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चकरोड की जमीन के विवाद में किसान की गोली मारकर हत्या
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गांव गुनहा खमरिया निवासी रतीराम का फाइल फोटो
- फोटो : POWAYAN
बंडा (शाहजहांपुर)। चकरोड की जमीन के विवाद में किसान रतीराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी पर इलाके की पुलिस के अलावा एसपी एस आनंद और सीओ नवनीत नायक भी मौके पर पहुंचे। मामले में किसान के भतीजे सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
गांव गुनहा खमरिया निवासी मुकुट सिंह ने बताया कि उनके खेत से सटा हुआ गांव जमुनिया के रामदास का खेत है। उनके और रामदास के खेत के आगे गांव चिल्हौटी के कृष्णकुमार का खेत है। कृष्णकुमार ने एक सप्ताह पहले पुलिस और लेखपाल से मिलकर चकरोड की पैमाइश कराई थी। पैमाइश पूरी तरह से गलत की गई। चकरोड को उनके और रामदास के खेत से निकाल दिया गया। पैमाइश के बाद उनकी गेहूं की फसल भी जोत डाली गई। मुकुट सिंह के अनुसार शुक्रवार को उनके 47 वर्षीय सबसे छोटे भाई रतीराम और उससे बड़े भाई राधेश्याम खेत पर आलू की फसल पर मिट्टी चढ़ा रहे थे। आरोप है कि दिन में करीब 11 बजे कृष्ण कुमार अपने पुत्र रजनीश उर्फ मुल्लन, कुलदीप और नन्हें उर्फ संदीप, ज्ञानेंद्र के पुत्र शिवम और गांव चिल्हौटा के ही अखिलेश पांडे के साथ ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और उनके खेत में लावारिस पशु रोकने के लिए लगाए गए तारों को खोलने लगे। इसका विरोध करने पर रजनीश ने लाइसेंसी रिवाल्वर से भाई रतीराम को गोली मार दी। उसे दो गोलियां लगीं। राधेश्याम ने मौके से भाग कर जान बचाई। घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी तो परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में पड़े रतीराम को सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर गुस्साए लोगों आरोपियों की गेहूं की फसल जोत डाली।
पुलिस हल्के में लेती रही मामला और हो गई हत्या
बंडा (शाहजहांपुर)। चकरोड की जमीन की पैमाइश के बाद से ही कृष्णकुमार और रतीराम पक्ष के बीच रंजिश बढ़ गई थी, लेकिन पुलिस मामले को हलके में लेती रही, जिसका नतीजे में शुक्रवार को रतीराम की हत्या कर दी गई।
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रतीराम और रामदास के खेतों के बीच एक चकरोड था जो दोनों पक्षों ने जोत लिया था। कृष्णकुमार आदि ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद नौ जनवरी को पुलिस की मौजूदगी में चकरोड की पैमाइश की गई थी। उधर रतीराम और उनके भाइयों का कहना था कि चकरोड की गलत पैमाइश की गई है। चकरोड उनके खेत में जबरिया निकाल दिया गया है। रतीराम के भाई मुकुट सिंह का आरोप है कि पुलिस और राजस्व टीम ने उन लोगों की बिना सहमति के ही पैमाइश की चकरोड निकलाकर गेहूं की फसल को जुतवा दिया था।
तीन दिन पहले कृष्ण कुमार के पुत्र रजनीश और रतीराम के भतीजे सुरेंद्र सिंह के बीच इसी चकरोड को लेकर विवाद हुआ था। रजनीश ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन तब भी पुलिस चुप्पी साधे बैठी रही। इस कारण विवाद बढ़ता रहा और शुक्रवार को रतीराम की हत्या कर दी गई। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो रतीराम की हत्या नहीं होती।
आरोपियों की सात एकड़ गेहूं की फसल जोती
नलकूप पर भी की गई तोड़फोड़, पुलिस बनी रही मूकदर्शक
बंडा। रतीराम की हत्या के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। उधर रतीराम के पक्ष के गुस्साए लोगों ने गांव गुनहा खमरिया के पास कृष्णकुमार के चार एकड़ के प्लाट में खड़ी गेहूं की फसल जोत डाली। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बाद में जिस खेत के पास चकरोड को लेकर विवाद था, उसमें दो एकड़ और एक अन्य खेत में गेहूं की एक एकड़ फसल जोत डाली गई। इसके बाद पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत किया। कृष्णकुमार के सबमर्सिबल पंप में भी तोड़फोड़ की गई है। रतीराम के भतीजे सुरेंद्र सिंह ने फसल जोतने और किसी प्रकार की तोड़फोड़ से इंकार किया है।
घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - एस. आनंद, एसपी शाहजहांपुर
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गांव गुनहा खमरिया निवासी मुकुट सिंह ने बताया कि उनके खेत से सटा हुआ गांव जमुनिया के रामदास का खेत है। उनके और रामदास के खेत के आगे गांव चिल्हौटी के कृष्णकुमार का खेत है। कृष्णकुमार ने एक सप्ताह पहले पुलिस और लेखपाल से मिलकर चकरोड की पैमाइश कराई थी। पैमाइश पूरी तरह से गलत की गई। चकरोड को उनके और रामदास के खेत से निकाल दिया गया। पैमाइश के बाद उनकी गेहूं की फसल भी जोत डाली गई। मुकुट सिंह के अनुसार शुक्रवार को उनके 47 वर्षीय सबसे छोटे भाई रतीराम और उससे बड़े भाई राधेश्याम खेत पर आलू की फसल पर मिट्टी चढ़ा रहे थे। आरोप है कि दिन में करीब 11 बजे कृष्ण कुमार अपने पुत्र रजनीश उर्फ मुल्लन, कुलदीप और नन्हें उर्फ संदीप, ज्ञानेंद्र के पुत्र शिवम और गांव चिल्हौटा के ही अखिलेश पांडे के साथ ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और उनके खेत में लावारिस पशु रोकने के लिए लगाए गए तारों को खोलने लगे। इसका विरोध करने पर रजनीश ने लाइसेंसी रिवाल्वर से भाई रतीराम को गोली मार दी। उसे दो गोलियां लगीं। राधेश्याम ने मौके से भाग कर जान बचाई। घर पहुंचकर घटना की जानकारी दी तो परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में पड़े रतीराम को सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर गुस्साए लोगों आरोपियों की गेहूं की फसल जोत डाली।
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पुलिस हल्के में लेती रही मामला और हो गई हत्या
बंडा (शाहजहांपुर)। चकरोड की जमीन की पैमाइश के बाद से ही कृष्णकुमार और रतीराम पक्ष के बीच रंजिश बढ़ गई थी, लेकिन पुलिस मामले को हलके में लेती रही, जिसका नतीजे में शुक्रवार को रतीराम की हत्या कर दी गई।
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रतीराम और रामदास के खेतों के बीच एक चकरोड था जो दोनों पक्षों ने जोत लिया था। कृष्णकुमार आदि ने इसकी शिकायत की थी। इसके बाद नौ जनवरी को पुलिस की मौजूदगी में चकरोड की पैमाइश की गई थी। उधर रतीराम और उनके भाइयों का कहना था कि चकरोड की गलत पैमाइश की गई है। चकरोड उनके खेत में जबरिया निकाल दिया गया है। रतीराम के भाई मुकुट सिंह का आरोप है कि पुलिस और राजस्व टीम ने उन लोगों की बिना सहमति के ही पैमाइश की चकरोड निकलाकर गेहूं की फसल को जुतवा दिया था।
तीन दिन पहले कृष्ण कुमार के पुत्र रजनीश और रतीराम के भतीजे सुरेंद्र सिंह के बीच इसी चकरोड को लेकर विवाद हुआ था। रजनीश ने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन तब भी पुलिस चुप्पी साधे बैठी रही। इस कारण विवाद बढ़ता रहा और शुक्रवार को रतीराम की हत्या कर दी गई। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो रतीराम की हत्या नहीं होती।
आरोपियों की सात एकड़ गेहूं की फसल जोती
नलकूप पर भी की गई तोड़फोड़, पुलिस बनी रही मूकदर्शक
बंडा। रतीराम की हत्या के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। उधर रतीराम के पक्ष के गुस्साए लोगों ने गांव गुनहा खमरिया के पास कृष्णकुमार के चार एकड़ के प्लाट में खड़ी गेहूं की फसल जोत डाली। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बाद में जिस खेत के पास चकरोड को लेकर विवाद था, उसमें दो एकड़ और एक अन्य खेत में गेहूं की एक एकड़ फसल जोत डाली गई। इसके बाद पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत किया। कृष्णकुमार के सबमर्सिबल पंप में भी तोड़फोड़ की गई है। रतीराम के भतीजे सुरेंद्र सिंह ने फसल जोतने और किसी प्रकार की तोड़फोड़ से इंकार किया है।
घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - एस. आनंद, एसपी शाहजहांपुर

गांव गुनहा खमरिया निवासी रतीराम की हत्या की जानकारी लेते एसपी। संवाद- फोटो : POWAYAN