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Shahjahanpur News: खुटार उपकेंद्र पर जमकर हंगामा... 21 घंटे तक घर में रखा रहा हेल्पर का शव
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खुटार में संविदा लाइनमैन के हेल्पर भगवादास का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
- फोटो : 1
खुटार (शाहजहांपुर)। करंट लगने से लाइनमैन के साथी (हेल्पर) की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजा, परिजन को नौकरी दिलाने आदि मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। जमकर हंगामा किया। 21 घंटे बाद लिखित समझौता होने पर अंतिम संस्कार किया गया।
मूलरूप से पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव मोहनपुर गोविंदपुर निवासी 40 वर्षीय भगवानदास कई सालों से खुटार के विद्युत उपकेंद्र परिसर के सरकारी आवास में परिवार सहित रह रहे थे। भगवानदास को कई वर्ष पहले संविदा लाइनमैन पद से हटा दिया गया था, जिसका मुकदमा विचाराधीन है।
इसके बाद भगवानदास को विद्युत निगम के एक संविदा लाइनमैन ने अपने स्तर से हेल्पर के रूप में रख लिया था। बृहस्पतिवार को हाईटेंशन लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कराए बिना ही लाइनमैन ने उनको गांव भटनौसा में संजय त्रिवेदी के निजी नलकूप की एलटी लाइन सही करने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया। इस दौरान तार हाईटेंशन लाइन में छू जाने से करंट लगने से भगवानदास की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने भगवानदास के भाई अनुराग की तहरीर पर लाइनमैन खुटार के मोहल्ला पटवा वार्ड के संजय, गौरव, मोहल्ला कोट के छोटे और खेतस्वामी संजय त्रिवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 26 मार्च की शाम सात बजे पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव को विद्युत उपकेंद्र के आवास में रख दिया।
शुक्रवार सुबह परिजनों ने भगवानदास की पत्नी मनीषा देवी को विद्युत निगम में नौकरी देने, परिवार के पालन पोषण के लिए 20 लाख रुपये देने, परिवार को सरकारी आवास से न निकाले जाने की मांग करते हुए लिखित में आश्वासन तक अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
सूचना पाकर एक्सईएन पुनीत निगम, सीओ प्रवीण मलिक, थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह, बंडा विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ मुनीश सिंह, नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। इस दौरान कई बार परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
एक्सईएन और सीओ ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को विभाग की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। भगवानदास की पत्नी को विभाग में नौकरी भी दी जाएगी। बालिग होने तक भगवानदास के बच्चे सरकारी आवास में रह सकेंगे। आश्वासन के बाद शाम चार बजे भगवानदास के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हंगामे से कई बार बिगड़ा माहौल, दफ्तरों को कराया बंद
अधिकारियों से वार्ता के बीच बात नहीं बनने पर भीड़ के हंगामा करने पर कई बार माहौल गरमा गया। तमाशबीनों की भीड़ के चलते भी दिक्कत हुई। लोगों और अधिकारियों ने किसी तरह माहौल को शांत कर वार्ता जारी रखी। इस दौरान परिजनों ने विद्युत उपकेंद्र के कार्यालय भी बंद करा दिए। बाद में बंडा के एसडीओ के समझाने पर कार्यालयों के ताले खाेले गए।
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परिजनों से वार्ता की गई थी। आश्वासन दिया गया है कि जब संविदा पर नौकरी निकलेगी तो मृतक की पत्नी को संविदा पद पर समायोजित किया जाएगा।
-पुनीत निगम, एक्सईएन बिजली निगम पुवायां
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परिवार वालों की कुछ मांगें थीं। इस पर विद्युत निगम के अधिकारियों ने वार्ता की थी। मुकदमे के संबंध में जांच और कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां
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मूलरूप से पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव मोहनपुर गोविंदपुर निवासी 40 वर्षीय भगवानदास कई सालों से खुटार के विद्युत उपकेंद्र परिसर के सरकारी आवास में परिवार सहित रह रहे थे। भगवानदास को कई वर्ष पहले संविदा लाइनमैन पद से हटा दिया गया था, जिसका मुकदमा विचाराधीन है।
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इसके बाद भगवानदास को विद्युत निगम के एक संविदा लाइनमैन ने अपने स्तर से हेल्पर के रूप में रख लिया था। बृहस्पतिवार को हाईटेंशन लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कराए बिना ही लाइनमैन ने उनको गांव भटनौसा में संजय त्रिवेदी के निजी नलकूप की एलटी लाइन सही करने के लिए खंभे पर चढ़ा दिया। इस दौरान तार हाईटेंशन लाइन में छू जाने से करंट लगने से भगवानदास की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने भगवानदास के भाई अनुराग की तहरीर पर लाइनमैन खुटार के मोहल्ला पटवा वार्ड के संजय, गौरव, मोहल्ला कोट के छोटे और खेतस्वामी संजय त्रिवेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 26 मार्च की शाम सात बजे पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव को विद्युत उपकेंद्र के आवास में रख दिया।
शुक्रवार सुबह परिजनों ने भगवानदास की पत्नी मनीषा देवी को विद्युत निगम में नौकरी देने, परिवार के पालन पोषण के लिए 20 लाख रुपये देने, परिवार को सरकारी आवास से न निकाले जाने की मांग करते हुए लिखित में आश्वासन तक अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।
सूचना पाकर एक्सईएन पुनीत निगम, सीओ प्रवीण मलिक, थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह, बंडा विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ मुनीश सिंह, नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। इस दौरान कई बार परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
एक्सईएन और सीओ ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को विभाग की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाया जाएगा। भगवानदास की पत्नी को विभाग में नौकरी भी दी जाएगी। बालिग होने तक भगवानदास के बच्चे सरकारी आवास में रह सकेंगे। आश्वासन के बाद शाम चार बजे भगवानदास के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हंगामे से कई बार बिगड़ा माहौल, दफ्तरों को कराया बंद
अधिकारियों से वार्ता के बीच बात नहीं बनने पर भीड़ के हंगामा करने पर कई बार माहौल गरमा गया। तमाशबीनों की भीड़ के चलते भी दिक्कत हुई। लोगों और अधिकारियों ने किसी तरह माहौल को शांत कर वार्ता जारी रखी। इस दौरान परिजनों ने विद्युत उपकेंद्र के कार्यालय भी बंद करा दिए। बाद में बंडा के एसडीओ के समझाने पर कार्यालयों के ताले खाेले गए।
परिजनों से वार्ता की गई थी। आश्वासन दिया गया है कि जब संविदा पर नौकरी निकलेगी तो मृतक की पत्नी को संविदा पद पर समायोजित किया जाएगा।
-पुनीत निगम, एक्सईएन बिजली निगम पुवायां
परिवार वालों की कुछ मांगें थीं। इस पर विद्युत निगम के अधिकारियों ने वार्ता की थी। मुकदमे के संबंध में जांच और कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां

खुटार में संविदा लाइनमैन के हेल्पर भगवादास का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन- फोटो : 1