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तीस मई तक शिक्षक बन जाएंगे शिक्षामित्र
शाहजहांपुर
Updated Fri, 22 May 2015 11:59 PM IST
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शिक्षामित्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, अधिकांश का समायोजन 30 मई तक होगा। इसके बाद करीब आठ हजार शिक्षामित्र रह जाएंगे, उन लोगों को भी समायोजित करने की तैयारी चल रही है। यह विचार प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान व्यक्त किए। इस दौरान कई शिक्षामित्रों ने मांग पत्र दिए तो उन्होंने बेसिक शिक्षामंत्री के समक्ष उनकी मांग उठाने का आश्वासन दिया।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई वार्ता के दौरान गाजी ने कहा कि वह फर्रुखाबाद में हो रहे जिला सम्मेलन में भाग लेने के लिए जा रहे थे। कहा कि दूसरे बैच के अधिकांश शिक्षामित्रों का 30 मई तक समायोजन हो जाएगा। इसके बाद जो आठ हजार शिक्षक शेष बचेंगे उन्हें प्रमोशन करके या पद सृजन करके मूल जनपद में समायोजित करने की मांग संघ करेगा।
गाजी ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी शिक्षक संघ में विलय नहीं करेगा, बल्कि प्राथमिक शिक्षामित्र-शिक्षक संघ के रूप में बनेगा। कहा कि इसके लिए अर्जी दी जा चुकी है। कहा कि शिक्षामित्र संघ ने शून्य से शिखर का सफर मेहनत से तय किया है। इसके लिए शिक्षामित्रों ने सैकड़ों कुर्बानियां दी हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षामित्रों से समायोजित हुए शिक्षकों ने भी संगठन बना लिया है। वे लोग यह नहीं जानते हैं कि उन्हें समायोजित कराने में शिक्षामित्र संघ का ही हाथ हैं। बोले कि अब शिक्षामित्र संघ पुरानी पेंशन योजना, शिक्षकों के आश्रितों को 10 प्रतिशत आरक्षण, मृतक आश्रितों की सीमा पांच वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने जैसी तमाम मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करेगा। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री पुनीत चौधरी, प्रदेश उप महामंत्री रमेश मिश्रा, प्रदेश मंत्री कौशल किशोर, जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित आदि मौजूद रहे।
गाजी का शिक्षामित्रों ने किया स्वागत
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला का स्थानीय पदाधिकारियों ने फूलमालाएं पहनाकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में स्वागत किया। स्वागत करने वालाें में जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित, महामंत्री रामपूत पाल, जिला उपाध्यक्ष वेदवर्मा, सचिन मिश्रा, आलोक वर्मा, धर्मेंद्र सिंह, विक्रांत मिश्रा, ऊषा मिश्रा, राधा रानी पांडेय, फरजाना परवीन, आराधना, मिथिलेश यादव, सुबोध वर्मा, कौशलेंद्र भदौरिया, ऋषिकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
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पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई वार्ता के दौरान गाजी ने कहा कि वह फर्रुखाबाद में हो रहे जिला सम्मेलन में भाग लेने के लिए जा रहे थे। कहा कि दूसरे बैच के अधिकांश शिक्षामित्रों का 30 मई तक समायोजन हो जाएगा। इसके बाद जो आठ हजार शिक्षक शेष बचेंगे उन्हें प्रमोशन करके या पद सृजन करके मूल जनपद में समायोजित करने की मांग संघ करेगा।
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गाजी ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन किसी भी शिक्षक संघ में विलय नहीं करेगा, बल्कि प्राथमिक शिक्षामित्र-शिक्षक संघ के रूप में बनेगा। कहा कि इसके लिए अर्जी दी जा चुकी है। कहा कि शिक्षामित्र संघ ने शून्य से शिखर का सफर मेहनत से तय किया है। इसके लिए शिक्षामित्रों ने सैकड़ों कुर्बानियां दी हैं।
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षामित्रों से समायोजित हुए शिक्षकों ने भी संगठन बना लिया है। वे लोग यह नहीं जानते हैं कि उन्हें समायोजित कराने में शिक्षामित्र संघ का ही हाथ हैं। बोले कि अब शिक्षामित्र संघ पुरानी पेंशन योजना, शिक्षकों के आश्रितों को 10 प्रतिशत आरक्षण, मृतक आश्रितों की सीमा पांच वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष करने जैसी तमाम मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करेगा। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री पुनीत चौधरी, प्रदेश उप महामंत्री रमेश मिश्रा, प्रदेश मंत्री कौशल किशोर, जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित आदि मौजूद रहे।
गाजी का शिक्षामित्रों ने किया स्वागत
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला का स्थानीय पदाधिकारियों ने फूलमालाएं पहनाकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में स्वागत किया। स्वागत करने वालाें में जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित, महामंत्री रामपूत पाल, जिला उपाध्यक्ष वेदवर्मा, सचिन मिश्रा, आलोक वर्मा, धर्मेंद्र सिंह, विक्रांत मिश्रा, ऊषा मिश्रा, राधा रानी पांडेय, फरजाना परवीन, आराधना, मिथिलेश यादव, सुबोध वर्मा, कौशलेंद्र भदौरिया, ऋषिकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।