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जिले में कुपोषित बच्चों की भरमार, बेड पड़े हैं खाली

Wed, 25 Mar 2015 10:49 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Wed, 25 Mar 2015 10:49 PM IST
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Malnourished children in the district Glut , beds remain empty
जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की भरमार है। बावजूद इसके जिला अस्पताल में बनाए गए पोषण पुनर्वास केंद्र के चार बेड खाली हैं। कई कुपोषणग्रस्त बच्चों को समय से इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे डीएम की कुपोषण के खिलाफ जंग कमजोर होती लगने लगी है।
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जिले में लंबाई और वजन के आधार पर सामान्य, कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की गणना की गई थी। इसके साथ ही कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ने के लिए जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र खोला गया था। इस केंद्र में अतिकुपोषित बच्चों की जांच करने के बाद भर्ती किया जाता है। डीएम के कुपोषण के जंग में एक्टिव होने की वजह से ग्राम प्रधानों से लेकर सरकारी मशीनरी में भी काफी सक्रियता नजर आई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि पुनर्वास केंद्र में तमाम बच्चे पहुंचे थे, जिससे बेड खाली नहीं बचे थे।
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इस पर डीएम ने ग्राम प्रधानों और सभी वार्ड मेंबर के खातों में धनराशि भेजकर कुपोषित बच्चों को 25 ग्राम गुड़ और दो केले खिलाने के लिए कहा था। अतिकुपोषित बच्चों को उनके घरों में ही न्यूट्रीशियन डाइट भेजी जा रही है। इसमें अधिक बीमार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जा रहा है। करीब दो सप्ताह से पोषण पुनर्वास केंद्र के आधे बेड खाली पड़े हैं। बावजूद इसके वहां पर अतिकुपोषित बच्चे भर्ती होने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।
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‘पोषण पुनर्वास केंद्र पर छह बेड पर अतिकुपोषित बच्चे एडमिट हैं। गांवों से बच्चे ही नहीं आ रहे हैं। कुछ बच्चे आए भी तो वे भर्ती होने के लायक नहीं हैं। उनको घर पर रखकर ही सही किया जा सकता है।’
- सुमन पाल, केंद्र इंचार्ज
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