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थर्मामीटर का पारा उछलने से मौसम में तेजी से होने लगा बदलाव
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शाहजहांपुर। सुबह और शाम के वायुदाब में स्थिरता आने के साथ उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा का वेग घटने से दिन का तापमान लगातार उछल रहा है। इसके साथ ही मौसम में तेजी से बदलाव आने लगा है। दो दिन से लगातार निकल रही तेज धूप और आर्द्रता में आई करीब तीस फीसदी की गिरावट से सुबह और शाम के समय महसूस होने वाली ठिठुरन में कमी आने के साथ ही जनजीवन को सर्दी से राहत मिलने लगी है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार इस बार कोहरा अधिक दिनों तक पड़ने के कारण वसंत ऋतु में भी शीत का आभास होता रहा, लेकिन अब मौसम तेजी से बदलेगा।
दिन में पारा चढ़ने की शुरुआत गत एक फरवरी से हो गई, लेकिन बाद में पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी हुआ तो हवा चलने के साथ बादल छाए और दो दिन बाद 24 मिमी. बारिश हो गई। इससे हवा में आर्द्रता का स्तर बढ़ा तो रात से सुबह तक कोहरा छाए रहने से दिन में अधिकतम तापमान तीन डिग्री घट गया। वसंत पंचमी को ऋतु परिवर्तन का सूचक माना जाता है, लेकिन बेमौसम की बारिश ने दिन के साथ रात में भी सर्दी बढ़ा दी। इसके बावजूद दिन में पारा चढ़ता रहा और गत आठ फरवरी को अधिकतम तापमान बढ़कर 22.5 डिग्री हो गया। अगले दिन नौ फरवरी को मौसम ने फिर करवट बदली और 11 मिमी. बारिश हुई अधिकतम तापमान 7.5 डिग्री घटकर 15 डिग्री सेल्सियस हो गया।
तापमान में भारी गिरावट से ऐसा आभास हुआ कि सर्दी अभी ठहराव लेगी, लेकिन अगले दिन से बादल छटे ओर धूप निकलनी शुरू हुई तो दिन में पारा फिर से उछलने लगा। तब से रात में न्यूनतम तापमान में छह से नौ डिग्री सेल्सियस के बीच उतार-चढ़ाव बना है, लेकिन अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम के बदलाव का असर सामान्य जनजीवन पर भी दिखने लगा है। लोगों ने दिन में गर्म जैकेट, पुलोअर के बजाय हाफ जैकेट, गैर आस्तीन के स्वेटर पहनने शुरू कर दिए हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दो दिन से सुबह-शाम के वायुदाब में मामूली विचलन से यही संकेत मिल रहे हैं कि अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य बना रहेगा और दिन में धूप निकलने से आर्द्रता में कमी के साथ रात में न्यूनतम तापमान भी बढ़ेगा।
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अधिकतम तापमान में वृद्घि: एक नजर (डिग्री सेल्सियस)
09 फरवरी 15.0
10 फरवरी 20.5
11 फरवरी 21.5
12 फरवरी 22.5
13 फरवरी 22.8
14 फरवरी 23.8
15 फरवरी 23.6
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गेहूं और सरसों की फसल तेजी से होगी परिपक्व
शाहजहांपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार तापमान बढ़ने से गेहूं और सरसों का दाना मजबूत होने के साथ ही समय से परिपक्व हो जाएगा और गन्ना में मिठास भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरसों में फलियां बन गई हैं और गेहूं के पौधों में अब बालियां बनने का समय आ चुका है। इसलिए तापमान में वृद्धि इन फसलों के लिहाज से अनुकूल समय में हो रही है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार अभी वातावरण का तापक्रम बढ़ने की शुरुआत हुई है और गेहूं की बढ़वार में अधिकतम 30 डिग्री तक तापमान सहायक होता है। इसके साथ ही अब गन्ना भी परिपक्व होने के साथ उसकी तेजी से मोटाई बढ़ेगी, जिससे गन्ना का वजन बढ़ने पर किसान लाभान्वित होंगे। इस स्थिति में गन्ना मिठास में वृद्धि होने पर चीनी मिलों को बढ़ी हुई रिकवरी का लाभ मिलेगा। संवाद
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दिन में पारा चढ़ने की शुरुआत गत एक फरवरी से हो गई, लेकिन बाद में पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी हुआ तो हवा चलने के साथ बादल छाए और दो दिन बाद 24 मिमी. बारिश हो गई। इससे हवा में आर्द्रता का स्तर बढ़ा तो रात से सुबह तक कोहरा छाए रहने से दिन में अधिकतम तापमान तीन डिग्री घट गया। वसंत पंचमी को ऋतु परिवर्तन का सूचक माना जाता है, लेकिन बेमौसम की बारिश ने दिन के साथ रात में भी सर्दी बढ़ा दी। इसके बावजूद दिन में पारा चढ़ता रहा और गत आठ फरवरी को अधिकतम तापमान बढ़कर 22.5 डिग्री हो गया। अगले दिन नौ फरवरी को मौसम ने फिर करवट बदली और 11 मिमी. बारिश हुई अधिकतम तापमान 7.5 डिग्री घटकर 15 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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तापमान में भारी गिरावट से ऐसा आभास हुआ कि सर्दी अभी ठहराव लेगी, लेकिन अगले दिन से बादल छटे ओर धूप निकलनी शुरू हुई तो दिन में पारा फिर से उछलने लगा। तब से रात में न्यूनतम तापमान में छह से नौ डिग्री सेल्सियस के बीच उतार-चढ़ाव बना है, लेकिन अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम के बदलाव का असर सामान्य जनजीवन पर भी दिखने लगा है। लोगों ने दिन में गर्म जैकेट, पुलोअर के बजाय हाफ जैकेट, गैर आस्तीन के स्वेटर पहनने शुरू कर दिए हैं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार दो दिन से सुबह-शाम के वायुदाब में मामूली विचलन से यही संकेत मिल रहे हैं कि अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्य बना रहेगा और दिन में धूप निकलने से आर्द्रता में कमी के साथ रात में न्यूनतम तापमान भी बढ़ेगा।
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अधिकतम तापमान में वृद्घि: एक नजर (डिग्री सेल्सियस)
09 फरवरी 15.0
10 फरवरी 20.5
11 फरवरी 21.5
12 फरवरी 22.5
13 फरवरी 22.8
14 फरवरी 23.8
15 फरवरी 23.6
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गेहूं और सरसों की फसल तेजी से होगी परिपक्व
शाहजहांपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार तापमान बढ़ने से गेहूं और सरसों का दाना मजबूत होने के साथ ही समय से परिपक्व हो जाएगा और गन्ना में मिठास भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सरसों में फलियां बन गई हैं और गेहूं के पौधों में अब बालियां बनने का समय आ चुका है। इसलिए तापमान में वृद्धि इन फसलों के लिहाज से अनुकूल समय में हो रही है। डॉ. त्रिपाठी के अनुसार अभी वातावरण का तापक्रम बढ़ने की शुरुआत हुई है और गेहूं की बढ़वार में अधिकतम 30 डिग्री तक तापमान सहायक होता है। इसके साथ ही अब गन्ना भी परिपक्व होने के साथ उसकी तेजी से मोटाई बढ़ेगी, जिससे गन्ना का वजन बढ़ने पर किसान लाभान्वित होंगे। इस स्थिति में गन्ना मिठास में वृद्धि होने पर चीनी मिलों को बढ़ी हुई रिकवरी का लाभ मिलेगा। संवाद