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Shahjahanpur News: वृद्धा का शव लाए जाने पर शोक में डूबा मियांपुर गांव
Sun, 18 May 2025 11:52 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 18 May 2025 11:52 PM IST
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शिवदेवी का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
सिंधौली। गत शुक्रवार सुबह बुलंदशहर के पास हुए हादसे में जान गंवाने वालीं मियांपुर गांव की बुजुर्ग शिव देवी का शव शनिवार देर रात घर लाए जाने पर पूरा गांव एक बार फिर शोक में डूब गया। रविवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हादसे में मियांपुर गांव के तीन लोगों की मौत हो गई और अन्य कई लोग घायल हो गए थे। मृतक मां-बेटा के शव शनिवार को दिन में ही गांव पहुंच जाने से दोपहर बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन शिव देवी का शव शनिवार को देर रात गांव पहुंच सका। इसके साथ ही ग्रामीणों को हादसे से हुई मानसिक वेदना फिर ताजा हो गई। शिव देवी घर के पांच अन्य लोगों के साथ पंजाब में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने का काम करने गई थीं।
लगातार दो दिन तक चले अंतिम संस्कार के दौर ने मियांपुर के हर किसी को झकझोंर दिया है। ग्रामवासी आपस में बातें करते हुए बोले कि नमक रोटी खा लें, मगर अपने घर के पास रहें। पता नहीं कब-कौन सी विपदा आ जाए। अंतिम संस्कार के दौरान गांव सहित क्षेत्र के तमाम लोग मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के बाद दो-तीन दिनों से आए हुए शिवदेवी के रिश्तेदार भी देर शाम अपने-अपने घरों को दुखी मन से रवाना हो गए।
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शिव देवी अपने पीछे बेटे विजेंद्र, पुत्र वधू उर्मिला, पोता आशीष एवं पोती तनु व मनु को छोड़ गई हैं। यह सभी लोग भी हादसे में घायल होने से उनका इलाज हो रहा है। ग्रामीण इस बात से खासे खफा दिखे कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी कोई भी राजनेता सांत्वना के दो शब्द बोलने गांव नहीं पहुंचा।
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हादसे में मियांपुर गांव के तीन लोगों की मौत हो गई और अन्य कई लोग घायल हो गए थे। मृतक मां-बेटा के शव शनिवार को दिन में ही गांव पहुंच जाने से दोपहर बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन शिव देवी का शव शनिवार को देर रात गांव पहुंच सका। इसके साथ ही ग्रामीणों को हादसे से हुई मानसिक वेदना फिर ताजा हो गई। शिव देवी घर के पांच अन्य लोगों के साथ पंजाब में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने का काम करने गई थीं।
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लगातार दो दिन तक चले अंतिम संस्कार के दौर ने मियांपुर के हर किसी को झकझोंर दिया है। ग्रामवासी आपस में बातें करते हुए बोले कि नमक रोटी खा लें, मगर अपने घर के पास रहें। पता नहीं कब-कौन सी विपदा आ जाए। अंतिम संस्कार के दौरान गांव सहित क्षेत्र के तमाम लोग मौजूद रहे। अंतिम संस्कार के बाद दो-तीन दिनों से आए हुए शिवदेवी के रिश्तेदार भी देर शाम अपने-अपने घरों को दुखी मन से रवाना हो गए।
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शिव देवी अपने पीछे बेटे विजेंद्र, पुत्र वधू उर्मिला, पोता आशीष एवं पोती तनु व मनु को छोड़ गई हैं। यह सभी लोग भी हादसे में घायल होने से उनका इलाज हो रहा है। ग्रामीण इस बात से खासे खफा दिखे कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी कोई भी राजनेता सांत्वना के दो शब्द बोलने गांव नहीं पहुंचा।

शिवदेवी का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन