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UP Nikay Chunav: तीन मंत्रियों के शहर में महापौर का चुनाव भाजपा के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल

Sun, 30 Apr 2023 03:21 PM IST
मुकेश कुमार आशीष त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
आशीष त्रिपाठी, संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 30 Apr 2023 03:21 PM IST
सार

शाहजहांपुर नगर निगम बनने से पहले नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। पहली बार महापौर पद का चुनाव हो रहा है। यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। 

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Mayor election in the city of three ministers became a question of dignity for BJP
हनुमत धाम, शाहजहांपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर के इतिहास में 13 मई को पहले महापौर का नाम दर्ज हो जाएगा। 31 नगर पालिका अध्यक्ष देखने के बाद पहली बार महापौर का चुनाव होने जा रहा है। मुख्य मुकाबला भले ही सपा और भाजपा के बीच नजर आ रहा है लेकिन अन्य प्रत्याशी भी चौंका सकते हैं। प्रदेश सरकार के तीन मंत्री शहर के होने के कारण महापौर की सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।

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वर्ष 2018 में नगर पालिका परिषद से नगर निगम बनने के बाद पहली बार हो रहे महापौर के चुनाव में आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद के हालात की तुलना करें तो शहर की दशा पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। टैक्स की मार बढ़ी है, कूड़ा निस्तारण के दावे खोखले साबित हुए हैं। सड़कें पहले से भी ज्यादा बदतर स्थिति में हैं। छुट्टा जानवर चौराहों पर बसेरा बनाए हैं। लोगों को महापौर से तमाम उम्मीदें हैं।
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नगर निगम बनने से पहले नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। वर्ष 2002 से 2017 तक सपा के तनवीर खां लगातार तीन बार चेयरमैन रहे। 2017 के चुनाव में महिला सीट होने पर तनवीर खां की मां जहांआरा ने भाजपा प्रत्याशी नीलम प्रसाद को हराकर सीट पर सपा का कब्जा बरकरार रखा, लेकिन कुछ समय बाद ही नगर निगम बनने पर नगर पालिका बोर्ड भंग हो गया। नगर पालिका में जहां 44 वार्ड थे, वहीं अब नगर निगम में 60 वार्ड हो चुके हैं। नगर निगम में अफसरशाही हावी रहने से जनता को जरूर नुकसान उठाना पड़ा।

पूरी मजबूती के साथ उतरे सभी दल 

पहली बार होने जा रहे महापौर के चुनाव में सभी दल पूरी मजबूती से लड़ने का दावा कर रहे हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 24 अप्रैल से एक दिन पहले सियासी उलटफेर देखने को मिला। सपा प्रत्याशी अर्चना वर्मा ने अचानक भाजपा का दामन थाम लिया। हतप्रभ सपा को रातोंरात माला राठौर को प्रत्याशी बनाना पड़ा। बसपा और कांग्रेस से मुस्लिम प्रत्याशी आने के बाद सपा की चिंता बढ़ हुई है। 

मुस्लिम वोटों पर नजर

नगर निगम में करीब 40 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं। इसी के चलते कांग्रेस और बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी को वरीयता दी है। इसकी वजह से सपा को मुस्लिम वोटों के बंटने का डर है। सपा की बैठकों में भी कार्यकर्ताओं से मुस्लिम वोट न बंटने देने के लिए घर-घर जाने की अपील की जा रही है।

ओबीसी वोटर रहेंगे निर्णायक भूमिका में

शहर की सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा से टिकट के अधिकतर दावेदार वैश्य बिरादरी से थे। टिकट अर्चना वर्मा को मिलने के बाद उनमें नाराजगी है। हालांकि भाजपा वैश्य बिरादरी के वोटों पर अपने हक का दावा करती रही है, लेकिन सपा इस नाराजगी को भुनाने की कोशिश में है।

नगर पालिका का इतिहास

शाहजहांपुर नगर पालिका का इतिहास 1916 से शुरू होता है। तब से 2017 तक 31 पालिकाध्यक्ष बने। बीच में नौ बार सुपरसेशन पीरियड रहा। फजलुर्रहमान उर्फ छोटे खां चार बार चेयरमैन रहे। वह आजादी से पहले और आजादी के बाद भी चेयरमैन रहे। वह 1927 में पहली बार और 1953 में आखिरी बार नगर पालिकाध्यक्ष बने। नगर पालिका की अंतिम अध्यक्ष जहांआरा रहीं। वह 2017 में अध्यक्ष बनीं और फिर कुछ समय बाद ही नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा मिल गया।

शहर की पहचान

शाहजहांपुर को शहीद नगरी के उपनाम से जाना जाता है। काकोरी एक्शन केस में अमर बलिदानी पं. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां और ठा. रोशन सिंह ने फांसी के फंदे को चूमकर पूरे देश में शाहजहांपुर को प्रसिद्धि दिला दी थी। शहर में खन्नौत नदी के बीच बने हनुमत धाम में हनुमान जी की 104 फिट ऊंची प्रतिमा आस्था का केंद्र है। शहीद उद्यान और शहीद संग्रहालय भी शहर की पहचान है।

शहर की समस्याएं

1. गंदगी
2. अतिक्रमण और जाम
3. नगर निगम में शामिल किए गए गांव-मोहल्लों का पिछड़ापन
4. टैक्स का बढ़ा होना
5. सीवर लाइन खोदाई के बाद शहर की सड़कों की खस्ता हालत

महापौर पद के प्रत्याशी

1. भाजपा- अर्चना वर्मा
2. सपा- माला राठौर
3. कांग्रेस- निकहत इकबाल
4. बसपा- शगुफ्ता अंजुम
5. आम आदमी पार्टी- सुमन वर्मा
6. राष्ट्रीय समाज पार्टी - मीरा देवी
7. निर्दलीय- जोहा इकबाल
8. निर्दलीय- सुनीता यादव

जातिगत आंकड़े (अनुमानित)

कुल वोट--3,27,497
मुस्लिम - 1,30000
वैश्य : 40000
ब्राह्मण : 25000 
क्षत्रिय : 10000 
लोधी : 20000
यादव : 10000
अन्य पिछड़ा : 50000
अनुसूचित जाति : 60000

नगर निगम एक नजर में
जनसंख्या- करीब चार लाख

वार्ड- 60
कुल मतदाता- 3,27,487
पुरुष मतदाता- 1, 74,986
महिला मतदाता - 1,52,501
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