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Shahjahanpur News: क्रिकेटर के घर में मातम, मां के नहीं थम रहे आंसू

Sun, 22 Mar 2026 11:22 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Sun, 22 Mar 2026 11:22 PM IST
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Mourning in the cricketer's home, mother's tears are unstoppable
रोजा में रोते-बिलखते सोनल के परिजन। स्रोत: जागरूक पाठक
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अंपायर सोनल चंद्रा के हृदयाघात से मौत होने के बाद उनकी मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके आंसू नहीं थम रहे हैं। रविवार को क्रिकेटर का अंतिम संस्कार रोजा स्थित मोक्षधाम में कर दिया गया। मुखाग्नि उनके चाचा रामवीर सिंह ने दी।
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रोजा की आदर्शनगर कॉलोनी निवासी रिटायर्ड फौजी महेश चंद्र के पुत्र सोनल चंद्रा की ओसीएफ के मैदान में क्रिकेट खेलने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। साथी उन्हें लेकर अस्पताल गए, जहां से बरेली लेकर जाते समय मौत हो गई। इकलौते जवान बेटे की मौत ने मां सुनीता को पूरी तरह से तोड़कर रख दिया। वह पूरी रात रोती रही। सुबह जब अंतिम यात्रा निकली तो सुनीत बिलख पड़ीं।
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बदायूं के रहने वाले थे महेश
-सोनल के पिता महेश चंद्र मूल रूप से बदायूं में आवास विकास कॉलोनी में रहते थे। वह बीएसएफ में कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 1997 में राजस्थान में श्रीगंगानगर बॉर्डर पर शहीद हो गए थे। तब सोनल की उम्र तीन महीने थी। पति के शहीद होने के बाद सुनीता चंद्रा अपने बेटे को लेकर मायके में रहने लगी थी। सुनीता की मां मधुबाला भारती रोजा की पहली महिला चेयरमैन रहीं। सुनीता का सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र में चंद्रा फिलिंग स्टेशन के नाम से इंडियन ऑयल का एक पेट्रोल पंप भी था। यह सुनीता की शिक्षक के पद पर नियुक्ति होने के बाद से बंद पड़ा हुआ है।
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यूपीसीए के अंपायर थे
-वर्ष 2017 में सोनल ने यूपीएससी की तैयारी दिल्ली में की थी। उन्होंने बीएड, एमएड भी किया था। सोनल उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन में अंपायर भी थे। चार वर्ष पूर्व से वह राना पब्लिक स्कूल निगोही में कार्य कर रहे थे।
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फोटो 34
-वर्तमान में हृदयाघात की संख्या बहुत बढ़ गई है। इसका कारण तनावग्रस्त जीवन होना है। समय-समय पर अपने हृदय की जांच करवाते रहे। डायबिटीज के मरीज अधिक सावधानी बरतें।

डॉ.अंकित अग्रवाल
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फोटो 35
-सोनल चंद्र बहुत अच्छे खिलाड़ी थे और अंपायर भी थे। उनके निधन का बहुत दुख हुआ। अगर इन्हें समय रहते इलाज मिल जाता तो शायद हादसा नहीं होता। उनके निधन से क्रिकेट जगत को काफी नुकसान हुआ है।
मनोज यादव, कोऑर्डिनेटर, शाहजहांपुर क्रिकेट एसो.
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