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बिजली कटौती के निर्धारित कार्यक्रम का बना मजाक
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 08 Dec 2015 11:50 PM IST
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शहरी क्षेत्र में रोजाना नौ घंटे की बिजली कटौती के लिए पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल द्वारा लागू शेड्यूल का विभाग के उच्चाधिकारी मजाक बना रहे हैं। गत एक सप्ताह से कटौती के समय बिजली सप्लाई दी जा रही है, जबकि बिजली आपूर्ति के निर्धारित घंटों में पॉवर कट लागू हो रहा है। इससे जन सामान्य को यही पता नहीं चल पाता कि बिजली कब आएगी और कब जाएगी। नतीजे में बिजली के इंतजार में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और इससे सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं नौकरी पेशा और कामकाजी तबके के लोग।
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यह है कटौती का निर्धारित शेड्यूल
पॉवर कारपोरेशन के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल द्वारा शहरी क्षेत्र में गत एक वर्ष से अधिक समय से नौ घंटे की कटौती की जा रही है। हालांकि, कटौती के समय में कई बार बदलाव हो चुका है, लेकिन नौ घंटे की रोस्टरिंग अवधि में कोई रियायत नहीं दी गई। इधर, गत एक माह से बिजली कटौती का नया रोस्टर लागू किया गया। इसके तहत सुबह आठ बजे से लेकर 11 बजे तक, दोपहर दो बजे से पांच बजे तक और रात 11 बजे से एक बजे तक कटौती किए जाने की घोषणा की गई।
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रास नहीं आ रही आधी रात के बाद तक कटौती
जब से पॉवर कट का नया रोस्टर लागू हुआ है, रात 11 से एक बजे तक होने वाली कटौती का विरोध जारी है। दिन भर के थके-हारे लोग इस वजह से रात में खाना खाने के बाद लोग पसंदीदा टीवी सीरियल भी नहीं देख पा रहे हैं। इन्हीं सब कारणों से आधी रात के बाद तक होने वाली कटौती का व्यापार संगठन और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता विरोध कर चुके हैं।
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मनमानी कटौती से फीकी पड़ी बाजारों की रौनक
आधी रात को होने वाली कटौती का विरोध होते देख पॉवर सिस्टम कंट्रोल ने नया पैंतरा अपनाते हुए रात आठ बजे से तीन घंटे तक शहर में ब्लैक आउट करना शुरू कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ कि बाजारों की रौनक गायब होने लगी और दुकानें भी मजबूरी में जल्दी बंद होने लगीं। रात 11 बजे तक सड़कों पर अंधेरा पसरा रहने के कारण दिन भर हुई बिक्री की रोकड़ लेकर घर जाने वाले व्यापारियों को रास्ते में छिनैती और लूटपाट होने की आशंका सता रही है।
मनमाने तरीके से रात में कटौती किए जाने से समाज के सभी वर्ग परेशान हैं। जन सामान्य को यह जानने का अधिकार है कि बिजली कब जाएगी और कब आएगी। यह तभी संभव है जब सिस्टम कंट्रोल के रोस्टरिंग शेड्यूल का कड़ाई से पालन हो। ट्रांसमिशन शाखा के अधिकारी मनमाने तरीके से कटौती कर रहे हैं और इसकी शिकायत ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के मुख्य अभियंताओं से की जा चुकी है। - एसके श्रीवास्तव, प्रभारी एक्सईएन सिटी, पॉवर कारपोरेशन
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यह है कटौती का निर्धारित शेड्यूल
पॉवर कारपोरेशन के लखनऊ सिस्टम कंट्रोल द्वारा शहरी क्षेत्र में गत एक वर्ष से अधिक समय से नौ घंटे की कटौती की जा रही है। हालांकि, कटौती के समय में कई बार बदलाव हो चुका है, लेकिन नौ घंटे की रोस्टरिंग अवधि में कोई रियायत नहीं दी गई। इधर, गत एक माह से बिजली कटौती का नया रोस्टर लागू किया गया। इसके तहत सुबह आठ बजे से लेकर 11 बजे तक, दोपहर दो बजे से पांच बजे तक और रात 11 बजे से एक बजे तक कटौती किए जाने की घोषणा की गई।
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रास नहीं आ रही आधी रात के बाद तक कटौती
जब से पॉवर कट का नया रोस्टर लागू हुआ है, रात 11 से एक बजे तक होने वाली कटौती का विरोध जारी है। दिन भर के थके-हारे लोग इस वजह से रात में खाना खाने के बाद लोग पसंदीदा टीवी सीरियल भी नहीं देख पा रहे हैं। इन्हीं सब कारणों से आधी रात के बाद तक होने वाली कटौती का व्यापार संगठन और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता विरोध कर चुके हैं।
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मनमानी कटौती से फीकी पड़ी बाजारों की रौनक
आधी रात को होने वाली कटौती का विरोध होते देख पॉवर सिस्टम कंट्रोल ने नया पैंतरा अपनाते हुए रात आठ बजे से तीन घंटे तक शहर में ब्लैक आउट करना शुरू कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ कि बाजारों की रौनक गायब होने लगी और दुकानें भी मजबूरी में जल्दी बंद होने लगीं। रात 11 बजे तक सड़कों पर अंधेरा पसरा रहने के कारण दिन भर हुई बिक्री की रोकड़ लेकर घर जाने वाले व्यापारियों को रास्ते में छिनैती और लूटपाट होने की आशंका सता रही है।
मनमाने तरीके से रात में कटौती किए जाने से समाज के सभी वर्ग परेशान हैं। जन सामान्य को यह जानने का अधिकार है कि बिजली कब जाएगी और कब आएगी। यह तभी संभव है जब सिस्टम कंट्रोल के रोस्टरिंग शेड्यूल का कड़ाई से पालन हो। ट्रांसमिशन शाखा के अधिकारी मनमाने तरीके से कटौती कर रहे हैं और इसकी शिकायत ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन डिवीजन के मुख्य अभियंताओं से की जा चुकी है। - एसके श्रीवास्तव, प्रभारी एक्सईएन सिटी, पॉवर कारपोरेशन