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मांस कारोबारियों ने किया कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:15 AM IST
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प्रदशऱ्र्शन
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ द्वारा अवैध बूचड़खानों पर कार्यवाही के चलते शहर समेत जिले में चिकन-मटन के मीट की दुकानों का कारोबार ठप हो गया है। इससे बेरोजगार हुए कुरैशी समाज के लोगों को साथ लेकर जन समस्या मेला समिति के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन देकर जिले में मांस की आपूर्ति सामान्य बनाने के लिए बंद स्लाटर हाउस शीघ्र चालू कराने की गुहार की।
प्रदर्शनकारियोें का नेतृत्व करते हुए जन समस्या मेला समिति के जिलाध्यक्ष नौशाद कुरैशी ने कहा कि स्लाटर हाउस की कमियों को आधार बनाकर उन्हें जिस तरह बंद किया गया, उससे जिले में कुरैशी समाज के 20-25 हजार लोग बेरोजगार होने के साथ भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। खासतौर से मुस्लिम समाज में भय ओर निराशा पैदा हो गई है। यह स्थिति भारतीय समाज और लोकतंत्र के लिए बेहतर नहीं है।
ज्ञापन में लाइसेंसी और गैर लाइसेंसी मीट, मुर्गा, मछली आदि बेंचने वालों को नियमानुसार लाइसेंस बनाने के लिए अगले वर्ष 11 मार्च तक मोहलत देकर पूर्व की भांति मीट बिक्री करने की अनुमति दिए जाने, जिले में बंद कराए गए स्लाटर हाउस की मामूली कमियां दूर कराकर उन्हें शीघ्र चालू कराने, पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करने वालों का उत्पीड़न रोके जाने, प्रतिबंधित पशु कटान रोकने को कड़े कानून बनाने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में मो. सईद, तनवीर कादरी, अब्दुल लईक कुरैशी, रहमतउल्ला, आसिफ, असलम, चांद मियां, मो. सरताज, मो. हसीब कुरैशी, इकबाल हसन आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारियोें का नेतृत्व करते हुए जन समस्या मेला समिति के जिलाध्यक्ष नौशाद कुरैशी ने कहा कि स्लाटर हाउस की कमियों को आधार बनाकर उन्हें जिस तरह बंद किया गया, उससे जिले में कुरैशी समाज के 20-25 हजार लोग बेरोजगार होने के साथ भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। खासतौर से मुस्लिम समाज में भय ओर निराशा पैदा हो गई है। यह स्थिति भारतीय समाज और लोकतंत्र के लिए बेहतर नहीं है।
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ज्ञापन में लाइसेंसी और गैर लाइसेंसी मीट, मुर्गा, मछली आदि बेंचने वालों को नियमानुसार लाइसेंस बनाने के लिए अगले वर्ष 11 मार्च तक मोहलत देकर पूर्व की भांति मीट बिक्री करने की अनुमति दिए जाने, जिले में बंद कराए गए स्लाटर हाउस की मामूली कमियां दूर कराकर उन्हें शीघ्र चालू कराने, पशुओं की खरीद-फरोख्त का काम करने वालों का उत्पीड़न रोके जाने, प्रतिबंधित पशु कटान रोकने को कड़े कानून बनाने आदि मांगों का उल्लेख है। प्रदर्शन में मो. सईद, तनवीर कादरी, अब्दुल लईक कुरैशी, रहमतउल्ला, आसिफ, असलम, चांद मियां, मो. सरताज, मो. हसीब कुरैशी, इकबाल हसन आदि शामिल रहे।
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