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मां से नहीं जुट पाया बेटी के इलाज का खर्च
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:21 PM IST
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शीला ट्रामा सेंटर में उपचाराधीन 20 वर्षीय छात्रा नीलम के इलाज का खर्च जुटाने को उसकी मां गंगा देवी रविवार सुबह चुपचाप अस्पताल से गांव को गईं, लेकिन तीसरे पहर तक काफी प्रयास के बाद भी खर्च के जरूरी राशि नहीं जुटा पाई। शाम को वह अस्पताल लौटी और बेटी की तीमारदारी में जुट गईं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज जारी है और छात्रा की हालत में लगातार सुधार है।
बता दें कि जलालाबाद के गांव उदरापुर में हफ्ते भर पहले ऊंची कक्षा में पढ़ाई के लिए शहर के कॉलेज में दाखिला लेने से परिवारवालों द्वारा मना कर दिए जाने पर छात्रा मायूस हो गई थी। उसी क्रम में उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए घर में रखे तमंचे से खुद को गोली मार ली थी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भरती कराया गया और हालत बिगड़ने पर बाद में उक्त ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया। इलाज पर आ रहे खर्च की राशि न जुट पाने की दशा में उसकी मां उसे रविवार की सुबह अकेले ही अस्पताल में छोड़कर बिना बताए गांव चली गईं। मरीज को अकेला देखकर अस्पताल प्रबंधन को चिंता हुई, लेकिन शाम को गंगा देवी के लौट आने पर राहत की सांस ली। ट्रामा सेंटर के संचालक डॉ. संजीव कन्नौजिया ने बताया कि छात्रा की हालत में सुधार और अब खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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बता दें कि जलालाबाद के गांव उदरापुर में हफ्ते भर पहले ऊंची कक्षा में पढ़ाई के लिए शहर के कॉलेज में दाखिला लेने से परिवारवालों द्वारा मना कर दिए जाने पर छात्रा मायूस हो गई थी। उसी क्रम में उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए घर में रखे तमंचे से खुद को गोली मार ली थी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भरती कराया गया और हालत बिगड़ने पर बाद में उक्त ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया। इलाज पर आ रहे खर्च की राशि न जुट पाने की दशा में उसकी मां उसे रविवार की सुबह अकेले ही अस्पताल में छोड़कर बिना बताए गांव चली गईं। मरीज को अकेला देखकर अस्पताल प्रबंधन को चिंता हुई, लेकिन शाम को गंगा देवी के लौट आने पर राहत की सांस ली। ट्रामा सेंटर के संचालक डॉ. संजीव कन्नौजिया ने बताया कि छात्रा की हालत में सुधार और अब खतरे जैसी कोई बात नहीं है।
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