{"_id":"65cd385276aa93b1cb0d7d85","slug":"mri-facility-will-be-available-in-government-medical-college-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-113404-2024-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में मिलेगी एमआरआई की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: राजकीय मेडिकल कॉलेज में मिलेगी एमआरआई की सुविधा
Thu, 15 Feb 2024 03:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:31 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। सरकारी अस्पतालों में एमआरआई (मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग) कराने के लिए मरीजों को लखनऊ और बरेली नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें यह सुविधा जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही मिलेगी। मशीन लगाने के लिए ड्रग हाउस के पास जगह चिह्नित कर ली गई है। कॉलेज में आधुनिक तकनीक वाली सीटी स्कैन की मशीन जल्द लग जाएगी।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि शासन ने एक साल पहले प्रस्ताव के साथ अन्य जानकारियां मांगी थीं। इसके बाद शासन स्तर से निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार से नेशनल हेल्थ मिशन के जरिये बजट भी आवंटित किया गया है। मशीन स्थापित होने के बाद रीढ़ की हड्डी, जोड़, पेट और रक्त वाहिकाओं के एमआरआई हो सकेंगे।
-- उच्च तकनीक की लगेगी सीटी स्कैन मशीन--
कॉलेज में सीटी स्कैन की सेवा को भी अधिक मजबूत बनाया जाएगा। अभी तक पीपीपी मॉडल से मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है। रोजाना 40 से 50 मरीजों की सीटी स्कैन होता है, लेकिन अब कॉलेज अपने स्तर से उच्च तकनीक की सीटी स्कैन मशीन को लगवाएगा। इसमें मरीजों को लाभ देने के साथ ही छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
-एमआरआई मशीन और सीटी स्कैन मशीन को लगाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लगने से आसपास के जिलों के मरीजों को लाभ मिल सकेगा। मशीनों को स्थापित कराने के लिए जमीन चिह्नित की गई है।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि शासन ने एक साल पहले प्रस्ताव के साथ अन्य जानकारियां मांगी थीं। इसके बाद शासन स्तर से निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार से नेशनल हेल्थ मिशन के जरिये बजट भी आवंटित किया गया है। मशीन स्थापित होने के बाद रीढ़ की हड्डी, जोड़, पेट और रक्त वाहिकाओं के एमआरआई हो सकेंगे।
विज्ञापन
कॉलेज में सीटी स्कैन की सेवा को भी अधिक मजबूत बनाया जाएगा। अभी तक पीपीपी मॉडल से मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है। रोजाना 40 से 50 मरीजों की सीटी स्कैन होता है, लेकिन अब कॉलेज अपने स्तर से उच्च तकनीक की सीटी स्कैन मशीन को लगवाएगा। इसमें मरीजों को लाभ देने के साथ ही छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
विज्ञापन
-एमआरआई मशीन और सीटी स्कैन मशीन को लगाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लगने से आसपास के जिलों के मरीजों को लाभ मिल सकेगा। मशीनों को स्थापित कराने के लिए जमीन चिह्नित की गई है।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज