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मंडी समिति की टीम ने पकड़ी पशुओं से भरी डीसीएम गाड़ी
जलालाबाद (शाहजहांपुर)
Updated Sun, 11 Jan 2015 08:27 PM IST
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रविवार दोपहर कटरा-फर्रूखाबाद स्टेट हाईवे पर कस्बे के समीप स्थित धर्मकांटे पर मंडी समिति की टीम गाड़ियां चेक कर रही थी। इसी दौरान फर्रुखाबाद की ओर से आ रही एक डीसीएम गाड़ी चेकिंग स्थल से कुछ पहले रुकी और उसका चालक और हेल्पर गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर खेतों की ओर भाग गए। कुछ ही देर में वहां बजरंग दल के जिला संयोजक आलोक शर्मा, अनुराग शर्मा, सोनू दीक्षित, संजीव समेत हिंदू संगठनों सें जुड़े कई कार्यकर्ता आ गए और शक होने पर डीसीएम पर पड़ी तिरपाल को हटाया तो उसमें प्रतिबंधित पशु भरे हुए मिले। तुरंत ही इसकी सूचना कोतवाली में दी गई। पुलिस की मौजूदगी में खाली कराई गई सफेद रंग की इस डीसीएम गाड़ी में बीस से ज्यादा प्रतिबंधित पशु बरामद हुए, जिनमें से एक की मौत हो चुकी थी, जबकि कई पशु बुरी तरह से घायल थे। पुलिस ने डीसीएम गाड़ी को कब्जे में ले लिया है।
पशु तस्करी को बनवाई थी डीसीएम गाड़ी
रविवार को पकड़ी गई डीसीएम गाड़ी पशुओं की तस्करी करने के लिए ही बनाई गई थी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उक्त डीसीएम गाड़ी को गहनता से देखा। इसमें एक टंकी डीजल भरने के लिए थी जबकि दूसरी साइड में वैसी ही एक और टंकी लगी थी। डबल टंकी देख जब माझरा समझने की कोशिश की गई तो मामला चौकाना वाला निकला। इस टंकी में लगी एक मोटी नली का जुड़ाव डीसीएम गाड़ी की बाडी से था और इससे जानवरों की पेशाब बाहर न बहकर सीधे टंकी के अंदर भेजनेे का सिस्टम था। डीसीएम गाड़ी को इस तरह पैक किया गया था जैसे इसमें कोई लोड भरा हो।
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पशु तस्करी को बनवाई थी डीसीएम गाड़ी
रविवार को पकड़ी गई डीसीएम गाड़ी पशुओं की तस्करी करने के लिए ही बनाई गई थी। इसका खुलासा उस समय हुआ जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उक्त डीसीएम गाड़ी को गहनता से देखा। इसमें एक टंकी डीजल भरने के लिए थी जबकि दूसरी साइड में वैसी ही एक और टंकी लगी थी। डबल टंकी देख जब माझरा समझने की कोशिश की गई तो मामला चौकाना वाला निकला। इस टंकी में लगी एक मोटी नली का जुड़ाव डीसीएम गाड़ी की बाडी से था और इससे जानवरों की पेशाब बाहर न बहकर सीधे टंकी के अंदर भेजनेे का सिस्टम था। डीसीएम गाड़ी को इस तरह पैक किया गया था जैसे इसमें कोई लोड भरा हो।
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