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देवोत्थान एकादशी पर हुईं शादियां, बैंड-बजे और डीजे पर झूमे बराती
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शाहजहांपुर में रविवार को बैंड-बाजार के साथ निकली बारात
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। देवोत्थान एकादशी के साथ रविवार को मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो गई। इसके चलते शहर में बैंड-बाजा और डीजे का हर ओर शोर-शराबा रहा। मैरिज लॉन से लेकर सभी प्रमुख स्थानों पर विवाह कार्यक्रमों के आयोजन हुए। प्रमुख सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक में शादी के पंडाल सजे। रात आठ बजे से शुरू हुआ बैंड-बाजा बजने का क्रम आधी रात के बाद तक जारी रहा। डीजे में देर रात तक लोग नाचते नजर आए।
इस दौरान शहर में जगह-जगह जाम भी लगा। सहालग शुरू होने से विवाह आदि से जुड़े व्यापार संचालकों के चेहरे खिल गए हैं। देवोत्थान एकादशी पर तुलसी और शालिग्राम का विवाह होता है, इसलिए विवाह के लिहाज से इस तिथि पर अबूझ मुहूर्त है। ऐसे में देवोत्थान पर विवाह मुहूर्त न होने के बावजूद लोगों ने अपने बेटे या बेटी का विवाह कराया। रात में शहर में कई बरात होने से जगह-जगह जाम की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ा। हालांकि धीरे-धीरे कर यातायात चलता रहा। सहालग का सीजन शुरू होने से शादियों से जुड़े हुए व्यापार-धंधों में भी रौनक बढ़ने लगी है।
कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद कैटर्स, मैरिज लॉन संचालक, बैंड-बाजे वाले आदि को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से व्यापार पटरी पर आने की उम्मीद है। रविवार को कई जगहों पर विवाह का आयोजन किया गया था। कोरोना संक्रमण के डर से अब भी लोग बरात में ज्यादा बराती लाना पसंद नहीं कर रहे हैं। भीड़भाड़ से बचने के लिए लड़की पक्ष भी कम लोगों को ही बुला रहे हैं।
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हालांकि शासन ने कोरोना नियमों में आयोजनों को लेकर काफी ढील दी हुई है। देर रात तक शादियों में लोग डीजे पर डांस करते नजर आए। टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु कुमार मेहरोत्रा ने बताया कि रविवार को शहर में लगभग 30 से 40 शादियां हुईं। उन्होंने ही तीन शादियों में टेंट आदि लगवाया। शहर में टेंट संचालकों की संख्या 150 के आसपास है। करीब 50 मैरिज लॉन हैं। आने वाले समय अच्छी सहालग होने की उम्मीद है। बुकिंग तेजी से बढ़ रही है।
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इस दौरान शहर में जगह-जगह जाम भी लगा। सहालग शुरू होने से विवाह आदि से जुड़े व्यापार संचालकों के चेहरे खिल गए हैं। देवोत्थान एकादशी पर तुलसी और शालिग्राम का विवाह होता है, इसलिए विवाह के लिहाज से इस तिथि पर अबूझ मुहूर्त है। ऐसे में देवोत्थान पर विवाह मुहूर्त न होने के बावजूद लोगों ने अपने बेटे या बेटी का विवाह कराया। रात में शहर में कई बरात होने से जगह-जगह जाम की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ा। हालांकि धीरे-धीरे कर यातायात चलता रहा। सहालग का सीजन शुरू होने से शादियों से जुड़े हुए व्यापार-धंधों में भी रौनक बढ़ने लगी है।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद कैटर्स, मैरिज लॉन संचालक, बैंड-बाजे वाले आदि को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब फिर से व्यापार पटरी पर आने की उम्मीद है। रविवार को कई जगहों पर विवाह का आयोजन किया गया था। कोरोना संक्रमण के डर से अब भी लोग बरात में ज्यादा बराती लाना पसंद नहीं कर रहे हैं। भीड़भाड़ से बचने के लिए लड़की पक्ष भी कम लोगों को ही बुला रहे हैं।
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हालांकि शासन ने कोरोना नियमों में आयोजनों को लेकर काफी ढील दी हुई है। देर रात तक शादियों में लोग डीजे पर डांस करते नजर आए। टेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु कुमार मेहरोत्रा ने बताया कि रविवार को शहर में लगभग 30 से 40 शादियां हुईं। उन्होंने ही तीन शादियों में टेंट आदि लगवाया। शहर में टेंट संचालकों की संख्या 150 के आसपास है। करीब 50 मैरिज लॉन हैं। आने वाले समय अच्छी सहालग होने की उम्मीद है। बुकिंग तेजी से बढ़ रही है।