{"_id":"628bdb3c5a90533fae277533","slug":"mobile-is-becoming-villain-in-married-life-shahjahanpur-news-bly485892383","type":"story","status":"publish","title_hn":"शादीशुदा जिंदगी में मोबाइल बन रहा ‘खलनायक’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शादीशुदा जिंदगी में मोबाइल बन रहा ‘खलनायक’
विज्ञापन
परिवार परामर्श केंद्र पर सुलह समझौते के बाद खड़े दंपति का फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। रिश्तों की डोर भले ही काफी मजबूत हो, लेकिन यह छोटी-छोटी बातों और गलतफहमी में टूटने लगी है। रिश्तों में दरार डालने में मोबाइल अहम भूमिका निभा रहा है। खासतौर पर वैवाहिक जीवन में यह खलनायक बनकर सामने आ रहा है। मोबाइल के इस्तेमाल से पैदा हो रहा शक ऐसी दरार डाल रहा है कि रिश्ता टूटने की दहलीज पर पहुंचने लगा है। ऐसे ही कई मामले परिवार परामर्श केंद्र में आ रहे हैं।
पुलिस लाइन के परिवार परामर्श केंद्र पर इस समय मोबाइल के कारण उपजी कड़ुवाहट के केस सबसे ज्यादा आ रहे हैं। शादी के बाद बहू हर समय मायके वालों से बात करे या फिर पति किसी से ज्यादा देर तक बात करे तो रिश्तों में शक पैदा हो रहा है। परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसलर इंस्पेक्टर वंदना सिंह, उनकी सहयोगी कांस्टेबिल मोनिका चौधरी, पूजा चौधरी, लक्ष्मी चौहान उन रिश्तों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। दोनों पक्षों को तलब कर आमने-सामने बैठाने के उपरांत गलतफहमियों को दूर करने को काउंसलिंग की जाती है। परिवार परामर्श केंद्र पर इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक 50 फाइलों में 15 परिवारों का समझौता कराकर घर टूटने से बचाया जा चुका है।
केस वन-
-तिलहर तहसील के एक गांव के युवक की शादी उसकी बिना मर्जी से करा दी गई। शादी के बाद भी युवक ने अपनी महिला मित्र से संपर्क नहीं तोड़ा। वह पत्नी के सामने वीडियो कॉल कर उसे चिढ़ाता था। दोनों के बीच विवा के बाद मामला एसपी दफ्तर पहुंचा। जहां से परिवार परामर्श केंद्र पर फाइल भेजी गई। यहां दोनों की काउंसलिंग कर दूरियां खत्म कर समझौता कराया गया।
विज्ञापन
केस टू
-हरियाणा निवासी लड़की की शादी थाना सदर बाजार के एक मोहल्ले में हुई थी। आरोप था कि युवक अपनी पत्नी की देखभाल नहीं करता था। वह फोन पर लगातार अपनी महिला मित्र के साथ बात करता था। मामला पुलिस तक पहुंचा तो परिवार परामर्श केंद्र में केस ट्रांसफर किया गया। जहां पति-पत्नी को तलब कर काउंसलिंग कराई गई। तब लड़के ने फोन पर बात करने से इनकार करते हुए पत्नी के साथ रहने का इरादा जताया।
केस थ्री
-पुवायां के एक गांव निवासी लड़की की शादी के बाद पति किसी से फोन पर बात करता रहता था। फोन पर संपर्क के कारण पत्नी अवसाद में रहने लगीं। लड़के के परिजन भी कुछ सटीक हल नहीं निकाल सकें। इस बीच पुलिस तक केस पहुंचने के बाद दोनों की काउंसलिंग कराई गई। लड़की के आरोप के आधार पर लड़के को समझाया गया। हालांकि उनका मामले का अभी तक हल नहीं निकल सका है।
-हमारा प्रयास रहता है कि परिवार परामर्श केंद्र पर आने वाली फाइलों का काउंसलिंग के जरिये समाधान निकाल सकें। दोनों परिवारों को आमने-सामने बैठाकर रजामंदी कर देते हैं। बात नहीं बनने पर मामला मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में भेजा जाता है। इस समय फोन के कारण रिश्तों में दरार के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। -वंदना सिंह, इंस्पेक्टर, काउंसलर परिवार परामर्श केंद्र
विज्ञापन
पुलिस लाइन के परिवार परामर्श केंद्र पर इस समय मोबाइल के कारण उपजी कड़ुवाहट के केस सबसे ज्यादा आ रहे हैं। शादी के बाद बहू हर समय मायके वालों से बात करे या फिर पति किसी से ज्यादा देर तक बात करे तो रिश्तों में शक पैदा हो रहा है। परिवार परामर्श केंद्र पर काउंसलर इंस्पेक्टर वंदना सिंह, उनकी सहयोगी कांस्टेबिल मोनिका चौधरी, पूजा चौधरी, लक्ष्मी चौहान उन रिश्तों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। दोनों पक्षों को तलब कर आमने-सामने बैठाने के उपरांत गलतफहमियों को दूर करने को काउंसलिंग की जाती है। परिवार परामर्श केंद्र पर इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक 50 फाइलों में 15 परिवारों का समझौता कराकर घर टूटने से बचाया जा चुका है।
विज्ञापन
केस वन-
-तिलहर तहसील के एक गांव के युवक की शादी उसकी बिना मर्जी से करा दी गई। शादी के बाद भी युवक ने अपनी महिला मित्र से संपर्क नहीं तोड़ा। वह पत्नी के सामने वीडियो कॉल कर उसे चिढ़ाता था। दोनों के बीच विवा के बाद मामला एसपी दफ्तर पहुंचा। जहां से परिवार परामर्श केंद्र पर फाइल भेजी गई। यहां दोनों की काउंसलिंग कर दूरियां खत्म कर समझौता कराया गया।
विज्ञापन
केस टू
-हरियाणा निवासी लड़की की शादी थाना सदर बाजार के एक मोहल्ले में हुई थी। आरोप था कि युवक अपनी पत्नी की देखभाल नहीं करता था। वह फोन पर लगातार अपनी महिला मित्र के साथ बात करता था। मामला पुलिस तक पहुंचा तो परिवार परामर्श केंद्र में केस ट्रांसफर किया गया। जहां पति-पत्नी को तलब कर काउंसलिंग कराई गई। तब लड़के ने फोन पर बात करने से इनकार करते हुए पत्नी के साथ रहने का इरादा जताया।
केस थ्री
-पुवायां के एक गांव निवासी लड़की की शादी के बाद पति किसी से फोन पर बात करता रहता था। फोन पर संपर्क के कारण पत्नी अवसाद में रहने लगीं। लड़के के परिजन भी कुछ सटीक हल नहीं निकाल सकें। इस बीच पुलिस तक केस पहुंचने के बाद दोनों की काउंसलिंग कराई गई। लड़की के आरोप के आधार पर लड़के को समझाया गया। हालांकि उनका मामले का अभी तक हल नहीं निकल सका है।
-हमारा प्रयास रहता है कि परिवार परामर्श केंद्र पर आने वाली फाइलों का काउंसलिंग के जरिये समाधान निकाल सकें। दोनों परिवारों को आमने-सामने बैठाकर रजामंदी कर देते हैं। बात नहीं बनने पर मामला मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में भेजा जाता है। इस समय फोन के कारण रिश्तों में दरार के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। -वंदना सिंह, इंस्पेक्टर, काउंसलर परिवार परामर्श केंद्र