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Shahjahanpur News: नगर निगम ने जमा नहीं किया बिल, पार्षदों के सीयूजी नंबर हुए बंद
Tue, 19 Mar 2024 12:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 19 Mar 2024 12:56 AM IST
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शाहजहांपुर। पार्षदों को दिए गए सीयूजी नंबर रविवार रात 12 बजे के बाद अचानक बंद हो गए। सुबह जब पार्षदों ने कॉलिंग बंद होने का कारण जानना चाहा तो पता चला कि पिछले चार महीने से नगर निगम ने बिल ही नहीं जमा किया है।
चार महीने पहले नगर निगम के 60 वार्डों के पार्षदों को मोबाइल और सीयूजी नंबरों का वितरण किया था ताकि वे लोग अपने क्षेत्र की जनता से संपर्क करते रहें। सोमवार सुबह से ही उनके मोबाइल फोन ने काम करना बंद कर दिया। उनसे कॉल नहीं लग रही थी। जानकारी पर पता चला कि यह बिल कुल एक लाख पांच हजार रुपये का है, जो नगर निगम ने जमा नहीं किया। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा सीयूजी के बिल जमा करने में भी उदासीनता बरती जा रही है। इनके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।
पार्षद विपिन यादव ने बताया कि सीयूजी नंबरों का बिल ही जमा नहीं होने के कारण सोमवार को काफी दिक्कत हुई। पर्सनल नंबर से बात कर रहे हैं। पार्षद अनूप गुप्ता का कहना है कि उन्हें नगर निगम ने सीयूजी नंबर दिया था, इसी से उनका संपर्क लोगों से हो पाता है।
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पार्षद रामबरन सिंह का कहना है कि जब नगर निगम बिल जमा नहीं करवा पा रहा, तो सीयूजी नंबर देना ही नहीं चाहिए था।
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पार्षदों को दिए गए सीयूजी नंबरों के बिल को जमा करवाया जाएगा, जिससे वे चालू हो सके। इसमें लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त
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चार महीने पहले नगर निगम के 60 वार्डों के पार्षदों को मोबाइल और सीयूजी नंबरों का वितरण किया था ताकि वे लोग अपने क्षेत्र की जनता से संपर्क करते रहें। सोमवार सुबह से ही उनके मोबाइल फोन ने काम करना बंद कर दिया। उनसे कॉल नहीं लग रही थी। जानकारी पर पता चला कि यह बिल कुल एक लाख पांच हजार रुपये का है, जो नगर निगम ने जमा नहीं किया। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा सीयूजी के बिल जमा करने में भी उदासीनता बरती जा रही है। इनके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है।
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पार्षद विपिन यादव ने बताया कि सीयूजी नंबरों का बिल ही जमा नहीं होने के कारण सोमवार को काफी दिक्कत हुई। पर्सनल नंबर से बात कर रहे हैं। पार्षद अनूप गुप्ता का कहना है कि उन्हें नगर निगम ने सीयूजी नंबर दिया था, इसी से उनका संपर्क लोगों से हो पाता है।
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पार्षद रामबरन सिंह का कहना है कि जब नगर निगम बिल जमा नहीं करवा पा रहा, तो सीयूजी नंबर देना ही नहीं चाहिए था।
पार्षदों को दिए गए सीयूजी नंबरों के बिल को जमा करवाया जाएगा, जिससे वे चालू हो सके। इसमें लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त