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लापता पत्रकार साधुराम की फिर होगी तलाश
शाहजहांपुर
Updated Thu, 25 Jun 2015 11:43 PM IST
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करीब नौ साल पहले संदिग्ध हालात में लापता हुए तिलहर क्षेत्र के पत्रकार साधुराम गंगवार का पुलिस फिर से सुराग लगाएगी। हालांकि, तिलहर पुलिस इस मामले में काफी पहले फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है, लेकिन जिला स्तरीय पत्रकार स्थाई समिति की बैठक में यह मामला उठने पर एसपी बबलू कुमार ने इस मामले में जानकारी जुटाने का आश्वासन दिया है।
तिलहर क्षेत्र के गांव लखौआ के रहने वाले साधुराम को गायब हुए बीती मार्च में आठ साल पूरे हो गए हैं। तिलहर पुलिस ने उनकी पत्नी की ओर से गुमशुदगी दर्ज की थी। हालांकि, घरवालों ने उनका रंजिशन अपहरण किए जाने का संदेह व्यक्त करने के साथ गांव के कुछ लोगों पर जमीन की रंजिश के चलते उन्हें गायब कर देने का शक जताया था। दरअसल, उनके लापता होने के कुछ दिन बाद घरवालों को गांव के बाहर उनके खून से सने कपड़े और उनकी रिहाई के बदले फिरौती के पत्र भी मिले थे।
घरवालों से यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया, लेकिन साधुराम का कोई सुराग नहीं लगने पर तिलहर पुलिस इस मामले में ढीली पड़ गई और बाद में एफआर लगा दी। उनके परिवार में पत्नी सोमवती समेत दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें 17 वर्षीय छोटी बेटी रेखा अभी अविवाहित है। घरवालों ने भी उनके लापता होने को अपनी नियति का खेल मान लिया और खामोश बैठ गए।
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स्थायी समिति की बैठक में पदेन सदस्य प्रेमशंकर गंगवार ने यह मामला प्रमुखता से उठाया। हाल ही में यहां का चार्ज लेने वाले कप्तान बबलू कुमार ने उनसे सारा वाकया समझने के बाद आश्वस्त किया कि इस मामले की दोबारा पड़ताल करके जानकारी जुटाएंगे। इसी मौके पर गत वष्र 17 सितंबर को पत्रकार नरेंद्र यादव पर प्राणघातक हमले का मामला भी उठा। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच बरेली से जिले को स्थानान्तरित हो चुकी है और जांच में तेजी लाई जाएगी। डीएम शुभ्रा सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहायक सूचना निदेशक केएल चौधरी समेत समिति के सदस्य पत्रकार मौजूद रहे।
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तिलहर क्षेत्र के गांव लखौआ के रहने वाले साधुराम को गायब हुए बीती मार्च में आठ साल पूरे हो गए हैं। तिलहर पुलिस ने उनकी पत्नी की ओर से गुमशुदगी दर्ज की थी। हालांकि, घरवालों ने उनका रंजिशन अपहरण किए जाने का संदेह व्यक्त करने के साथ गांव के कुछ लोगों पर जमीन की रंजिश के चलते उन्हें गायब कर देने का शक जताया था। दरअसल, उनके लापता होने के कुछ दिन बाद घरवालों को गांव के बाहर उनके खून से सने कपड़े और उनकी रिहाई के बदले फिरौती के पत्र भी मिले थे।
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घरवालों से यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को उठाया, लेकिन साधुराम का कोई सुराग नहीं लगने पर तिलहर पुलिस इस मामले में ढीली पड़ गई और बाद में एफआर लगा दी। उनके परिवार में पत्नी सोमवती समेत दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें 17 वर्षीय छोटी बेटी रेखा अभी अविवाहित है। घरवालों ने भी उनके लापता होने को अपनी नियति का खेल मान लिया और खामोश बैठ गए।
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स्थायी समिति की बैठक में पदेन सदस्य प्रेमशंकर गंगवार ने यह मामला प्रमुखता से उठाया। हाल ही में यहां का चार्ज लेने वाले कप्तान बबलू कुमार ने उनसे सारा वाकया समझने के बाद आश्वस्त किया कि इस मामले की दोबारा पड़ताल करके जानकारी जुटाएंगे। इसी मौके पर गत वष्र 17 सितंबर को पत्रकार नरेंद्र यादव पर प्राणघातक हमले का मामला भी उठा। एसपी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच बरेली से जिले को स्थानान्तरित हो चुकी है और जांच में तेजी लाई जाएगी। डीएम शुभ्रा सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में सहायक सूचना निदेशक केएल चौधरी समेत समिति के सदस्य पत्रकार मौजूद रहे।