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मैलानी-फर्रुखाबाद ट्रैक बिछने की उम्मीद बढ़ी
अशोक द्विवेदी/जलालाबाद।
Updated Tue, 07 Apr 2015 12:03 AM IST
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दो साल पहले पूर्वोत्तर रेलवे ने मैलानी-फर्रुखाबाद के बीच रेेलवे लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराया था। बाद में यह परियोजना खटाई में पड़ गई। इससे क्षेत्र के लोगों को खासी निराशा हुई। उपभोक्ता संरक्षण मंच ने पिछले दिनों सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानकारी में रेलवे ने जो सूचना दी है, उससे लोगों में खुशी दौड़ गई है। पता चला है कि यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट प्रगति की दिशा में कई स्तर पर आगे बढ़ चुका है।
पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के चीफ अभियंता निर्माण की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि वर्ष 2013 में लखनऊ की प्राइवेट कंपनी से सर्वेे कराए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सिग्नल, बिजली तथा सिविल मैकेनिक आदि के निर्माण संबंधी स्टीमेट तैयार कराकर इससे जुड़ी कई अन्य तरह की कार्रवाई रेलवे प्रशासन द्वारा की जा रही है। साथ ही यातायात सर्वेक्षण के लिए टीम का गठन हो चुका है। यह टीम जल्द ही क्षेत्र में जाकर व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों से मिलकर आवश्यक सूचनाओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे को अगली कार्रवाई के लिए प्रेषित करेगी।
बता दें कि मंच के पदाधिकारियों समेत क्षेत्र की जनता की ओर से लगातार की जा रही मांग के बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मैलानी- फर्रुखाबाद के बीच रेलवे लाइन के लिए सर्वे कराए जाने की अनुमति दी थी, लेकिन वर्ष 2013 में सर्वे कार्य पूरा हो जाने के बाद जमीन स्तर पर कोई कार्य आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा था। इससे लोग निराश हो गये थे।
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पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के चीफ अभियंता निर्माण की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि वर्ष 2013 में लखनऊ की प्राइवेट कंपनी से सर्वेे कराए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए सिग्नल, बिजली तथा सिविल मैकेनिक आदि के निर्माण संबंधी स्टीमेट तैयार कराकर इससे जुड़ी कई अन्य तरह की कार्रवाई रेलवे प्रशासन द्वारा की जा रही है। साथ ही यातायात सर्वेक्षण के लिए टीम का गठन हो चुका है। यह टीम जल्द ही क्षेत्र में जाकर व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों से मिलकर आवश्यक सूचनाओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर महाप्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे को अगली कार्रवाई के लिए प्रेषित करेगी।
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बता दें कि मंच के पदाधिकारियों समेत क्षेत्र की जनता की ओर से लगातार की जा रही मांग के बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मैलानी- फर्रुखाबाद के बीच रेलवे लाइन के लिए सर्वे कराए जाने की अनुमति दी थी, लेकिन वर्ष 2013 में सर्वे कार्य पूरा हो जाने के बाद जमीन स्तर पर कोई कार्य आगे बढ़ता नजर नहीं आ रहा था। इससे लोग निराश हो गये थे।
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