगरेट लेकर नारायण को पिलवाता था। ताकि उसे यह महसूस हो कि अब कोई रंजिश नहीं है। घटना वाले दिन जब नारायण मिला तो बच्चू ने कहा कि कल एक आरोपी की कुर्की हो गई है। उसने दुकानदार गौरव से कहा कि इसे सिगरेट पिला दो। गौरव सिगरेट का पैकेट खोल रहा था कि बच्चू ने तमंचे निकालकर नारायण को गोली मार दी। दूसरे तमंचे से उसके साथी बब्बू ने गोली मार दी। नारायण बच्चू के ऊपर गिर गया और हाथापाई करने लगा। बच्चू को नीचे दबा देखकर बब्बू ने दूसरी गोली मार दी। फिर ताबड़तोड़ दो गोलियां बच्चू ने मारीं। पांच गोली मारने के बाद तमंचे के बट से माथे पर वार किया। क्योंकि नारायण ने उसके भाई अंशुमान को बेरहमी से मारा था। इसके बाद वे लोग गलियों से होते हुए कच्चा कटरा तिराहे के पास रखे ट्रांसफार्मर के निकट घास में कारतूसों के खोखे डालने के बाद प्राइवेट गाड़ी में बरेली तक गए। वहां से बस में लोनी चले गए थे। फिर हरिद्वार चले गए थे। वहां से कई लोगों को फोन करके रुपये मंगाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने रुपये नहीं डलवाए। खर्चे के लिए रुपये लेने के लिए ही दोनों शाहजहांपुर आए थे।
आठ सितंबर की रात युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। उनके पास से तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। एक आरोपी ने बताया कि भाई और पिता की हत्या का बदला लिया था। पूछताछ बाद दोनों को जेल भेज दिया है।
- एसपी एस आनंद
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आठ सितंबर की रात सवा आठ बजे रोजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला लोधीपुर निवासी नारायण कश्यप की चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहम्मदजई स्थित कमला नर्सिंग होम के पास गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या करने का आरोप मोहम्मदजई मोहल्ले के रहने वाले अक्षय सक्सेना उर्फ बच्चू और उसके साथी बब्बू पर है। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बाद आरोपियों की पहचान भी हो गई थी। घटना के बाद दोनों आरोपी शहर से बाहर भाग गए थे। उनके मोबाइल बंद थे। इस चर्चित हत्याकांड के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे थे। एसपी एस आनंद ने दस सितंबर को दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया था। बुधवार की रात दोनों आरोपी चौक कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास गोल चक्कर के पास मौजूद थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
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लोगों के तंज ने कुरेदे जख्म
अक्षय उर्फ बच्चू ने बताया कि वर्ष 2001 में उसके पिता ब्रह्मस्वरूप की नारायण कश्यप के साथियों ने हत्या कर दी थी। उस समय बच्चू कक्षा आठ में पढ़ता था। 2003 में नारायण ने अपने साथियों के साथ मिलकर बच्चू के भाई अंशुमन की हत्या कर दी थी। इससे बच्चू की पढ़ाई छूट गई। इस मामले में नारायण के जेल चला गया था। बच्चू के मुताबिक उसके भाई की हत्या में कुछ अन्य लोगों के नाम भी नारायण के बयानों में सामने आए थे। हालांकि बाद में नारायण जमानत पर छूट गया। मगर नारायण कभी उसके सामने नहीं पड़ता था। पिछले दिनों नारायण ने मछली बाजार का ठेका ले लिया था और बच्चू के मोहल्ले में आकर बैठने लगा था। उसे देखकर लोग बच्चू पर तंज कसते थे कि तेरे बाप और भाई की हत्या करने के बाद भी नारायण जिंदा क्यों है। इसलिए उसने नारायण को ठिकाने लगाने का मन बना लिया था।
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वारदात से पहले बच्चू ने कई दिन नारायण की रेकी की। नारायण रोजाना मछली बाजार से वसूली के बाद रात आठ से सवा आठ बजे तक लौटता था। बच्चू कमला नर्सिंग होम के सामने गली में गौरव की दुकान से सिगरेट लेकर नारायण को पिलवाता था। ताकि उसे यह महसूस हो कि अब कोई रंजिश नहीं है। घटना वाले दिन जब नारायण मिला तो बच्चू ने कहा कि कल एक आरोपी की कुर्की हो गई है। उसने दुकानदार गौरव से कहा कि इसे सिगरेट पिला दो। गौरव सिगरेट का पैकेट खोल रहा था कि बच्चू ने तमंचे निकालकर नारायण को गोली मार दी। दूसरे तमंचे से उसके साथी बब्बू ने गोली मार दी। नारायण बच्चू के ऊपर गिर गया और हाथापाई करने लगा। बच्चू को नीचे दबा देखकर बब्बू ने दूसरी गोली मार दी। फिर ताबड़तोड़ दो गोलियां बच्चू ने मारीं। पांच गोली मारने के बाद तमंचे के बट से माथे पर वार किया। क्योंकि नारायण ने उसके भाई अंशुमान को बेरहमी से मारा था। इसके बाद वे लोग गलियों से होते हुए कच्चा कटरा तिराहे के पास रखे ट्रांसफार्मर के निकट घास में कारतूसों के खोखे डालने के बाद प्राइवेट गाड़ी में बरेली तक गए। वहां से बस में लोनी चले गए थे। फिर हरिद्वार चले गए थे। वहां से कई लोगों को फोन करके रुपये मंगाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने रुपये नहीं डलवाए। खर्चे के लिए रुपये लेने के लिए ही दोनों शाहजहांपुर आए थे।
आठ सितंबर की रात युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। उनके पास से तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। एक आरोपी ने बताया कि भाई और पिता की हत्या का बदला लिया था। पूछताछ बाद दोनों को जेल भेज दिया है।
- एसपी एस आनंद