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Shahjahanpur News: पारा 30 डिग्री के पार, अब गन्ने से चीनी रिकवरी बढ़ने के आसार

Wed, 01 Mar 2023 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Wed, 01 Mar 2023 12:34 AM IST
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Mercury crossed 30 degrees, now sugar recovery from sugarcane is expected to increase
शाहजहांपुर। दिन में लगातार तेज धूप से पारा उछल कर अब तीस डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। रात में भी न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री तक बना रहने से गन्ना किसानों और चीनी मिलों को ज्यादा लाभ होने की उम्मीद है।
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जनवरी के दूसरे सप्ताह से फरवरी के पहले सप्ताह तक मिलों को चीनी की रिकवरी (प्रति क्विंटल गन्ना से चीनी उत्पादन) बमुश्किल दस प्रतिशत मिल रही थी। बाद में तेज धूप निकलने पर एक प्रतिशत की वृद्धि हो गई। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि दिन में तापमान बढ़ने से गन्ने में मिठास बढ़ेगी और इससे चीनी रिकवरी 12 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।
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धूप की कमी का असर गन्ने की मिठास पर दो सप्ताह पहले तक दिखता रहा। गन्ने में मिठास बढ़ने को दिन में लगातार तेज धूप निकलना और 15 से 17 डिग्री तक तापमान बना रहना जरूरी है, लेकिन जनवरी केे अंत तक कोहरा और धुंध के कारण धूप कम निकलने से गन्ने में मिठास नहीं बढ़ सकी। इससे चीनी का परता भी 8.50 से 9.75 प्रतिशत के बीच सीमित रहा।
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अपवाद के तौर पर सिर्फ बिरला ग्रुप की रोजा मिल 10.84 प्रतिशत चीनी रिकवरी हासिल कर सकी। अब मौसम शुष्क होने के साथ उसमें बदलाव आने से न केवल गन्ना पुष्ट होने लगा है, बल्कि उसमें मिठास बढ़ने लगी है। अधिकारियों का कहना है कि धूप से गन्ना परिपक्व होने के कारण उसमें वजन बढ़ने का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और चीनी रिकवरी बढ़ने से मिलें भी फायदे में रहेंगी।
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253.21 लाख क्विंटल गन्ने की हो चुकी पेराई
जिले की सभी चीनी मिलों में गन्ना की पेराई नवंबर के तीसरे सप्ताह तक शुरू हो गई थी। तब से चीनी मिलें 253.21 लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ना पेरकर 23.33 लाख क्विंटल चीनी और 12.06 लाख क्विंटल शीरा बना चुकी हैं। निगोही मिल गन्ना के रस से जैविक ईंधन एथेनाल का उत्पादन करने के लिए चीनी के बजाय शीरा ज्यादा बना रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसीलिए निगोही मिल की पेराई क्षमता अन्य मिलों की तुलना में अधिक होने के बावजूद उसका चीनी परता सबसे कम बना हुआ है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल की चीनी रिकवरी गत माह की तुलना में करीब एक प्रतिशत बढ़ी, लेकिन पेराई क्षमता और संसाधनों की कमी के बावजूद तिलहर व पुवायां सहकारी चीनी मिलें उससे ज्यादा चीनी रिकवरी हासिल कर रही हैं।

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मिल वार चीनी की रिकवरी में हुई वृद्घि (प्रतिशत में)
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चीनी मिल गत माह चीनी रिकवरी वर्तमान चीनी रिकवरी
निगोही 8.54 8.68
मकसूदापुर 8.91 10.00
रोजा 10.84 11.50
तिलहर 9.67 10.72
पुवायां 9.69 11.05

वर्जन
लगातार तेज धूप गन्ने को दोहरा लाभ दे रही है। गन्ने का वजन बढ़ने के साथ ही उसमें मिठास का स्तर भी बढ़ने लगा है। लिहाजा मिलों की चीनी रिकवरी में सुधार दिखने लगा है। जैसे-जैसे धूप तेज होगी, उसी अनुपात में चीनी की रिकवरी भी बढ़ेगी। माह के अंत तक कई मिलें 12 प्रतिशत तक रिकवरी देने लगेंगी। निगोही मिल की चीनी रिकवरी कम होने पर भी उसे आर्थिक क्षति नहीं हो रही है क्योंकि यह मिल जैविक ईंधन एथेनॉल का व्यावसायिक उत्पादन कर लाभ कमा रही है। - डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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